बिहार : जुलाई से सभी विवि के पीजी में लागू होगा च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम, कुलपतियों को दी गयी ट्रेनिंग
Author Prabhat khabar digital desk
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पटना : राज्य के सभी विश्वविद्यालयों में जुलाई 2018 से पीजी (स्नातकोत्तर) के सभी विषयों में च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम (सीबीसीएस) लागू होगा. बुधवार को सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की ट्रेनिंग सह समीक्षात्मक बैठक में यह निर्णय लिया गया. कुलाधिपति सह राज्यपाल सत्यपाल मलिक की अध्यक्षता में राजभवन में च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम की ट्रेनिंग […]
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पटना : राज्य के सभी विश्वविद्यालयों में जुलाई 2018 से पीजी (स्नातकोत्तर) के सभी विषयों में च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम (सीबीसीएस) लागू होगा. बुधवार को सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की ट्रेनिंग सह समीक्षात्मक बैठक में यह निर्णय लिया गया. कुलाधिपति सह राज्यपाल सत्यपाल मलिक की अध्यक्षता में राजभवन में च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम की ट्रेनिंग दी गयी.
कुलाधिपति ने कहा कि विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता बरकरार रखने के लिए हम कृतसंकल्पित हैं और उम्मीद करते हैं कि विश्वविद्यालय प्रशासन भी स्वतंत्र रूप से अपने लक्ष्यों को हासिल करने के लिए समयबद्ध रूप से अपनी कार्य योजनाओं को पूरा करेंगे.
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भी उच्च शिक्षा में सुधार के लिए हर सहयोग प्रदान करने के लिए तत्पर है. उच्च शिक्षा के क्षेत्र में किसी भी काम को पूरा होने वे संसाधनों की कमी आड़े नहीं आयेगी. कुलाधिपति ने कहा कि बिहार में उच्च शिक्षा के सुधार के प्रयासों को और तेज करते हुए इसे गुणवत्तापूर्ण, रोजगारपरक और आधुनिक युग की आवश्यकताओं के अनुरूप बनाया जायेगा.
जीईआर 14.4 प्रतिशत से बढ़ाकर राष्ट्रीय स्तर पर 24.5 करने का है लक्ष्य : बिहार में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में सकल नामांकन अनुपात (ग्रास एनरॉलमेंट रेसियो) मात्र 14.4 प्रतिशत है, जबकि राष्ट्रीय अनुपात 24.5 प्रतिशत का है. राज्यपाल ने कहा कि उच्च शिक्षा के क्षेत्र में सुधार के प्रयासों के कार्यान्वयन के लिए सजगता, पारदर्शिता और पूरी तत्परता जरूरी है. साथ ही हमें इस दिशा में आगे बढ़ते हुए सामाजिक और लैंगिक विषमता पर भी पूरा ध्यान देना होगा.
उन्होंने कहा कि सामूहिक और उत्तरदायित्वपूर्ण ढंग से किये जानेवाले प्रयासों के बल पर ही राज्य में उच्च शिक्षा में गुणात्मक सुधार नजर आयेंगे. विश्वविद्यालयों में नयी सार्थक अकादमिक पहलों के साथ-साथ, ठोस रणनीति भी सुधार-प्रयासों के लिए बेहद जरूरी है.
केंद्रीय विश्वविद्यालय, हरियाणा के प्रो आदित्य सक्सेना ने च्वाइस बेस्ड क्रेडिड सिस्टम, च्वाइस बेस्ड सेमेस्टर सिस्टम, सेमेस्टर ग्रेड प्वाईंट एवरेज, क्यूमिलेटिव ग्रेड प्वाइंट एवरेज के बारे में जानकारी दी. साथ ही क्रेडिट ट्रांसफर, कोर कोर्सेज, इलेक्टिव कोर्सेज और सेलेक्टिव स्टडीज व स्कील बेस्ड कोर्सेज के बारे में भी कुलपतियों को बताया.
विवि में कम शुल्क पर देनी होगी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा
यूजीपी के पूर्व अध्यक्ष प्रो वेद प्रकाश ने कहा कि विश्वविद्यालयों को भी कम शुल्क पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना सुनिश्चित करना होगा. प्रमुख विश्वस्तरीय शिक्षण संस्थान, शिक्षण व शोध को लेकर अपने पारंपरिक नज��िये से अलग हटकर, आधुनिक तकनीकी विकास से समन्वय बनाकर सामूहिक प्रयास कर रहे हैं.
बिहार में भी काफी कम लागत में च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम, यूज ऑफ मैसिव ओपेन ऑनलाइन कोर्सेज और उच्च शिक्षा के स्टैंडर्ड से जुड़ी अन्य योजनाएं पूरी हो सकती हैं. उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राओं को अपनी अभिरुचि, आवश्यकता और कौशल से जुड़े रोजगारपरक कोर्स में चयन करने की छूट होनी चाहिए. सीबीसीएस पद्धति के लागू होने से छात्र इंटर डिसिप्लिनरी, इंटरा डिसिप्लनिरी और स्किल बेस्ड कोर्सेज का चयन कर सकते हैं.
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