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आज जिउतिया पर्व को लेकर 24 घंटों का निर्जला उपवास रखेंगी माताएं

Updated at : 24 Sep 2024 5:42 PM (IST)
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आज जिउतिया पर्व को लेकर 24 घंटों का निर्जला उपवास रखेंगी माताएं

नहाय-खाय के साथ जउितया व्रत शुरू

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नवादा नगर. हिंदू धर्म में पुत्रों के दीर्घायु होने के लिए माताएं जिउतिया पर्व करती हैं. महिलाओं ने मंगलवार को नहाय-खाय के साथ पर्व की शुरुआत की. बुधवार को माताएं पूजा-पाठ के बाद चौबीस घंटों का उपवास रखेंगी. गुरुवार को पारण करने के साथ जिउतिया पर्व संपन्न होगा. क्षेत्र के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में मनाये जानेवाला जिउतिया पर्व को लेकर मंगलवार को बाजार में सब्जी खरीदने वाली महिलाओं और पुरुषों की अच्छी खासी भीड़ देखी गयी. हालांकि भीड़ के बावजूद सब्जियों के कीमतों में काफी उछाल देखा गया. फूलगोभी, बैगन धनिया, बोड़ा, भिंडी, करेला के भाव आम दिनों की अपेक्षा अधिक रहे. बाजार की सब्जी मंडियों में सिर्फ जिउतिया के मौके पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराने वाले गोलवा साग, पोई का पत्ता, कंदा, मारुआ का आटा आदि की जबरदस्त मांग रही हैं. महंगाई के बावजूद सब्जियों की जमकर हुई बिक्री: ग्रामीण क्षेत्रों में अपने आप उग जाने वाला गोलवा साग 80 से 100 रुपये किलो बिका. इस प्रकार पोई का पत्ता 60 से 80 रुपये किलो, झींगा 100 रुपये, फूलगोभी 240 रुपये, बैगन 120 रुपये, करेला 100 रुपये, परोर 100 रुपये, भिंडी 100 रुपये रुपये किलो बिका. कंदा जो आम दिनों 20 से 30 रुपये किलो बिकता है, जिउतिया पर्व को लेकर 70 से 80 रुपये किलो तक बिका. इसी प्रकार जिउतिया पर्व में महत्वपूर्ण माने जाने वाला विलुप्त होने के कगार पर पहुंच चुके मरूआ का आटा 100 रुपये किलो तक बिका. महाभारत काल से होता आ रहा है जीउतिया व्रत कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को होता है जिउतिया पर्व: बताया जाता है कि जितिया व्रत आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को रखा जाता है. इस व्रत की कथा का जुड़ाव महाभारत काल से चला आ रहा है. अपने पिता के मृत्यु के बदला लेने के लिए अश्वत्थामा ने पांडव के सो रहे संतान को शिविर में घुसकर कर वध कर दिया था. उस समय द्रौपदी ने भी पुत्र को जीवित करने के लिए जीमूतवाहन की अराधना की थी. ऐसे जानकार बताते है कि उतरा के गर्भ में मरकर जीवित होने पर बच्चे को जीवित्पुत्रिका नाम दिया गया. उन्होंने बताया कि व्रती राजा की जीमूतवाहन, सियारिन, चिल्ही आदि से संबंधित कथा का श्रवण करती हैं. शहर के ज्योतिषाचार्य पंडित धर्मेंद्र झा ने बताया कि आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि इस बार 24 सितंबर को दोपहर में 12 बजकर 38 मिनट पर लग जायेगी. 25 सितंबर को आद्रा नक्षत्र रात के 3:30 बजे तक पड़ रहा है. इसलिए इस दिन व्रत करना बहुत ही शुभ रहेगा. बुधवार की शाम में जिउतिया शुभ मुहूत (लाभ) दोपहर एक बजे से संध्या 04 बजे तक है. तिथि और मुहूर्त की इस स्थिति के कारण इस वर्ष 24 सितंबर मंगलवार को जिउतिया का नहाय-खाय होगा. जबकि जितिया का व्रत रखने वाली माताएं उदया तिथि के कारण 25 सितंबर बुधवार को पूरे दिन और पूरी रात व्रत रखके अगले दिन यानी कि 26 सितंबर गुरुवार को व्रत का पारण करेंगी. इसका विधिवत पारण सुबह 04 बजकर 35 मिनट से सुबह 05 बजकर 23 मिनट तक किया जायेगा. वैज्ञानिक दृष्टि से पर्व: नहाय-खाय के दिन भी झींगी, कंदा, मड़आ के आटा की रोटी, खीरा, नोनी साग आदि का महत्व माना गया है. औषधीय दृष्टि से मौसमी सब्जियां व नोनी के साग में कैल्शियम और आयरन की भरपूर मात्रा रहने के कारण इसे खाने में शामिल किया जाता है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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