मुख्यमंत्री ने बिहार में कम बारिश से उत्पन्न स्थिति की समीक्षा के बाद की घोषणा, 23 जिलों के 206 प्रखंड सूखाग्रस्त

Updated at : 16 Oct 2018 6:16 AM (IST)
विज्ञापन
मुख्यमंत्री ने बिहार में कम बारिश से उत्पन्न स्थिति की समीक्षा के बाद की घोषणा, 23 जिलों के 206 प्रखंड सूखाग्रस्त

पटना : राज्य के 23 जिलों के 206 प्रखंडों को सूखाग्रस्त घोषित कर दिया गया है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को राज्य में कम बारिश से उत्पन्न स्थिति की समीक्षा के बाद इसकी घोषणा की. मुख्यमंत्री के समक्ष कृषि, पशु एवं मत्स्य संसाधन, पीएचईडी, जल संसाधन, ग्रामीण विकास व ऊर्जा, विभाग ने इस संबंध […]

विज्ञापन
पटना : राज्य के 23 जिलों के 206 प्रखंडों को सूखाग्रस्त घोषित कर दिया गया है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को राज्य में कम बारिश से उत्पन्न स्थिति की समीक्षा के बाद इसकी घोषणा की. मुख्यमंत्री के समक्ष कृषि, पशु एवं मत्स्य संसाधन, पीएचईडी, जल संसाधन, ग्रामीण विकास व ऊर्जा, विभाग ने इस संबंध में अद्यतन रिपोर्ट पेश की. कृषि विभाग के प्रधान सचिव ने बताया कि सूखे की स्थिति के लिए तीन पैमाने तय किये गये हैं, जिनमें खेत की मौलिक स्थिति, फसलों के मुरझाने की स्थिति और उपज में 33%से कम उत्पादन शामिल हैं.
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक की प्राप्त रिपोर्टों के आधार पर कृषि विभाग ने सूखे की स्थिति के लिए जो तीन पैमाने तय किये हैं, उनमें से किसी एक पैमाने पर खरा उतरने वाले 23 जिलों के 206 प्रखंडों को सूखाग्रस्त घोषित किया गया है. आगे इन पैमानों के आधार पर जो रिपोर्ट आयेगी, उस पर निगरानी रखते हुए अन्य जिलों और प्रखंडों के संबंध में उचित निर्णय लिया जायेगा.
बैठक में ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, जल संसाधन मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, कृषि मंत्री प्रेम कुमार, पीएचईडी मंत्री बिनोद नारायण झा, आपदा प्रबंधन मंत्री दिनेश चंद्र यादव, सहकारिता मंत्री राणा रंधीर सिंह, मुख्यमंत्री के परामर्शी अंजनी कुमार सिंह, मुख्य सचिव दीपक कुमार, विकास आयुक्त अरुण कुमार सिंह सहित अन्य आलाधिकारी मौजूद थे.
मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक के बाद हुआ निर्णय
31 तक करा लें रजिस्ट्रेशन
मुख्यमंत्री ने कहा कि फसल सहायता योजना का लाभ लेने के लिए 31 अक्टूबर तक और इनपुट सब्सिडी का लाभ लेने के लिए 15 नवंबर तक किसान रजिस्ट्रेशन करवा लें. उन्होंने कहा कि इसका प्रचार–प्रसार किसानों तक हो, ताकि उन्हें जल्द जानकारी मिल सके और वे रजिस्ट्रेशन करवा सकें. पहले से ही धान पर पांच, गेहूं पर चार और मक्का पर तीन सिंचाई के लिए डीजल सब्सिडी और बिजली आपूर्ति के माध्यम से पटवन में सरकार सहयोग कर रही है.
लगान, कॉपरेटिव लोन, पटवन व बिजली शुल्क वसूली रहेगी स्थगित : सभी जिलों के प्रखंडों में सुखाड़ से निबटने के लिए सहायता राज्य सरकार अपने संसाधन से उपलब्ध करायेगी. इन जिलों में किसानों से सहकारिता ऋण, लगान एवं सेस, पटवन व विद्युत शुल्क की वसूली 2018-19 के लिए स्थगित रहेगी. पीड़ित जिलों में फसल को बचाने, वैकल्पिक कृषि कार्य की व्यवस्था करने, रोजगार उपलब्ध कराने, पशुओं का रखरखाव आदि के लिए आवश्यकतानुसार मदद की व्यवस्था की जायेगी.
पटना जिले में ये प्रखंड सूखाग्रस्त घोषित : विक्रम, दनियावां, धनरूआ, दुल्हिन बाजार, मसौढ़ी, नौबतपुर, पालीगंज, फुलवारीशरीफ.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन