पटना : गांधी आज भी प्रासंगिक हैं और कल भी रहेंगे

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पटना : गांधीजी के विचार, उनके दर्शन और उनके सिद्धांत कल भी प्रासंगिक थे, आज भी हैं और कल भी रहेंगे. गांधी जी के स्वच्छ भारत के सपने को साकार करने में हम आज भी सक्षम नहीं है, क्योंकि सिर्फ फोटो खिंचवाने के लिए झाड़ू खरीद कर एक दिन सड़कों पर सफाई करने से स्वच्छ […]

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पटना : गांधीजी के विचार, उनके दर्शन और उनके सिद्धांत कल भी प्रासंगिक थे, आज भी हैं और कल भी रहेंगे. गांधी जी के स्वच्छ भारत के सपने को साकार करने में हम आज भी सक्षम नहीं है, क्योंकि सिर्फ फोटो खिंचवाने के लिए झाड़ू खरीद कर एक दिन सड़कों पर सफाई करने से स्वच्छ भारत का सपना पूरा नहीं होगा.
यह बातें पाटलिपुत्र यूनिवर्सिटी के प्रति कुलपति प्रो गिरीश कुमार चौधरी ने कही. वह मंगलवार को कॉलेज ऑफ कॉमर्स आर्ट्स एंड साइंस में ‘वर्तमान परिप्रेक्ष्य में गांधीवादी दर्शन की प्रासंगिकता’ विषय पर आयोजित सेमिनार को संबोधित कर रहे थे. मुख्य वक्ता विकास प्रबंधन संस्थान पटना के निदेशक प्रो हेमनाथ राव हनुमानकर ने कहा कि नॉलेज, स्किल और एप्टीट्यूड से ही युवा गांधी जी के विचारों को अपनाते हुए देश के विकास में योगदान दे सकते हैं.
विशिष्ट अतिथि तिलका मांझी यूनिवर्सिटी के प्रो परमानंद सिंह ने कहा कि गांधीजी का मानना था कि सफलता सपनों के संसार से नहीं बल्कि छोटे-छोटे प्रयासों से मिलती है. विकास का मतलब समाज, प्रवृत्ति और परिवार का समावेशी विकास है. प्राचार्य प्रो तपन कुमार शांडिल्य ने अतिथियों का स्वागत किया.
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