नवादा के वारिसलीगंज में मानसून बेअसर, 20% बिचड़ा लक्ष्य अधूरा, झमाझम बारिश का इंतजार कर रहे किसान

Author Pappu Kumar|Edited by System
Updated:
विज्ञापन
बारिश नहीं होने से किसान परेशान फोटो- AI

बारिश नहीं होने से किसान परेशान फोटो- AI

आर्द्रा नक्षत्र में भी बारिश का इंतजार, खेतों में नमी के अभाव से कृषि कार्य प्रभावित20 फीसदी बिचड़ा आच्छादन लक्ष्य से पीछे, आसमान की ओर टकटकी लगाए बैठे किसानप्रतिनिधि, वारिसलीगंज

विज्ञापन

Nawada News: नवादा जिले में कई दिनों की भीषण गर्मी व तपिश भरे उमस के बाद पिछले एक-दो दिनों से हो रही मामूली बारिश और मौसम में आए बदलाव ने आम लोगों को थोड़ी राहत जरूर दी है. हालांकि, यह हल्की रिमझिम फुहारें अन्नदाताओं के खेतों के लिए बिल्कुल भी पर्याप्त नहीं हैं. मानसून के दस्तक देने के बाद भी धरती की प्यास नहीं बुझ सकी है, जिससे प्रखंड के किसान अब भी बड़े संकट में हैं और धान का बिचड़ा गिराने के लिए पानी को लेकर जूझ रहे हैं. वर्तमान में साधन संपन्न सक्षम किसान जैसे-तैसे निजी संसाधनों से सिंचाई कर बिचड़ा गिरा रहे हैं, लेकिन गरीब व लाचार किसान अभी भी आसमान की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं.

लक्ष्य से 20 प्रतिशत पीछे चल रहा कृषि विभाग

क्षेत्र में पानी के भीषण अभाव के कारण बिचड़ा लगाने का निर्धारित लक्ष्य पाना भी प्रशासन के लिए मुश्किल साबित हो रहा है. स्थानीय कृषि विभाग के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, चालू खरीफ सीजन में वारिसलीगंज प्रखंड क्षेत्र में धान का बिचड़ा आच्छादन का कुल लक्ष्य 863.10 हेक्टेयर निर्धारित किया गया है. इसके विपरीत, पानी की किल्लत के चलते अब तक मात्र 698.75 हेक्टेयर भूमि में ही बिचड़ा गिराने का काम पूरा हो पाया है. इस प्रकार, विपरीत मौसमी परिस्थितियों के कारण कृषि विभाग जमीनी स्तर पर अपने आच्छादन के लक्ष्य से करीब 20 फीसदी पीछे चल रहा है.

आर्द्रा नक्षत्र में भी बारिश की आस हुई धुंधली

कृषि शास्त्र और पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, आर्द्रा नक्षत्र को धान का बीज रोपण करने के लिए पूरे वर्ष में सबसे उत्तम और फलदायी माना जाता है. इस संबंध में मशहूर लोक कवि घाघ की सदियों पुरानी लोकोक्ति भी कहती है कि ‘रोहिणी में धूप, मृग में वर्षा और आर्द्रा में अच्छी बारिश’ से खेतों में फसल इतनी बेहतर और लहलहाती होती है कि उसकी कुल उपज का अनुमान लगाना भी कठिन होता है. हालांकि, विडंबना यह है कि इस बार कृषि के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जाने वाला आर्द्रा नक्षत्र भी अपनी बेरुखी से किसानों को लगातार निराश कर रहा है.

समय से बुवाई न होने पर प्रभावित होगी खरीफ फसल

स्थानीय प्रगतिशील किसानों का साफ कहना है कि खेतों में नमी के अभाव से कृषि कार्य लगातार पिछड़ता जा रहा है और बिचड़ा गिराने का बहुमूल्य समय अब हाथ से निकलता जा रहा है. किसानों को डर है कि यदि अगले कुछ दिनों के भीतर क्षेत्र में जोरदार झमाझम बारिश नहीं हुई, तो मुख्य खरीफ फसल की समयबद्ध बुवाई पर इसका सीधा और बेहद प्रतिकूल असर पड़ना पूरी तरह तय है. मौसम के इस बदलते मिजाज और बादलों की आवाजाही के बीच, संपूर्ण प्रखंड के किसान अब भी अच्छी और भारी बारिश की आस लगाये बैठे हैं, ताकि थमे हुए कृषि कार्य को पुनः गति मिल सके.

Also Read: नवादा में करंट की चपेट में आने से युवक की मौत, मुआवजे की मांग को लेकर प्रदर्शन

विज्ञापन
Pappu Kumar

लेखक के बारे में

By Pappu Kumar

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन