पटना हॉस्टल कांड: शंभू गर्ल्स हॉस्टल मालिक मनीष को मिली जमानत, केस में आया नया मोड़

Published by :Pratyush Prashant
Published at :16 Apr 2026 2:36 PM (IST)
विज्ञापन
Patna Neet Student Death Case 16 April 2026

सांकेतिक तस्वीर

Patna Neet Student Death Case: पटना में नीट की तैयारी कर रही जहानाबाद की छात्रा की संदेहास्पद मौत मामले में बड़ी खबर आई है. इस मामले में जेल में बंद मनीष रंजन को कोर्ट से जमानत मिल गई है.

विज्ञापन

Patna Neet Student Death Case: मनीष रंजन शंभू गर्ल्स हास्टल का मालिक है जिसमें छात्रा रहती थी. मनीष पर छात्रा की मौत के मामले में साक्ष्य मिटाने का आरोप है. पटना में नीट की तैयारी कर रही जहानाबाद की छात्रा की संदेहास्पद मौत मामले में बड़ी खबर आई है. इस मामले में जेल में बंद मनीष रंजन को कोर्ट से जमानत मिल गई है.

कोर्ट रूम में छिड़ी कानूनी जंग

मनीष रंजन के वकीलों ने अदालत में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 187(2) का हवाला देते हुए डिफॉल्ट बेल की मांग की थी. दलील दी गई कि आरोपी 90 दिनों से जेल में है और पुलिस अब तक चार्जशीट दाखिल नहीं कर पाई है, इसलिए उसे रिहा किया जाना चाहिए.

विशेष लोक अभियोजक सुरेश चंद्र प्रसाद और पीड़िता के वकील एसके पांडेय ने इस गणित को चुनौती दी. उन्होंने सबूत पेश किए कि आरोपी को जेल गए अभी 90 दिन नहीं, बल्कि केवल 89 दिन ही हुए हैं. अदालत ने अभियोजन पक्ष के तर्क को सही माना और डिफॉल्ट जमानत के आवेदन को खारिज कर दिया था.

जब हॉस्टल में मिली थी छात्रा

यह पूरा मामला 9 जनवरी का है, जब पटना के चित्रगुप्त नगर थाने में मृत छात्रा के पिता ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी. छात्रा अपने हॉस्टल के कमरे में रहस्यमयी परिस्थितियों में बेहोश पाई गई थी.

पिता का आरोप था कि उनकी बेटी के शरीर पर चोट के निशान थे और उन्होंने हॉस्टल मालिक पर शारीरिक संबंध बनाने के प्रयास का गहरा शक जताया था. अस्पताल में इलाज के दौरान छात्रा ने दम तोड़ दिया था.

न्याय की उम्मीद में परिवार

पीड़ित परिवार के लिए यह लड़ाई केवल एक कानूनी प्रक्रिया नहीं, बल्कि अपनी बेटी के लिए इंसाफ की पुकार है. छात्रा पटना में रहकर डॉक्टर बनने का सपना देख रही थी और नीट परीक्षा की तैयारी कर रही थी.

उसकी मौत ने हॉस्टल में रहने वाली छात्राओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे. कोर्ट के ताजा फैसले के बाद अब पुलिस पर जल्द से जल्द ठोस चार्जशीट दाखिल करने का दबाव बढ़ गया है, ताकि मामले का ट्रायल शुरू हो सके.

Also Read: बिहार को मिल सकती है एक और वंदे भारत, समस्तीपुर से बनारस का सफर होगा आसान

विज्ञापन
Pratyush Prashant

लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन