बिहार कांग्रेस में बवाल, बिहार प्रभारी के सामने कलह सतह पर, विधायक ने फूंका विद्रोह का बिगुल

Updated at : 09 Apr 2018 1:21 PM (IST)
विज्ञापन
बिहार कांग्रेस में बवाल, बिहार प्रभारी के सामने कलह सतह पर, विधायक ने फूंका विद्रोह का बिगुल

पटना : बिहार की सियासत के केंद्र बिंदू में एक बार फिर प्रदेश कांग्रेस पार्टी की कलह सामने आ गयी है.चारोंओर विभिन्न तरह की चर्चाओं ने जन्मले लिया है. वहीं पार्टी के वरिष्ठविधायकरामदेव राम ने विद्रोह का बिगुल फूंकते हुए कहा कि उन्होंने विधायकोंसेकहा है कि विरोध में अपनी आवाज बुलंद करें. रामदेव राय ने […]

विज्ञापन

पटना : बिहार की सियासत के केंद्र बिंदू में एक बार फिर प्रदेश कांग्रेस पार्टी की कलह सामने आ गयी है.चारोंओर विभिन्न तरह की चर्चाओं ने जन्मले लिया है. वहीं पार्टी के वरिष्ठविधायकरामदेव राम ने विद्रोह का बिगुल फूंकते हुए कहा कि उन्होंने विधायकोंसेकहा है कि विरोध में अपनी आवाज बुलंद करें. रामदेव राय ने कहा कि बिहार में जिसके हाथों में पार्टी की कमान दी गयी है. वह कभी भी सीनियर नेताओं से राय मशविरा नहीं करते हैं. रामदेव राय ने बिहार प्रभारी के सामने विधायकों से विरोध दर्ज कराने की बात कही. उन्होंने कहा कि उनलोगों ने पूरा जीवन कांग्रेस को दे दिया. अब विधायकों का अपमान हो रहा है. यह ठीक नहीं. विधायक रामदेव राय ने एक क्षेत्रीय चैनल को दिये इंटरव्यू में वर्तमान नेतृत्व पर कई सवाल खड़े किये हैं.

इससे पूर्व रविवार को भी पार्टी कार्यालय सदाकत आश्रम में नजारा देखते बन रहा था. वह तो बाद में राज्यसभा सांसद अखिलेश सिंह की पहल पर मामला सुलझा. हालांकि शक्ति सिंह गोहिल ने यह कह दिया कि बिहार के नेता कुर्सी पर नहीं बल्कि काम पर ध्यान दें. पटना पहुंचे गोहिल का स्वागत, हुआ लेकिन उसके बाद गोहिल को कुर्सी के लिए विधायकों का विरोध प्रदर्शन और कार्यकर्ताओं की अनुशसनहीनता झेलनी पड़ी. वहीं अध्यक्ष और परिषद के दावेदारों ने अपना शक्ति प्रदर्शन कर गोहिल की नाक में दम कर दिया.

बिहार प्रभारी के स्वागत में ही सारे अनुशासन हवा में चले गये और बाकी कसर विधायकों ने जमीन पर बैठकर पूरी कर दी. कांग्रेस की परंपरा के उलट विधायक जमीन पर बैठ गए. हालांकि विधायकों ने मीडिया से कहा कि वह जमीन से जुड़े लोग हैं, इसलिए जमीन पर बैठे हैं. पार्टी में गुटबाजी पूरी तरह सतह पर आ गयी, जिसे देखने के बाद बिहार प्रभारी ने माफी मांगी. उन्होंने कहा कि जिन जिन साथियों को कष्ट पहुंचा है उसके लिए मैं उनसे माफी मांगता हूं. उन्होंने गुजारिश करते हुए कहा कि कभी अच्छा लगे या कभी अच्छा न लगे, लेकिन बात अकेले में ही करें. पार्टी की बुराई पब्लिकली न करें. इससे पार्टी का ही नुकसान होता है.

यह भी पढ़ें-
अर्जित शाश्वत चौबे समेत भाजपा के आठ नेताओं की नियमित जमानत याचिका की सुनवाई पूरी, फैसला सुरक्षित

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन