नवादा के जम्हड़िया जर्जर पुल का बैरियर तोड़ फिर शुरू हुआ भारी वाहनों का परिचालन, जान हथेली पर रख गुजर रहे ट्रक-बस

Published by : Aditya Kumar Ravi Updated At : 23 May 2026 4:51 PM

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जर्जर पुल पर चल रहा ट्रक

Nawada News: नवादा जिले के पकरीबरावां क्षेत्र के जम्हड़िया गांव में 61 वर्ष पुराना जर्जर पुल बड़े हादसे को आमंत्रण दे रहा है. 4 दिन पूर्व बुधवार को विभाग द्वारा भारी वाहनों को रोकने के लिए लगाए गए बैरियर को असामाजिक तत्वों ने रात में तोड़ दिया, जिसके बाद ट्रकों और बसों का परिचालन दोबारा शुरू हो गया है. पुल में कई जगह दरारें आ चुकी हैं. मामले पर संज्ञान लेते हुए धमौल थानाध्यक्ष हिमांशु कुमार ने बताया कि बड़े वाहनों को रोकने के लिए अब पुल के दोनों छोर पर पुलिस फोर्स की तैनाती की जा रही है.

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Nawada News(विश्वनाथ कुमार): नवादा जिले के पकरीबरावां क्षेत्र अंतर्गत जम्हड़िया गांव स्थित जर्जर पुल पर एक बार फिर बड़े हादसे का खतरा मंडराने लगा है. पुल की अत्यंत दयनीय और खतरनाक स्थिति को देखते हुए पथ निर्माण विभाग ने 4 दिन पूर्व यानी बुधवार को एहतियातन पुल के दोनों ओर लोहे का बैरियर लगाकर भारी वाहनों के आवागमन पर पूरी तरह रोक लगा दी थी. लेकिन, चंद बेखौफ वाहन चालकों की मनमानी के कारण प्रशासन की यह कवायाद धरी की धरी रह गई और अब इस रूट पर सफर करने वाले यात्रियों की जान पूरी तरह जोखिम में है.

रात के अंधेरे में जबरन घुसाए ट्रक, दोनों तरफ के बैरियर तोड़े

स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, बुधवार की देर रात्रि कुछ भारी वाहनों के चालकों ने नियमों को ताक पर रखकर जबरन जर्जर पुल को पार करने की कोशिश की. इस दुस्साहस के कारण पुल के दोनों छोर पर सुरक्षा के लिहाज से लगाए गए मजबूत बैरियर पूरी तरह टूट गए. बैरियर टूटते ही इस खतरनाक पुल पर भारी ट्रकों, डंपरों और बड़ी बसों का परिचालन दोबारा धड़ल्ले से शुरू हो गया है, जिससे स्थानीय ग्रामीणों में भारी दहशत और चिंता का माहौल व्याप्त हो गया है.

61 वर्ष पुराना हो चुका है पुल, संरचना में आई भयानक दरारें

ग्रामीणों ने बताया कि यह ऐतिहासिक पुल करीब 61 वर्ष पुराना हो चुका है और अपनी तय समयावधि पूरी कर अब पूरी तरह जर्जर अवस्था में पहुंच गया है. पुल के मुख्य पिलरों और ऊपरी सतह पर भयानक दरारें साफ देखी जा सकती हैं. भारी लोड के कारण इसकी आंतरिक संरचना पूरी तरह कमजोर हो चुकी है. इसके बावजूद भारी वाहन चालक सब कुछ जानकर भी अनजान बने हुए हैं. ग्रामीणों का कहना है कि यदि इस ओवरलोडेड परिचालन को तुरंत नहीं रोका गया, तो यह पुल किसी भी दिन भरभराकर ध्वस्त हो सकता है, जिससे बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान होने से इनकार नहीं किया जा सकता.

सवारियों से भरी बसें भी पार हो रहीं, जैसे कोई नया और मजबूत पुल हो

स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि जब विभाग ने 4 दिन पहले बैरियर लगाया था, तब इलाके के लोगों ने राहत की सांस ली थी. लेकिन, रातों-रात बैरियर तोड़े जाने के बाद स्थिति फिर से बदतर हो गई है. सबसे ज्यादा डरावनी स्थिति यह है कि बड़ी-बड़ी यात्री बसें भी सैकड़ों सवारियों की जान दांव पर लगाकर इस पुल से गुजर रही हैं. भारी वाहन इस जर्जर पुल से ऐसे बेखौफ होकर पार हो रहे हैं, मानो यह कोई नया और अत्याधुनिक एक्सप्रेस-वे का मजबूत पुल हो.

धमौल थानाध्यक्ष का बड़ा एक्शन: बैरियर के दोनों तरफ तैनात होगी पुलिस फोर्स

जम्हड़िया के ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और पथ निर्माण विभाग से अविलंब इस मामले में हस्तक्षेप करने की गुहार लगाई है. लोगों ने मांग की है कि यहाँ केवल खानापूर्ति वाला बैरियर न लगाया जाए, बल्कि कंक्रीट या बेहद मजबूत लोहे का परमानेंट ढांचा खड़ा किया जाए.

इस बीच, मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए धमौल थानाध्यक्ष हिमांशु कुमार ने त्वरित संज्ञान लिया है. उन्होंने बताया कि स्थिति की गंभीरता को देखते हुए क्षतिग्रस्त बैरियर वाले स्थान पर पुल के दोनों साइड पुलिस बल की मुस्तैदी से तैनाती की जा रही है. तैनात पुलिसकर्मी चौबीसों घंटे ड्यूटी पर रहेंगे ताकि आने-जाने वाले किसी भी बड़े और भारी वाहन को पुल पर चढ़ने से सख्ती से रोका जा सके और नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

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