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लीड..बहनों ने कहा-भैया, मेरे राखी के बंधन को निभाना...

Updated at : 09 Aug 2025 9:46 PM (IST)
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लीड..बहनों ने कहा-भैया, मेरे राखी के बंधन को निभाना...

Nawada news. जिले में सावन पूर्णिमा के अवसर पर शनिवार को रक्षाबंधन का पर्व बड़े ही उत्साह, उल्लास और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया गया.

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अटूट प्रेम. जिलेभर में रक्षाबंधन का पर्व बड़े ही उत्साह, उल्लास और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया गया

जिले में गूंजा भाई-बहन के प्रेम का पर्व, कलाइयों पर राखी बांध बहनों ने की मंगलकामना

सावन पूर्णिमा पर रक्षाबंधन और आखिरी शनिवार का शुभ संयोग

फोटो- भाइयों को राखी बांधतीं बहनें.

-मिठाई दुकान पर मिठाई खरीदने की लगी भीड़.प्रतिनिधि, नवादा नगरजिले में सावन पूर्णिमा के अवसर पर शनिवार को रक्षाबंधन का पर्व बड़े ही उत्साह, उल्लास और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया गया. इस वर्ष का रक्षाबंधन खास रहा, क्योंकि सावन का आखिरी शनिवार और यह पवित्र पर्व एक साथ पड़ा, जिससे पूरे दिन का माहौल और भी शुभ हो गया. सुबह से ही घर-आंगन में रौनक और मंदिरों में भक्तों की भीड़ देखने को मिली. भाई-बहन का यह रिश्ता, जिसमें विश्वास, स्नेह और समर्पण की अटूट डोर बंधी होती है, पूरे दिन शहर और गांव में अपनी चमक बिखेरता रहा.

शुभ मुहूर्त का इंतजार और तैयारियों का उत्साह

बहनें सुबह से ही पूजा-पाठ, मिठाइयों की तैयारी और थाल सजाने में जुटी रहीं. जैसे ही मुहूर्त आरंभ हुआ, बहनों ने भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधा, तिलक लगाया, आरती उतारी और उनकी लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना की. बदले में भाइयों ने उपहार दिए और जीवनभर बहन की रक्षा करने का वचन निभाने का संकल्प लिया.

गली-मुहल्लों में रंग और रिश्तों की मिठास

शहर की गलियों और गांव की पगडंडियों में इस दिन का उल्लास साफ झलक रहा था. छोटे-छोटे बच्चों में भी इस पर्व के प्रति उत्साह देखने लायक था. रंग-बिरंगे कपड़ों में सजे-धजे नन्हें-मुन्ने घर-घर मिठास और खुशियां बांटते नजर आये. कई घरों में भाइयों के छुट्टी न मिलने से कुछ बहनों की आंखों में मायूसी थी, लेकिन फोन और वीडियो कॉल के जरिए भी उन्होंने अपने बंधन को निभाया.

प्रकृति को भी मिला ‘राखी का बंधन’

इस वर्ष एक खास पहल यह रही कि कई महिलाओं ने पेड़ों को राखी बांधकर प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया. उन्होंने संकल्प लिया कि जिस तरह भाई बहन की रक्षा करता है, वैसे ही वे भी इन पेड़ों और पर्यावरण की रक्षा करेंगी. इस अनोखी परंपरा ने सभी का ध्यान खींचा.

मिष्ठानों की मिठास और बाजार की रौनक

रक्षाबंधन पर बाजारों में सुबह से ही चहल-पहल रही. मिठाई, दूध, राखी और सजावटी सामान की दुकानों पर खरीदारों की भीड़ लगी रही.खोवा, छेना, बेसन के लड्डू, बर्फी और विभिन्न प्रकार की मिठाइयों की खुशबू बाजार में फैली रही. दुकानदारों के चेहरे पर भी बिक्री की रफ्तार से संतोष झलक रहा था.

सावन शनिवार की पूजा-अर्चना में उमड़ा जनसैलाब

रक्षाबंधन के साथ-साथ सावन का आखिरी शनिवार होने से शिवालयों में भीड़ का आलम रहा. शोभनाथ मंदिर, गोवर्धन मंदिर सहित विभिन्न मंदिरों में सुबह से जलाभिषेक और पूजा-अर्चना का सिलसिला चलता रहा. कई स्थानों पर हवन, कीर्तन और सत्यनारायण भगवान की पूजा भी हुई.

ज्योतिषीय मान्यता और व्रत

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, जिन्होंने सावन शनिवार का व्रत रखा है, उन्हें माह के सभी शनिवार को व्रत रखना चाहिए, तभी पूर्ण फल प्राप्त होगा. इस मान्यता का पालन करते हुए कई श्रद्धालुओं ने रक्षाबंधन के दिन भी व्रत रखकर भगवान शिव की विशेष पूजा की. इस तरह, सावन पूर्णिमा का यह विशेष दिन जिले के लोगों के लिए भाई-बहन के अटूट प्रेम, धार्मिक आस्था और प्रकृति संरक्षण का अद्भुत संगम लेकर आया. घर-आंगन, मंदिर और बाजार हर जगह उल्लास, स्नेह और परंपरा की अनूठी छटा बिखरी रही.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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BABLU KUMAR

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BABLU KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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