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पटना में बाढ़ की आहट : गंगा मानने को तैयार नहीं, पुनपुन ठहरी

Updated at : 21 Aug 2017 7:35 AM (IST)
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पटना में बाढ़ की आहट : गंगा मानने को तैयार नहीं, पुनपुन ठहरी

दीघा घाट से लेकर समाहरणालय तक गंगा के पानी का फैलाव बढ़ा, प्रशासन सतर्क पटना : गंगा के जल स्तर में हर दिन वृद्धि हो रही है. गांधी घाट के पास शुक्रवार को गंगा का जल स्तर 48.34 मीटर था, जो कि रविवार को 48.40 मीटर तक पहुंच गया. यहां का डेंजर लेवल 48.60 मीटर […]

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दीघा घाट से लेकर समाहरणालय तक गंगा के पानी का फैलाव बढ़ा, प्रशासन सतर्क
पटना : गंगा के जल स्तर में हर दिन वृद्धि हो रही है. गांधी घाट के पास शुक्रवार को गंगा का जल स्तर 48.34 मीटर था, जो कि रविवार को 48.40 मीटर तक पहुंच गया. यहां का डेंजर लेवल 48.60 मीटर है. वहीं, पुनपुन खतरे के निशान से ऊपर है, लेकिन रविवार को श्रीपालपुर में पुनपुन का जल स्तर स्थिर रहा. इधर, दीघा घाट से लेकर समाहरणालय तक गंगा के पानी का फैलाव बढ़ा है. अब अगर जल स्तर हल्का भी बढ़ा, तो जेपी सेतु के ढलान तक पानी पहुंच जायेगा.
गंगा की पेटी में बने मकानों के करीब पहुंचा पानी : गंगा का पानी उनके घरों के पास पहुंच गया है, जो गंगा की पेटी में जाकर बसे हैं. इन मकानों में रहने वालों के घरों की बाउंड्री के पास पानी पहुंचने लगा है. ऐसे में अगर गंगा के जल स्तर में थोड़ी भी वृद्धि हुई, तो पानी घरों में प्रवेश कर जायेगा. गंगा के किनारे सभी फाटकों पर बालू भरे बाेरे रखे गये हैं, ताकि कभी जल स्तर में अचानक वृद्धि हुई, तो इसका इस्तेमाल किया जा सके. बालू भरे बोरे गोल घर से नासरीगंज तक रखे गये हैं.
बिंद टोली को नहीं मिली सरकारी नाव: बिंद टोली के लोगों का कहना है कि पहुंच पथ कटने के बाद नाव से आना-जाना हो रहा है. इसके लिए नाविकों को पैसे देने पड़ते हैं. प्रशासन की ओर से सरकारी नाव की व्यवस्था नहीं की गयी है. ऐसे में एक और खर्च बढ़ गया है.
दियारे में सड़कों तक पहुंचा: दियारे में रहने वाले लोगों के मुताबिक अभी गंगा का पानी घरों में नहीं पहुंचा है, लेकिन सड़कों तक पहुंच गया है. नकटा दियारे के नंद किशोर ने बताया कि जल स्तर अभी धीरे-धीरे बढ़ रहा है. सड़कों पर पानी कहीं-कहीं आ गया है, तो कहीं-कहीं आने वाला है. अगर जल स्तर खतरे के निशान को थोड़ा भी पार करेगा, तो कई घरों में पानी प्रवेश कर जायेगा.
पुनपुन पर नजर रखने के निर्देश
पटना : डीएम एसके अग्रवाल ने रविवार को हिंदी भवन से मधुबनी जिले के बाढ़ पीड़ितों के लिए राहत सामग्री ट्रकों के माध्य्म से रवाना किया. उन्हाेंने कहा कि पुनपुन नदी के तटबंधों व तटीय क्षेत्रों में प्रशासन के स्तर से लगातार निगरानी की जा रही है. अनुमंडल पदाधिकारी तथा बीडीओ व सीओ पुनपुन नदी के सटे गांव का निरीक्षण कर रहे हैं. पुनपुन नदी के जलस्तर बढ़ने से तटबंधों पर पड़ रहे दबाव की समीक्षा की जा रही है. उन्होंने कहा कि सभी वरीय पदाधिकारी क्षेत्र में स्वयं वस्तु स्थिति पर नजर रख रहे हैं. पुनपुन नदी के तटबंधों पर सतर्कता बढ़ाने का निर्देश दिया गया है.
पुनपुन तटबंध के लिए निर्देश
तटबंध का कोई भी भाग कमजोर प्रतीत होता हो या किसी भाग से ब्रीच होने की संभावना परिलक्षित होती हो, तो उस स्थल का तत्काल सुदृढ़ीकरण सुनिश्चित करें.फ्लड फाईटिंग के सभी संसाधन यथा बालू से भरी बोरी, क्रेट आदि पर्याप्त मात्रा में पुनपुन में भंडारित करने का निर्देश दिया है.
आंध्र प्रदेश पहुंची टर्फ लाइन, मंगलवार तक बारिश की संभावना कम
बिहार में दक्षिणी-पश्चिमी माॅनसून टर्फ लाइन अमृतसर, नागपुर के स्वराष्ट्र और आंध्र प्रदेश होते हुए बंगाल की खाड़ी में जा रही है. ऐसे में पटना सहित सभी जिलों में कहीं भी बारिश की संभावना नहीं है. टर्फ लाइन बिहार के किसी भी क्षेत्र को कहीं से टच नहीं कर रहा है. ऐसे में बिहार में अभी मंगलवार तक बारिश होने की संभावना बहुत कम है. इस कारण से राजधानी का तापमान बढ़ेगा और अधिकतम तापमान 37 डिग्री तक पहुंचने की संभावना है.
जमींदारी बांध की कमजोर जगहों पर नजर
मसौढ़ी : रविवार को बीते 24 घंटे के बाद भी पुनपुन नदी का जल स्तर खतरे के निशान से ऊपर था. पुनपुन नदी खतरे के निशान से 1.70 सेंटीमीटर ऊपर बह रही थी. हालांकि, दोपहर बाद नदी का जल स्तर स्थिर हो गया.
पुनपुन नदी के दक्षिणी हिस्से में स्थित जमींदारी बांध की कुछ कमजोर जगहों पर स्थानीय प्रशासन की विशेष नजर है. इधर, धनरूआ प्रखंड की देवदहा पंचायत में पिछले वर्ष आयी बाढ़ ने अधिक क्षति पहुंचायी थी . इससे सबक लेते हुए तीन ओर से नदी से घिरे गांव मुस्तफापुर के ग्रामीणों ने खुद अपने बलबूते सबसे सोनमई पईन के पास रिसाव स्थल पर मिट्टी भरी बोरियां रख कर खुद तटबंध को मजबूत करने में लगे हैं .
अलावलपुर के गांवों में फैला बाढ़ का पानी
फतुहा : पुनपुन, दरधा और मोरहर नदियों के जल स्तर में वृद्धि के कारण प्रखंड की अलावलपुर पंचायत के यमुनापुर, जमालपुर, बाकरचक, चमरडीह आदि गांवों में बाढ़ का पानी फैल गया है. वहीं, सैकड़ों एकड़ कृषि योग्य भूमि जलमग्न हो गयी है. अलावलपुर के पंचायत समिति सदस्य लाला भगत व समाजसेवी शत्रुजंय कुमार सिंह ने बताया कि इन नदियों के बढ़ते जल स्तर के दबाव के कारण जमींदारी बांध को खतरा उत्पन्न हो गया है.
प्रखंड क्षेत्र के कई गांवों में बाढ़ के पानी घुसने से धान की फसल को क्षति हुई है. प्रखंड क्षेत्र में पुनपुन के जल स्तर में वृद्धि होने और धोवा नदी में पानी के आने से प्रखंड के सुपनचक, बिक्रमपुर, रूकुनपुर के कई निचले हिस्सों में पानी प्रवेश कर जाने से धान की फसल को आंशिक क्षति हुई है. इन क्षेत्रों में यह दूसरी बार है, जब बाढ़ का पानी खेतों में घुसा है और फसल को नुकसान हुआ है.
मसौढ़ी. धनरूआ प्रखंड में दरधा नदी के जल स्तर में हुई वृद्धि से बीते शनिवार की रात प्रखंड की वीर पंचायत के हांसापुर गांव के पास के तटबंध में अचानक रिसाव शुरू हो गया. हांसापुर के दो-तीन ग्रामीणों के घरों में पानी घुस आया.
मौके पर पहुंची प्रशासन की टीम ने उक्त रिसाव को मिट्टी भरी बोरियों से बंद किया. ग्रामीणों की मानें तो दरधा नदी के तटबंध के रिसाव को बंद करने में यदि घंटे भर की भी देरी हो जाती तो पूरा हांसापुर गांव बाढ़ की चपेट में होता. हालांकि रविवार को दरधा नदी के जल स्तर में गिरावट आने से प्रशासन ने राहत की सांस ली है.
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