धान खरीद मामले में नीतीश कुमार की दो टूक, अब हल्ला मचाने वाले किसान नहीं, व्यापारी हैं

नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार में 2006 में ही कृषि क्षेत्र से जुड़ा एपीएमसी कानून समाप्त कर दिया गया था. इस पर उस समय विपक्षी सदस्य जुलूस लेकर राजभवन तक गये थे.
पटना. राज्यपाल के अभिभाषण पर हुई बहस का जबाव देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में अब तक रिकॉर्ड 35 लाख 59 हजार टन धान की खरीद हो चुकी है. सभी किसानों से धान खरीद कर ली गयी है, कोई नहीं बचा है.
नीतीश कुमार ने कहा कि अब जो हल्ला कर रहे हैं, वे किसान नहीं, बल्कि व्यापारी हैं. इन लोगों ने बिचौलिये का काम करते हुए शुरुआत में ही किसानों से धान खरीद करके रख ली है.
सीएम ने कहा कि फर्जी तरीके से धान बेचने वालों पर सरकार की कड़ी नजर है. सरकार ऐसी गड़बड़ी नहीं होने देगी. इसी वजह से ये हल्ला मचा रहे हैं.
नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार में 2006 में ही कृषि क्षेत्र से जुड़ा एपीएमसी कानून समाप्त कर दिया गया था. इस पर उस समय विपक्षी सदस्य जुलूस लेकर राजभवन तक गये थे. यही लोग आज केंद्र के नये कृषि कानूनों का विरोध कर रहे हैं.
उन्होंने बिहार में धान, गेहूं, सब्जी, फल, मक्का समेत अन्य के उत्पादन में 2005-06 की तुलना में 2020-21 में हुई वृद्धि से जुड़ा विस्तृत आंकड़ा पेश किया. साथ ही यह भी कहा कि यह सही है कि राज्य में उद्योग नहीं बढ़े हैं. लेकिन, व्यापार और प्रति व्यक्ति आमदनी में बढ़ोतरी हुई है.
Posted by Ashish Jha
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By Prabhat Khabar News Desk
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