44 डिग्री सेल्सियस छू सकता है राजधानी का तापमान, रात की गर्मी भी शहर को झुलसा रही
Updated at : 18 Jun 2018 6:29 AM (IST)
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पटना : इन दिनों पटना शहर का न्यूनतम तापमान पिछले दो हफ्ते से 26 डिग्री सेल्सियस से अधिक बना हुआ है. रविवार को भी न्यूनतम तापमान 28.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. इस वजह से न केवल दिन, बल्कि रात में भी अधिक गर्मी महसूस हो रही हैं. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के आधिकारिक आंकड़ों […]
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पटना : इन दिनों पटना शहर का न्यूनतम तापमान पिछले दो हफ्ते से 26 डिग्री सेल्सियस से अधिक बना हुआ है. रविवार को भी न्यूनतम तापमान 28.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. इस वजह से न केवल दिन, बल्कि रात में भी अधिक गर्मी महसूस हो रही हैं.
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक पिछले दस वर्षों में न्यूनतम तापमान कभी इतना दर्ज नहीं किया गया. तापमान की विषमता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पिछले हफ्ते न्यूनतम और अधिकतम तापमान में बमुश्किल से सात डिग्री सेल्सियस का अंतर रह गया था. मौसम केंद्र की मानें, तो अगले चार दिनों तक गर्मी में कोई राहत नहीं मिलेगी. अधिकतम तापमान भी बढ़ा रहेगा. इस दौरान उच्चतम तापमान रिकाॅर्ड 44 डिग्री सेल्सियस छू सकता है.
पिछले दो हफ्ते से न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस से अधिक : 2008 से लेकर 2017 तक न्यूनतम तापमान सर्वाधिक 24.7 (2010) डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था. जानकारी के मुताबिक न्यूनतम तापमान की समयावधि अधिकतम की अपेक्षा लंबी होती है. न्यूनतम तापमान में इजाफा कई तरह की मानसिक व्याधियां पैदा करती है.
इससे रात में बेचैनी बढ़ जाती है. फिलहाल रविवार को भी मौसम ने राहत नहीं दी. शनिवार को जहां शहर का अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था. वहीं, रविवार को एक डिग्री के मामूली अंतर के साथ अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. बीते चार दिनों में तीन डिग्री की और वृद्धि हो गयी है. इसका मतलब है कि पूरे दिन का तापमान न्यूनतम तापमान से कम नहीं हो रहा है. इस कारण सुबह व विशेष कर रात में गर्मी अधिक परेशान कर रही है.
मौसम के इस रुख को विज्ञानी भी नहीं समझ रहे हैं. पूर्वी पाकिस्तान
और राजस्थान से आ रही पछुआ हवा के कारण पूर्वांचल और उत्तर बिहार के आसमान पर धूल भरे बादल छाये हुए हैं. इस कारण मॉनसून कमजोर पड़ा हुआ है. मौसम विज्ञानी डॉ एसएन पांडेय की मानें तो ऐसा मौसम 89 वर्ष पहले दिखा था. 1929 में मौसम का मिजाज ऐसा ही बना था तब माॅनसून लेट से आया था. इस बार उसी रिकॉर्ड को दुहरा रहा है. डॉ पांडेय ने कहा कि अगले पांच दिनों तक मौसम का रुख ऐसे ही बने रहने का आसार है.
…तो उत्तर बिहार फिर से सूखे की जद में! : बीते वर्ष भी माॅनसूनी बादलों ने औसत से कम बारिश करायी थी. इस बार भी माॅनसून की सक्रियता लगभग सप्ताह भर पिछड़ने का अंदेशा है. अगर समय रहते माॅनसूनी बादलों ने गति नहीं पकड़ी तो उत्तर बिहार में एक बार फिर से सूखे की स्थिति बन सकती है. किसान जो बिचड़े गिरा चुके हैं उनको एक सप्ताह तक बिचड़ा को बचाने की चुनौती है
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छत्तीसगढ़ में फंसा मॉनसून:
मौसम विज्ञानी डॉ एसएन पांडेय के अनुसार प्री माॅनसूनी बादलों ने दस्तक तो दी, मगर तेज हवाओं के रुख से बारिश की स्थिति नहीं बन सकी. तेजी से उत्तर की ओर रुख करता माॅनसून तीन दिनों से छत्तीसगढ़ में ठहरा हुआ है. माॅनसून ठिठकने से उत्तर बिहार व यूपी के पूर्वांचल में बादलों की आमद सप्ताह भर की देरी से होने का अंदेशा है.
सूबे में अगले दो दिनों तक लू की आशंका
सूबे में अगले दो दिनों तक लू चलने की आशंका है. राज्य के दक्षिणी-पश्चिमी व दक्षिणी मध्य हिस्से में गर्म हवा चलने की संभावना है. मौसम विभाग ने पूर्वानुमान में गर्म हवा चलने की चेतावनी जारी की है. राज्य में बक्सर, औरंगाबाद, नालंदा, पटना, लखीसराय, बेगूसराय, रोहतास, गया सहित आसपास के क्षेत्र में गर्म हवा से लू की आशंका है.
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