पेट्रोल व डीजल के दाम नहीं रुके तो महंगाई झेलने को रहें तैयार
Author Prabhat khabar digital desk
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पटना : अच्छे दिन लाने के वादे के साथ सत्ता में आयी मोदी सरकार के लिए पेट्रोल व डीजल के बढ़े दाम गले की हड्डी बन गये हैं. अगर जल्द पेट्रोल व डीजल के दाम पर काबू नहीं पाया जा सका, तो महंगाई का दंश झेलने को लोगों को तैयार रहना होगा. ट्रांसपोर्टर का कहना […]
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पटना : अच्छे दिन लाने के वादे के साथ सत्ता में आयी मोदी सरकार के लिए पेट्रोल व डीजल के बढ़े दाम गले की हड्डी बन गये हैं. अगर जल्द पेट्रोल व डीजल के दाम पर काबू नहीं पाया जा सका, तो महंगाई का दंश झेलने को लोगों को तैयार रहना होगा.
ट्रांसपोर्टर का कहना है कि हम लोग समय का इंतजार कर रहे हैं. अगर समय रहते सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो बस और ट्रक भाड़े में 10 से 15 फीसदी बढ़ोतरी निश्चित है. इसके असर से दैनिक उपभोग से लेकर अन्य सामान के दाम में बढ़ोतरी होना तय है. बढ़ोतरी का असर आम आदमी से लेकर खास आदमी पर देखने को मिलेगा.
ठोस कदम नहीं उठाया तो बस और ट्रक भाड़े में 10 से 15 फीसदी बढ़ोतरी निश्चित, जेब पर बढ़ेगा भार
20 से 30 रुपये प्रति सिलिंडर बढ़ सकती है एलपीजी की कीमत, बिगड़ेगा घर का बजट
चार साल में 20 फीसदी तक बढ़ी डीजल की कीमत
मोदी सरकार के चार साल के कार्यकाल में डीजल की कीमत 20 फीसदी वहीं पेट्रोल के दाम में आठ फीसदी से अधिक की बढ़ोतरी हो चुकी है. 12वें दिन भी पेट्रोल व डीजल की कीमत में बढ़ोतरी का सिलसिला जारी रहा. पटना में शुक्रवार को पेट्रोल का दाम 36 पैसा बढ़ कर 83.30 रुपये प्रति लीटर हो गया है. डीजल की कीमत में 22 पैसे की वृद्धि के साथ यह 73.44 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गयी. 12 दिनों के दौरान पटना में डीजल 2.87 रुपये प्रति लीटर बढ़ कर 73.44 रुपये तो पेट्रोल 3.17 रुपये बढ़कर 83.30 रुपये प्रति लीटर के स्तर पर पहुंच गया है.
लोगों की प्रतिक्रिया
राज्य और केंद्र सरकारों को टैक्स अब कम कर देना चाहिए, क्योंकि क्रूड का दाम कम था तो दाम स्थिर रखने के लिए कर बढ़ाया गया था. अब अगर दाम बढ़ाया जाता है, तो सभी क्षेत्रों में दाम बढ़ेंगे. तो एलपीजी की कीमत 20 से 30 रुपये प्रति सिलिंडर बढ़ सकती है.
डाॅ राम नरेश सिन्हा, बिहार एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर एसोसिएशन के महासचिव
अगर सरकार डीजल की कीमत घटा भी देती है, तो भी आनेवाले दिनों में बस तथा ट्रक का भाड़ा बढ़ाना हमारी मजबूरी है. भाड़े में 10-20 फीसदी तक बढ़ोतरी होगी. क्योंकि ट्रांसपोर्ट के पार्ट्स के अलावा अन्य सामान के दाम काफी बढ़ चुके हैं. भाड़ा बढ़ने से दैनिक वस्तुओं पर इसका सीधा असर पड़ेगा.
उदय शंकर सिंह, अध्यक्ष, बिहार मोटर ट्रांसपोर्ट फेडरेशन
डीजल का रेट बढ़ाने से किसान और मजदूर वर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित है. पेट्रोल की बढ़ी कीमत ने मध्यम वर्गीय परिवार की वित्तीय रूप से कमर तोड़ कर रख दी है. सरकार सफाई देती नजर आ रही है कि कच्चे तेल की कीमत में बढ़ोतरी जिम्मेदार है. अटल सरकार को प्याज ने रुलाया था और मोदी सरकार को पेट्रोल रुलायेगा.
जैनेंद्र ज्योति, युवा
हर दिन पेट्रोल व डीजल की बढ़ती कीमत से लोग परेशान हैं. सरकार तमाशा देख रही है. पेट्रोल व डीजल के बढ़े भाव का असर सब्जी और फल के भाव पर देखने को मिल रहा है. सब्जी और फलों की कीमत 20 से 30 फीसदी तक बढ़ चुकी है. तत्काल नियंत्रण नहीं किया, तो इसका परिणाम अागामी चुनाव में देखने को मिलेगा.
सुधा झा, गृहणी
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