ऑपरेशन बुलडोजर: छापेमारी से पहले ही 14 भू-माफिया भूमिगत, कोर्ट ने आवास बोर्ड छोड़ा फैसला
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 12 Aug 2022 10:20 AM
राजीव नगर में आवास बोर्ड की जमीन बेच कर करोड़पति बने 14 भू-माफिया पुलिस की छापेमारी से पहले ही भूमिगत हो गये हैं. इधर नेपाली नगर मामले में पटना हाइकोर्ट ने कहा कि हम चाहते हैं कि जो कुछ निर्माण किया गया है, उसके बारे में आवास बोर्ड निर्णय ले.
पटना. राजीव नगर में आवास बोर्ड की जमीन बेच कर करोड़पति बने 14 भू-माफिया पुलिस की छापेमारी से पहले ही भूमिगत हो गये हैं. इनके मोबाइल फोन भी स्विच ऑफ हैं और परिजनों तक को जानकारी नहीं है. पुलिस ने एक भू-माफिया अश्विनी सिंह को गिरफ्तार कर लिया, लेकिन 14 अब भी फरार हैं. अगर ये सभी सरेंडर नहीं करते हैं तो इनकी संपत्ति की कुर्की-जब्ती की जायेगी.
इसके लिए सबसे पहले पुलिस टीम गिरफ्तारी वारंट के लिए कोर्ट में आवेदन देगी. इन सभी भू-माफियाओं ने आवास बोर्ड की जमीन को बेचा है, इस बात की पुष्टि पुलिस की जांच में हो चुकी है. राजीव नगर थाना के अपर थानेदार शंभु शंकर सिंह ने बताया कि छापेमारी की जा रही है. मालूम हो कि राजीव नगर थाने में अब तक 33 भू-माफियाओं के साथ ही छह समितियों पर भी केस दर्ज है. इनमें से 15 की संलिप्तता की पुष्टि हो चुकी है और बाकी के संबंध में जांच की जा रही है.
निराला सहकारी गृह निर्माण समिति, कपूरचंद सहकारी गृह निर्माण समिति, जयप्रकाश गृह निर्माण समिति, बजरंग सहकारी गृह निर्माण समिति, ललित फेडरेशन, त्रिमूर्ति सहकारी गृह निर्माण समिति.
इधर, नेपाली नगर मामले में पटना हाइकोर्ट ने कहा कि हम चाहते हैं कि जो कुछ निर्माण किया गया है, उसके बारे में आवास बोर्ड निर्णय ले. न्यायाधीश संदीप कुमार की एकलपीठ में गुरुवार को मामले की सुनवाई हुई. कोर्ट ने कहा की राजीव नगर के लोग यही सोच रहे है कि वे सभी सुरक्षित हैं. जो दावा कर रहे हैं, उन्हें अलग से रिट याचिका दायर करनी होगी. कोर्ट ने कहा कि हम चाहते हैं कि जो कुछ निर्माण किया गया है, उसको लेकर बोर्ड अपना निर्णय ले ले. इस पर बोर्ड की ओर से कहा गया कि वैसे लोग कभी सामने आये ही नहीं.
कोर्ट ने कहा कि जब कोई आयेगा ही नहीं, तो निर्णय कैसे होगा. इस मामले पर 16 अगस्त को दोबारा सुनवाई होगी. आवास बोर्ड के वकील ने कहा कि आवास बोर्ड के नियमों का उल्लंघन कर जिसने भी मकान बनाया है, उन्हें अपना पक्ष प्रस्तुत करने के लिए नोटिस जारी किया गया था, लेकिन कोई भी आवास बोर्ड के समक्ष उपस्थित नहीं हुआ. आवास बोर्ड के वकील का कहना था कि नेपालीनगर स्थित 400 एकड़ जमीन पर किसी का भी दावा मान्य नहीं है. जो लोग कोर्ट में आये हैं, उनका जमीन पर कोई कानूनी अधिकार है ही नहीं.
याचिकाकर्ता ने अपनी रिट याचिका में जो भी कागज लगाया हैं, उसके आधार पर बोर्ड की जमीन पर उन्हें कानूनी अधिकार नहीं मिल जाता है. इन लोगों ने अपनी याचिका में इस बात का कोई उल्लेख नहीं किया है कि उन्होंने यहां की जमीन कब और किससे खरीदी है. आवास बोर्ड के वकील ने कहा कि कोर्ट में याचिकाकर्ता को यह साबित करना होगा कि जमीन पर उनका कानूनी अधिकार कैसे है . केवल सहानुभूति के आधार पर उन्हें कोई राहत नहीं मिल सकता है.ऐसी याचिका पर कोई भी कोर्ट से किसी भी प्रकार का राहत नहीं प्राप्त कर सकता है.
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