पटना : मान्यता मिली तो पीयू भी ले पायेगा बीएड में एडमिशन
Updated at : 17 Jul 2018 8:36 AM (IST)
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काउंसेलिंग से पहले मान्यता मिलनी है जरूरी, 24 से होनी है काउंसेलिंग एनसीटीई में आज आपत्ति दर्ज करेगा पीयू पटना : राज्यस्तरीय बीएड एंट्रेंस टेस्ट हो चुके हैं. लेकिन, पटना विवि में बीएड में एडमिशन होगा या नहीं इस पर अभी भी संशय की स्थिति है. हालांकि, अभी पीयू के दोनों बीएड कॉलेज की इस […]
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काउंसेलिंग से पहले मान्यता मिलनी है जरूरी, 24 से होनी है काउंसेलिंग
एनसीटीई में आज आपत्ति दर्ज करेगा पीयू
पटना : राज्यस्तरीय बीएड एंट्रेंस टेस्ट हो चुके हैं. लेकिन, पटना विवि में बीएड में एडमिशन होगा या नहीं इस पर अभी भी संशय की स्थिति है. हालांकि, अभी पीयू के दोनों बीएड कॉलेज की इस सत्र के लिए एनसीटीई की ओर से मान्यता नहीं दी गयी है.
हालांकि, पीयू के पास अभी भी समय है. अगर वह काउंसेलिंग से पहले मान्यता ले लेती है, तो राजभवन के अनुमति से इसी सत्र से नामांकन ले सकती है, लेकिन इसमें अधिक देरी हुई तो इस सत्र में नामांकन मुश्किल है.
सारे डॉक्यूमेंट्स के साथ दिल्ली पहुंचे रजिस्ट्रार : पटना विवि के रजिस्ट्रार मनोज मिश्र इस मामले के हल के लिए दिल्ली पहुंच चुके हैं. मंगलवार को एनसीटीई के अधिकारियों के साथ रजिस्ट्रार की बैठक होनी है
.
पीयू की ओर से पहले ही मान्यता के लिए अपील की गयी है. इसके सुनवाई के लिए तिथि मांगी गयी है. इस पर भी चर्चा होगी. इसमें कोई सकारात्मक हल निकलने की उम्मीद की जा रही है. इसमें एनसीटीई का क्या स्टैंड रहता है सबकुछ इस पर निर्भर करेगा.
संविदा पर शिक्षकों की बहाली को बनाया जायेगा आधार : एनसीटीई ने पीयू के कॉलेजों में जो रोक लगायी है उसकी मूल वजह शिक्षकों की कमी थी. यही वजह है कि सरकार के परमिशन के बाद वहां अस्थायी सैलरी बेस्ड शिक्षकों की बहाली की गयी है. इसके अतिरिक्त स्थायी प्राचार्य भी दोनों कॉलेज में नियुक्त कर दिये गये हैं.
रजिस्ट्रार के अनुसार एनसीटीई की ओर से जो रोक लगायी गयी है वह 2010 के निरीक्षण पर लगायी गयी है. जबकि, 2017 में भी एनसीटीई ने निरीक्षण किया था. इस दौरान कॉलेज में काफी बदलाव हुए थे. कॉलेज बेहतर स्थिति में है और किसी भी दूसरे प्राइवेट बीएड कॉलेजों से बेहतर है.
आज के समय में यहां बेहतर कैंपस व सुविधाएं भी हैं. यही वजह है कि कॉलेज को नैक की मान्यता भी मिल गयी है. बावजूद इसके एनसीटीई ने 2017 के निरीक्षण के आधार पर नये सत्र में मान्यता नहीं दी और 2010 के निरीक्षण पर ही निर्णय ले लिया. जो गलत है.
अब तो संविदा पर शिक्षकों की बहाली भी कर दी गयी है जो सैलरी बेस्ड है. प्राइवेट बीएड कॉलेजों में भी सारे शिक्षक संविदा पर ही होते हैं और उन्हें मान्यता है. इसी को आधार बनाकर विवि दावा कर रही है. इसके अतिरिक्त बीपीएससी के माध्यम से भी स्थायी शिक्षकों की बहाली की प्रक्रिया चल रही है.
वर्तमान में एनसीटीई के सभी मानकों को पूरा करते हैं दोनों बीएड कॉलेज : वर्तमान में कॉलेज के पास वह सबकुछ है, जो एनसीटीई के मानक को पूरा करती है. इसलिए विवि उम्मीद कर रही हैं कि एनसीटीई का रुख पॉजिटिव होगा. वैसे भी दोनों बीएड कॉलेज सरकारी हैं और यहां स्थायी शिक्षकों की बहाली सरकार की ओर से ही की जाती है.
एनसीटीई से चल रही है बातचीत
एनसीटीई से बातचीत चल रही है. हम अपने डॉक्यूमेंट मंगलवार को उनके समक्ष रखेंगे. उम्मीद करते हैं कुछ पॉजिटिव रिजल्ट निकलेगा. अगर समय पर मान्यता मिलती है तो हम इसी सत्र में नामांकन लेने के लिए राजभवन से अनुमति मांगेंगे. परमिशन लेने के बाद बीएड में नामांकन ले पायेगी.
मनोज मिश्रा, रजिस्ट्रार, पीयू
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