पटना : पुरुषोत्तम के बेटे के लैपटॉप में मिले एके-47 की डील के प्रमाण
Updated at : 10 Sep 2018 8:27 AM (IST)
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आर्मोरर नियाजुल हसन व पुरुषोत्तम रजक की तैनाती वाले सभी सीओडी से पुलिस ने मांगा ब्योरा पटना : एमपी के जबलपुर सीओडी से चुराकर बेचे गये एके-47 और पार्ट-पुर्जे की जांच का दायरा बढ़ता ही जा रहा है. बिहार और एमपी की पुलिस अब तक गिरफ्तार किये गये सभी आरोपितों की कुंडली खंगाल रही है. […]
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आर्मोरर नियाजुल हसन व पुरुषोत्तम रजक की तैनाती वाले सभी सीओडी से पुलिस ने मांगा ब्योरा
पटना : एमपी के जबलपुर सीओडी से चुराकर बेचे गये एके-47 और पार्ट-पुर्जे की जांच का दायरा बढ़ता ही जा रहा है. बिहार और एमपी की पुलिस अब तक गिरफ्तार किये गये सभी आरोपितों की कुंडली खंगाल रही है.
इसमें दो आर्मोरर खासतौर पर पुलिस के टारगेट पर हैं. रीवा का रहने वाला पुरुषोत्तम लाल और मुंगेर का रहने वाला नियाजुल अहमद. पुलिस अब सेना के बड़े आधिकारियों के माध्यम से उन सभी सीओडी से डिटेल मांग रही है जहां पर दोनों आर्मोरर की तैनाती रही है. जानकारी के मुताबिक आर्मोरर की पोस्टिंग एक सीओडी में तीन साल के लिए हाेती है. नियाजुल हसन के बारे में पता चला है कि वह वर्ष 2008 में पुणे से रिटायर्ड हुआ है. जबकि, वर्ष 2002-03 के बीच में उसकी पोस्टिंग जबलपुर सीओडी में रही है. अन्य पोस्टिंग वाले सीओडी से संपर्क कर दोनों स्टेट की पुलिस ने जानकारी मांगी है. इसमें यह देखा जा रहा है कि किस सीओडी में यह दोनों किस जिम्मेदारी में थे.
मतलब कि ड्यूटी के दौरान इनकी भूमिका क्या थी, इनके पास पॉवर क्या थे, इसके अलावा सीओडी में मौजूद खास रजिस्टर व दस्तावेजों के भी जांच किये जायेंगे. दरअसल आर्मोरर पुरुषोत्तम की गिरफ्तारी के बाद उसके बेटे शीलेंद्र को पकड़ा गया था. शुरुआती पूछताछ में उसने बताया था कि जब मुंगेर में इमरान तीन एके-47 के साथ पकड़ा गया था तो पिता पुरुषोत्तम रजक के कहने पर उसने कुछ असलहों के पार्ट-पुर्जे को नदी में ले जाकर फेंक दिया था. इस बीच जबलपुर पुलिस को शीलेंद्र का लैपटॉप हाथ लग गया. जब लैपटॉप खंगाला तो उसमें शीलेंद्र व मुंगेर के इमरान का रिश्तेदार शमशेर के बीच बातचीत का इनपुट मिला. एके-47 के डील के कुछ प्रमाण मिले.
मुफस्सिल के सर्किल इंस्पेक्टर के बयान पर मुफस्सिल थाने में
26 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज
मुंगेर : मुंगेर में मिले छह एके-47 मामले की जांच सेना तक जा पहुंची है. एएसपी अभियान राणा नवीन के नेतृत्व में पश्चिम बंगाल के बागडोगरा स्थित सेना के बेंगडुबी छाबनी से एके-47 मामले का एक मुख्य सरगना लांस नायक मो. नियाजुल रहमान उर्फ गुल्लो उर्फ गुलशन को गिरफ्तार किया. पूर्व में भी उसकी गिरफ्तारी वर्ष 2009 में गोलीबारी एवं जानलेवा हमला के मामले में किया गया था. मो. नियाजुल रहमान एके 47 मामले में गिरफ्तार मो. इमरान का बहनोई है. जो मूल रूप से लखनऊ में रह रहा और उसने अवैध हथियार के कारोबार से लखनऊ में अकूत संपत्ति बनायी है.
बताया जाता है कि छह एके-47 मामले में मिर्जापुर बरदह निवासी मो. नियाजुल रहमान उर्फ गुल्लो उर्फ गुलशन का नाम सामने आया. जिसके बाद मुंगेर पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए रणनीति बनायी. पुलिस को तब और बल मिला जब यह बात सामने आयी कि वर्ष 2009 में गोलीबारी व जानलेवा हमला के एक मामले में वह फरार चल रहा है.
जिसके बाद न्यायालय के जारी वारंट लेकर एएसपी अभियान राणा नवीन के नेतृत्व में पुलिस की टीम बागडोगरा के बेंगडुबी सेना छाबनी गयी और वारंट दिखा कर उसे गिरफ्तार किया. जो वहां लांस नायक पद पर कार्यरत था. विदित हो कि इमरान की निशानदेही पर एसटीएफ एवं मुंगेर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में मो. शमशेर एवं उसकी बहन रिजवाना के घर से तीन एके-47 मिला था. जिसके बाद यह तय हो गया कि इमरान का बहनोई मिर्जापुर बरदह गांव निवासी मो. नियाजुल रहमान इस कारोबार को संचालित कर रहा है. जो सेना में लांस नायक पद पर पश्चिम बंगाल के बागडोगरा में कार्यरत है.
मध्य प्रदेश के जबलपुर ऑडिनेंस फैक्टरी में कार्यरत पुरुषोत्तम लाल उर्फ रमेश व अन्य को गिरफ्तार किया तो यह बात सामने आया कि मो. नियाजुल भी इस कारोबार का एक मुख्य सरगना है. जो 2012 से ही इस कारोबार को अंजाम दे रहा है. इधर मो. शमशेर एवं उसकी बहन रिजवाना के घर से तीन एके-47 मामले में मुफस्सिल के सर्किल इंस्पेक्टर बिंदेश्वरी प्रसाद यादव के बयान पर 26 लोगों के खिलाफ मामले दर्ज कराया गया है.
आज पहुंच सकती है एनआईए की टीम
मुंगेर में बरामद एके-47 मामले की जांच करने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए ) संभवत सोमवार को मुंगेर पहुंच सकती है. मामला देश की आंतरिक सुरक्षा से जुड़ा हुआ है. साथ ही सेना व ऑडिनेंस फैक्टरी के कर्मी की गिरफ्तारी के बाद एनआईए पूरी तरह से गंभीर है. सूत्रों की अगर माने तो गृह मंत्रालय भारत सरकार से एनआईए को जांच की जिम्मेदारी सौंप दी गयी है. जिसकी टीम सोमवार को मुंगेर संभवत: पहुंच सकती है.
सीओडी से जुड़े अधिकारी भी हैं शक के दायरे में
जबलपुर, पश्चिम बंगाल, पुणे, समेत कई सीओडी में तैनात कुछ अधिकारी भी पुलिस के टारगेट पर हैं. पुलिस उनके खिलाफ सबूत खंगाल रही है. जबलपुर में गिरफ्तार किये गये सभी चार आरोपितों को आठ दिन के लिए पुलिस रिमांड पर लिया गया है. पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है.
अधिकारियों की भूमिका सामने आने पर उनके खिलाफ बड़ी जांच एजेंसी जांच कर सकती है. इसके अलावा खास बात यह है कि अब तक सप्लाई हुए एके-47 को तलाशना भी पुलिस के लिए कम चुनौती का काम नहीं है. जिस तरह से कुछ प्रमाण और बयान सामने आये हैं उससे साफ है कि एके-47 की सप्लाई बिहार में नक्लसी संगठन, अपराधी संगठन को बेचा गया है. जबकि जम्मू-काश्मीर समेत अन्य जगहों पर कुछ आतंकवादी संगठन को भी हथियार बेचे गये हैं.
खास करके इंडियन मुजाहिद्दीन को सप्लाइ देने के कुछ प्रमाण मिले हैं. लेकिन इस मामले में पुलिस कुछ बोलने काे तैयार नहीं है, पुलिस के सामने 70 एके- 47 के बरामद करने की चुनौती है. अब तक जिस तरह से पुरुषोत्तम और नियाजुल हसन ने पुलिस के सामने जो कुछ कबूल किया है उससे सबसे ज्यादा हथियार मुंगेरे में मंगाये गये हैं. इसे इमरान और शमशेर ने मिलकर बेचा है. पुलिस मामले की पड़ताल कर रही है.
शमशेर को पुलिस ने लिया 72 घंटे की रिमांड पर
मुंगेर : तीन एके-47 मामले में गिरफ्तार मो. शमशेर आलम उर्फ वीरू को न्यायालय के आदेश पर मुंगेर पुलिस ने रविवार को 72 घंटे के रिमांड पर लिया है. जिसे गुप्त स्थान पर रखा गया है. जिससे पुलिस गहन पूछताछ कर रही है. साथ ही पूछताछ के आधार पर पुलिस की छापेमारी भी चल रही है. इधर मध्य प्रदेश एटीएस एवं बिहार एटीएस की टीम भी मामले की छानबीन में जुटी है. जबकि एसटीएफ पुलिस द्वारा भी लगातार छापेमारी की जा रही है.
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