ePaper

वीर कुंवर सिंह की जीवनी स्कूल के पाठ्यक्रमों में शामिल होनी चाहिए : नीतीश

Updated at : 25 Apr 2018 6:24 PM (IST)
विज्ञापन
वीर कुंवर सिंह की जीवनी स्कूल के पाठ्यक्रमों में शामिल होनी चाहिए : नीतीश

पटना : बिहार की राजधानी पटना में आयोजित वीर कुंवर सिंह विजयोत्सव के समापन समारोह में बोलते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि वीर कुंवर सिंह जैसे व्यक्तित्वों की जीवनी और स्कूल के पाठ्यक्रमों में भी शामिल होना चाहिए. नयी पीढ़ी को ऐसे व्यक्तित्वों के बारे में जानकारी देने का मकसद समाज में प्रेम, […]

विज्ञापन

पटना : बिहार की राजधानी पटना में आयोजित वीर कुंवर सिंह विजयोत्सव के समापन समारोह में बोलते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि वीर कुंवर सिंह जैसे व्यक्तित्वों की जीवनी और स्कूल के पाठ्यक्रमों में भी शामिल होना चाहिए. नयी पीढ़ी को ऐसे व्यक्तित्वों के बारे में जानकारी देने का मकसद समाज में प्रेम, सद्भावना और भाईचारा का माहौल बनाना और आत्मबल बढ़ाना है. उन्होंने कहा कि अध्ययन करें, ठीक रास्ते पर चलें और सोशल मीडिया का उपयोग सकारात्मक काम के लिए करें. सामाजिक कुरीतियों से छुटकारा पाये बिना विकास के मायने नहीं हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि हार्डिंग पार्क का नाम बदलकर वीर कुंवर सिंह आजादी पार्क कर दिया गया है. वहां ऐसे पौधे लगाये जायेंगे जो लोगों में जिज्ञासा पैदा करेंगे.

इस अवसर पर आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी के बारे में कहा कि उससे निकले निष्कर्षों से डॉक्यूमेंट तैयार किया जाये जिसकी बातों को जगह-जगह लिखवाया जायेगा. उसे पढ़कर लोगों को व्यक्तित्वों के बारे में जानकारी मिल सकेगी. 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में कुंवर सिंह के जगदीशपुर से निकलकर देश के अन्य नेताओं से मुलाकात और युद्धों का नेतृत्व करते हुये लांग मार्च की उन्होंने बहुत तारीफ की. पर्यावरण संरक्षण के बारे में मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बहुत आवश्यक है. बिहार में वर्षापात इस समय 1000 मिमी से नहीं बढ़ा है जबकि यहां सामान्य रूप से 1200-1500 मिमी बारिश होती थी. गंगा पर काम करने की जरूरत है. महात्मा गांधी के कथन का जिक्र करते हुये उन्होंने कहा कि पृथ्वी आपकी जरूरत पूरी कर सकती है, लालच नहीं.

उन्होंने कहा कि मशहूर वैज्ञानिक हॉकिंस ने कहा था कि पृथ्वी का अस्तित्व दो सौ साल तक रहेगा, लेकिन जिस तेजी से मोबाइल की संख्या बढ़ रही है उसे लेकर ऐसा नहीं लगता. इतने वेब्स चल रहे हैं जिससे कहीं न कहीं कुछ न कुछ जरूर हो रहा होगा. डेढ़ सााल का बच्चा मोबाइल देखने लगा है. इसका असर यह होगा कि वह आपको भूल जायेगा और मोबाइल ही देखता रहेगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायत व नगर निकायों में महिलाओं को 50 फीसदी आरक्षण देने वाला बिहार पहला राज्य है. यहां प्राथमिक शिक्षकों के नियोजन में महिलाओं को 50 फीसदी आरक्षण दिया गया. साथ ही कन्या उत्थान योजना, स्कूली लड़कियों के लिए पोशाक व साइकिल योजना चलायी गयी. अब इसके लिए राशि में बढ़ोतरी की गयी है.

उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि यदि वर्ष 1857 में बाबू कुंवर सिंह ने आजादी की लड़ायी नहीं छेड़ी होती तो शायद वर्ष 1947 में देश आजाद नहीं होता. बिहार सर्वाधिक संघर्षशील और जुझारू राज्य है. यहां के लोगों ने आजादी की लड़ायी से लेकर आपातकाल के जुल्म और अन्याय के खिलाफ संघर्ष में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया है, हालांकि इसके लिए बिहार को कीमत भी चुकानी पड़ी. राज्यसभा सांसद वशिष्ठ नारायण सिंह ने बाबू वीर कुंवर सिंह कुशल प्रशासक थे. उन्हें सभी वर्गों का जनसमर्थन हासिल था. उनसे यह सीख मिलती है कि जिनके हाथों में सत्ता की कुंजी हो उनकी दृष्टि व्यापक हो. इतिहास की रचना ठीक तरीके से हो जिससे कि भावी पीढ़ी को प्रेरणा मिलेगी.

यह भी पढ़ें-
एक्शन मोड में कांग्रेस के बिहार प्रभारी गोहिल, अंदरूनी गुटबाजी खत्म करने के लिए उठायेंगे यह कदम

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन