पताही कोविड अस्पताल को अब मरीज का इंतजार, अंदर नहीं जा सकते हैं अटेंडेंट
Author : Prabhat Khabar News Desk Published by : Prabhat Khabar Updated At : 06 Sep 2020 6:14 AM
यदि कल पहला मरीज मिलता है तो कल से मरीज की भर्ती शुरू हो जायेगी यानी कल या परसों जिस दिन भी मरीज मिलते हैं तो अस्पताल द्वारा इलाज शुरू कर दिया जायेगा.
मुजफ्फरपुर. डीएम डॉ चंद्रशेखर सिंह व एसएसपी जयंतकांत ने शनिवार को पताही स्थित कोविड हॉस्पिटल का निरीक्षण किया. कोविड अस्पताल इलाज के लिए पूरी तरह से तैयार है. वहां डॉक्टर आ चुके हैं और पारा मेडिकल स्टाफ का प्रशिक्षण भी पूरा हो चुका है. मरीजों के इलाज के लिए 500 बेड की सुविधा है. 120 बेड आइसीयू के हैं. सभी बेड ऑक्सीजन युक्त हैं. यदि एक ही परिवार के तीन या चार मरीज आ जाते हैं, तो उनके लिए चार-चार बेड का अलग केबिन बनाया गया है. अटेंडेंट अंदर नहीं जा सकते हैं.
अस्पताल की ओर से जारी नंबर के माध्यम से वे अपने मरीज का हाल-चाल ले सकते हैं. पताही कोविड हॉस्पिटल में सभी प्रकार की टेस्ट की सुविधा उपलब्ध है. इसका एक अलग से टेस्टिंग लैब होगा. सभी प्रकार की महत्वपूर्ण दवाएं भी उपलब्ध करा दी गयी हैं. अस्पताल प्रबंधन दैनिक रूप से दो बार मेडिकल बुलेटिन जारी करेगा. यदि कल पहला मरीज मिलता है तो कल से मरीज की भर्ती शुरू हो जायेगी यानी कल या परसों जिस दिन भी मरीज मिलते हैं तो अस्पताल द्वारा इलाज शुरू कर दिया जायेगा.
एसकेएमसीएच में कोरोना पॉजिटिव मरीज के स्वस्थ होने के बाद अचानक हुई मौत की वजह जानने के लिए डीएम ने अधीक्षक से रिपोर्ट मांगी है. प्रभारी अधीक्षक डॉ सुनील कुमार शाही ने मेडिसिन विभागाध्यक्ष से मौत के कारणों पर रिपोर्ट देने को कहा है. विभागाध्यक्ष डॉ भगवान दास ने इसके लिए सात सदस्यीय टीम का गठन किया है. टीम में मेडिसिन विभाग के डॉ अकील अहमद मुमताज, डॉ आरोही कुमार, डॉ सतीश कुमार, डॉ अमरनाथ सिंह, डॉ रामाकांत प्रसाद, डॉ ज्योति प्रकाश और डॉ डीडी झा को शामिल किया है. बताया गया कि कोरोना से गुरुवार तक जिले में 6198 पॉजिटिव केस आये हैं. इनमें से 41 मरीजों की मौत हो चुकी है. इनमें से कई मरीज पाॅजिटिव होने के बाद निगेटिव हो गये और अस्पताल से डिस्चार्ज होने के दिन मृत हुए हैं. मरीजों की अचानक मौत से डॉक्टर भी हैरान हैं. इसके साथ ही जिले में कोरोना मृत्यु दर का आंकड़ा दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है. मृत्यु दर के आंकड़ा को देखते हुए डीएम ने एसकेएमसीएच के अधीक्षक से मृत्यु के कारणों की रिपोर्ट मांगी है.
कोरोना मरीजों के इलाज में लापरवाही हुई है या नहीं, इसकी विस्तृत जानकारी बेड हेड टिकट से मिलेगी. हालांकि बेड टिकट की वास्तविक जांच हुई, तो कोरोना मरीजों के इलाज में लापरवाही सामने आ सकती है. रोस्टर ड्यूटी के मुताबिक अधिकांश स्वास्थ्यकर्मियों ने ड्यूटी नहीं की है. वहीं समयानुसार मरीजों का बेड हेड टिकट पर इलाज का फॉलोऑप भी नहीं किया गया है. इसको लेकर कोरोना वार्ड में ड्यूटी में लगे डॉक्टरों में हड़कंप है.
posted by ashish jha
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