Video: पहले इलाज के लिए भटके, फिर मौत के बाद ठेले पर घर ले आए शव, बिहार में दिल दहला देने वाला मंजर

Published by : Abhinandan Pandey Updated At : 19 Dec 2025 2:15 PM

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नवादा में परिजन ठेले पर ले गए युवक का शव (वीडियो से ली गई तस्वीर)

Bihar News: बिहार के नवादा जिले के गोविंदपुर में युवक की मौत के बाद मानवता को झकझोर देने वाला दृश्य सामने आया. अस्पताल से शव वाहन न मिलने पर परिजन मृतक का शव ठेले पर रखकर घर ले जाने को मजबूर हो गए.

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Bihar News: बिहार के नवादा से एक दिल दहला देने वाली तस्वीर सामने आई है. गोविंदपुर थाना क्षेत्र के गोविंदपुर बाजार स्थित कुम्हारटोली मोहल्ले में बुधवार को 30 वर्षीय युवक की मौत के बाद परिजन उसका शव ठेले पर रखकर घर ले गए. इस दृश्य ने न सिर्फ लोगों की आंखें नम कर दीं, बल्कि स्वास्थ्य व्यवस्था की हकीकत को भी एक बार फिर सामने ला दिया.

मृतक की पहचान कुम्हारटोली निवासी अखिलेश पंडित के रूप में हुई है. परिजनों के अनुसार, अखिलेश की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी. घबराए परिजन उन्हें आनन-फानन में गोविंदपुर बाजार स्थित एक निजी क्लीनिक में इलाज के लिए ले गए. हालत नाजुक देखते हुए वहां के चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गोविंदपुर रेफर कर दिया.

अस्पताल में मची चीख-पुकार, मां-बाप हुए बेसुध

परिजन किसी तरह अखिलेश को अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था. अस्पताल पहुंचते ही मौजूद डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया. जैसे ही मौत की सूचना मिली, परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा. अस्पताल परिसर में चीख-पुकार मच गई, मां-बाप और परिवार के अन्य सदस्य बेसुध हो गए.

शव को ठेले पर रखकर घर ले गए परिजन

मौत के बाद जो दृश्य सामने आया, उसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया. शव वाहन या एंबुलेंस की व्यवस्था नहीं होने के कारण परिजन अखिलेश के शव को ठेले पर रखकर घर ले जाने को मजबूर हुए. सड़क पर ठेले पर पड़े शव और पीछे-पीछे रोते-बिलखते परिजनों को देख राहगीरों की भी आंखें भर आईं. लोग खामोशी से इस दर्दनाक मंजर को देखते रहे.

परिजनों का रो-रोकर हुआ बुरा हाल

घटना के बाद गोविंदपुर बाजार और आसपास के इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है. अखिलेश के घर पर मातम पसरा हुआ है. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और मोहल्ले के लोग उन्हें ढांढस बढ़ाने पहुंच रहे हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय पर बेहतर इलाज और जरूरी सुविधाएं मिलतीं, तो शायद अखिलेश की जान बच सकती थी.

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अभिनंदन पांडेय पिछले दो वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की और दैनिक जागरण, भोपाल में काम किया. वर्तमान में वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के हिस्सा हैं. राजनीति, खेल और किस्से-कहानियों में उनकी खास रुचि है. आसान भाषा में खबरों को लोगों तक पहुंचाना और ट्रेंडिंग मुद्दों को समझना उन्हें पसंद है. अभिनंदन ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से की. पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को सही तरीके से लोगों तक पहुंचाने की सोच ने उन्हें इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. दैनिक जागरण में रिपोर्टिंग के दौरान उन्होंने भोपाल में बॉलीवुड के कई बड़े कलाकारों और चर्चित हस्तियों के इंटरव्यू किए. यह अनुभव उनके करियर के लिए काफी अहम रहा. इसके बाद उन्होंने प्रभात खबर डिजिटल में इंटर्नशिप की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की वास्तविक दुनिया को करीब से समझा. बहुत कम समय में उन्होंने रियल टाइम न्यूज लिखना शुरू कर दिया. इस दौरान उन्होंने सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता भी बेहद जरूरी होती है. फिलहाल वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ काम कर रहे हैं. बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में कवर किया, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और वीडियो कंटेंट भी तैयार किए. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और भरोसेमंद खबर पहुंचे. पत्रकारिता में उनका लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और एक विश्वसनीय पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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