ePaper

सीएम नीतीश ने सड़क सुरक्षा के संबंध में उच्चस्तरीय बैठक की, अधिकारियों को दिये जरूरी और आवश्यक निर्देश

Updated at : 25 Feb 2018 10:14 PM (IST)
विज्ञापन
सीएम नीतीश ने सड़क सुरक्षा के संबंध में उच्चस्तरीय बैठक की, अधिकारियों को दिये जरूरी और आवश्यक निर्देश

पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार नेरविवारको 1, अणे मार्ग स्थित ‘विमर्श’ में बिहार के विभिन्न हिस्सों में हो रही सड़क दुर्घटनाओं को ध्यान में रखते हुए सड़क सुरक्षा के मद्देनजर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की. बैठक में शनिवार को मुजफ्फरपुर में हुई सड़क हादसे में बच्चों की मौत से मुख्यमंत्री काफी मर्माहत दिखे. उन्होंने कहा कि […]

विज्ञापन

पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार नेरविवारको 1, अणे मार्ग स्थित ‘विमर्श’ में बिहार के विभिन्न हिस्सों में हो रही सड़क दुर्घटनाओं को ध्यान में रखते हुए सड़क सुरक्षा के मद्देनजर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की. बैठक में शनिवार को मुजफ्फरपुर में हुई सड़क हादसे में बच्चों की मौत से मुख्यमंत्री काफी मर्माहत दिखे. उन्होंने कहा कि यह घटना विचलित करने वाली है और बहुत ही दुखद है.

मुख्यमंत्रीनीतीश कुमार ने कहा कि ग्रीन फील्ड, नेशनल हाईवे, स्टेट हाईवे और फोर लेन सड़कों के बनने का काम तो जारी रहेगा, लेकिन बिहार की आबादी के घनत्व को ध्यान में रखते हुए सड़क सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है ताकि इस तरह के हादसों से लोगों को बचाया जा सके. नीतीश कुमार ने कहा कि खेती करने वाले सड़क किनारे बसे लोग अपने जानवर और कृषि यंत्रों को लेकर सड़क पार कर खेतों तक जाना उनकी अनिवार्यता है, ऐसे में कैसे वे सुरक्षित तरीके से सड़क पार कर सकें, इसके लिए नये सिरे से सोचने की जरूरत है.

सीएम नीतीश ने कहा कि आबादी बढ़ती जा रही है और गुड्स का मूवमेंट भी हो रहा है, इससे सड़कों पर परिचालन का भार बढ़ रहा है. मुख्यमंत्री ने कहा कि स्पीड ब्रेकर कोई समाधान नहीं, कानून कितना प्रभावी है, लोग कितने जागरूक हैं, संरचना जैसे अन्य विषयों पर सोचने की आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा के मद्देनजर कानून में प्रावधान, संरचना में सुधार, सुरक्षा और जागरूकता जैसे हर पहलुओं को ध्यान में रखते हुए सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए कुछ समाधान निकालना होगा ताकि ऐसी मर्माहत करने वाली घटनाओं पर रोक लगायी जा सके.

पथ निर्माण विभाग और ग्रामीण कार्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अब जो भी नयी सड़कें बनें, उसमें अंडर पास और फूट ओवरब्रिज की भी जरूरत के मुताबिक व्यवस्था होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि फूट ओवरब्रिज का डिजाइन और स्लोप ऐसा होना चाहिए कि दिव्यांग व्यक्ति और जानवर भी आसानी से उस पर जा सकें.

मुख्यमंत्री ने कहा कि 12 करोड़ की आबादी वाले 94 हजार किलोमीटर क्षेत्रफल में फैले हुए बिहार के अर्बन, सेमी अर्बन, रूरल जैसे हर क्षेत्र को ध्यान में रखते हुए कुछ अलग तरीके से सोचने और करने की आवश्यकता है. उन्होंने विकास आयुक्त की अध्यक्षता में संबंधित विभागों के उच्चस्तरीय अधिकारियों की एक कमिटी बनाने का निर्देश दिया, जो इस संबंध में हर पहलू पर विचार कर अपना मंतव्य दे.

इस अवसर पर मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह, महाधिवक्ता ललित किशोर, पुलिस महानिदेशक पीके ठाकुर, विकास आयुक्त शिशिर सिन्हा, प्रधान सचिव गृह आमिर सुबहानी, प्रधान सचिव पथ निर्माण अमृत लाल मीणा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव चंचल कुमार, सचिव विधि सुरेन्द्र प्रसाद शर्मा, सचिव ग्रामीण कार्य विनय कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव मनीष कुमार वर्मा, सचिव परिवहन संजय कुमार अग्रवाल, राज्य परिवहन आयुक्त अनुपम कुमार, अपर पुलिस महानिदेशक, मुख्यालय एसके सिंघल, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह सहित अन्य वरीय प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी उपस्थित थे.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन