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पुराने रेलवे स्टेशन पर लगी भीषण आग, बुक स्टॉल व ऑफिस के कागजात जले

Updated at : 01 Jan 2025 10:23 PM (IST)
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पुराने रेलवे स्टेशन पर लगी भीषण आग, बुक स्टॉल व ऑफिस के कागजात जले

रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या एक की घटना

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नवादा कार्यालय. नये साल के पहले दिन 141 साल पुराना नवादा स्टेशन की बिल्डिंग में भीषण आग लग गयी. आग की लपटें इतनी भयानक थी कि पुराने रेलवे यातायात निरीक्षक कंट्रोल रूम व बुक स्टॉल को अपने आगोश में ले लिया. रेलवे यातायात निरीक्षक कंट्रोल रूम में रखे कागजात, कुर्सी, टेबल व अन्य सामग्री भी जलकर खाक हो गया. वहीं, बुक स्टॉल में रखी सभी तरह की किताब, कॉपी अखबार वह अन्य सामान भी जल गया. आग की लपटें इतनी तेज थी कि रेलवे प्लेटफॉर्म संख्या एक की छत को भी जलाकर खाक कर दिया. इसमें रेलवे ट्रैफिक इंस्पेक्टर का ऑफिस जल गया. वहीं रेलवे के कई फाइलें भी जल गयीं.

मौके पर पहुंचे दमकलकर्मीअग्निशमन विभाग की मेहनत मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया. विभागीय जानकारी के अनुसार, दमकल की चार गाड़ियां मौके पर पहुंची. दो बड़ी गाड़ी और दो छोटी गाड़ी के साथ अग्निशमन विभाग के 15 कर्मचारी और अधिकारी मौके पर मौजूद रहे.

आग लगने की स्थिति स्पष्ट नहीं:

अग्निशमन विभाग की ओर से मिली जानकारी के अनुसार आग लगने की स्थिति स्पष्ट नहीं हो पायी है. सहायक जिला अग्निशमन पदाधिकारी सोम बहादुर तमांग ने कहा कि हालांकि कहना है कि शॉर्ट-सर्किट के वजह से आग लग सकती है, लेकिन अधिकारी ने कहा कि स्थानीय लोगों का कहना है ठंडी के मौसम में आग जलाकर लोग अलाव का मजा रहे थे और लापरवाही हुई इसके कारण आग लगी है. हालांकि, अभी नुकसान का अनुमान नहीं लगाया गया है कि आग लगने के बाद कितना नुकसान हुआ है.

141 साल पुरानी विरासत को हुआ नुकसान:

नवादा में पुरानी विरासत को भारी नुकसान पहुंचा है. बताते चले की 141 साल पुराना रेलवे स्टेशन में आग लगने से काफी हानि पहुंचा है. नवादा का पुराना रेलवे स्टेशन 141 साल पुराना है. जिसे एक विरासत के रूप में भी देखा जाता है. बताते चले की इस रेलवे स्टेशन 1879 में इसकी नींव रखकर बनायी गयी थी, लेकिन नयी रेलवे स्टेशन में शिफ्ट हो जाने के कारण इसका रखरखाव नहीं हो रहा था. प्लेटफाॅर्म नंबर एक फिलहाल भिखारी और असामाजिक तत्वों का अड्डा बना हुआ है. जिला प्रशासन इस पुराने विरासत को बचाने में कामयाब नहीं दिख रही है. न तो रेलवे प्रशासन का इन चीजों पर नजर जाता है और ना ही जिला प्रशासन को संरक्षण की चिंता है. एक ओर जहां पुरानी प्लेटफार्म पर चहल पहल करती थी, वहीं आज स्टेशन अपनी अस्तित्व को खो चुका है. एक और जहां स्टेशन पर गंदगी का अंबार लगा है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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