लालू प्रसाद यादव पर शनि का प्रकोप, ''अच्छे दिन'' की खरमास के बाद होगी शुरुआत !

By Prabhat Khabar Digital Desk
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पटना : चारा घोटाला मामले में झारखंड के केंद्रीय कारा में बंद लालू प्रसाद की मुश्किलें अभी कम होती नजर नहीं आ रही हैं. उन पर दुखों का पहाड़ एक के बाद एक टूट पड़ा है. शनिवार को सीबीआई की विशेष अदालत ने चारा घोटाला मामले में दोषी करार दिये गये लालू प्रसाद यादव को साढ़े तीन साल की सजा के साथ दस लाख रुपये जुर्माना भी किया है. वहीं, उनकी इकलौती दीदी गंगोत्री देवी यह सदमा बरदाश्त नहीं कर पायीं और उनका देहावसान हो गया. उनके अंतिम संस्कार में भी शामिल होने की गुंजाइश खत्म होती नजर आ रही हैं. लालू प्रसाद यादव अब जेल से बाहर आने के लिए हाइकोर्ट की ओर टकटकी लगाये बैठे हैं.

लालू प्रसाद यादव की यह मुश्किल फिलहाल कम होती नजर नहीं आ रही है. उन्हें सजा भी शनिवार को सुनायी गयी. शनिवार की देर रात ही उनकी इकलौती दीदी का देहावसान हो गया. यह उनके ग्रह-नक्षत्रों के संयोगों के कारण हो रहा है. लालू प्रसाद यादव की यह मुश्किल खरमास के बाद यानी 14 जनवरी के बाद कम होने लगेगी. मकर संक्रांति के बाद शनि जब एकादश भाव में आ जायेगा, उसके बाद उनके रास्ते स्पष्ट नजर आने लगेंगे. अभी राहू भी छठे भाव में बैठा है, जिसके शांत होने पर उन्हें और मदद मिलेगी. अगर लालू प्रसाद यादव शत्रु मारण यज्ञ का अनुष्ठान कराएं, तो उन्हें संकटों से त्राण मिल सकता है. यज्ञ का अनुष्ठान कर तंत्र पूजा के जरिये राहू को भी शांत किया जा सकता है. किसी भी तंत्र पूजा के यथोचित स्थान पर 'ऊं राह राहवे नम:' के हवन और जाम से उनके कष्टों में कमी आयेगी. यह कहना है प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित श्रीपति त्रिपाठी का.

ज्योतिषाचार्य पंडित श्रीपति त्रिपाठी कहते हैं कि लालू प्रसाद यादव का जन्म दोपहर 12 बजे जून माह में गोपालगंज में बताया जाता है. उसके हिसाब से लालू यादव की कुंडली सिंह लग्न की है. साथ ही लालू प्रसाद यादव की राशि कुंभ है. लालू प्रसाद यादव की राशि पर शुक्र के साथ राहु की भी महादशा है. इस कारण राहू के लिए शांति पाठ बेहद जरूरी है. साथ ही शुक्र ग्रह का प्रभाव प्रतिकूल है. इन दोनों राशियों के योग का अत्यंत महत्व है. जब यह एक साथ आते हैं, तो जातक के जीवन पर बड़ा प्रभाव डालते हैं. राहू के लिए महामृत्युंजय और शुक्र के लिए दुर्गा सप्तशति का पाठ करने-कराने से स्थिति में सुधार होता है. सूर्य की उपासना भी लाभकारी है.

वर्ष 2013 में लालू प्रसाद यादव को चाईबासा कोषागार से अवैध निकासी मामले में सीबीआई कोर्ट ने पांच साल की सजा दी थी. हाइकोर्ट में अपील के बाद जमानत मिल गयी थी. उसी प्रकार इस बार भी देवघर कोषागार से निकासी के मामले में जमानत मिल सकती है. वर्ष 2013 में नवरात्र के दौरान झारखंड के प्रसिद्ध छिन्नमस्तिके मंदिर में मंगल ग्रह की पूजा करने के बाद उनकी स्थितियां अनुकूल हो गयी थीं. खरमास के बाद शनि काफी मददगार साबित हो सकते हैं. अगर राहु को शांत किया गया, तो लालू प्रसाद यादव को जमानत मिलने के साथ कई अन्य मुश्किलें भी कम हो जायेंगी. वहीं, तीसरे भाव में केतु के होने के कारण पराक्रम में वृद्धि भी होगी.

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