नवादा में लोगों को बारिश का इंतजार, सुखाड़ जैसे हालात और बिजली संकट से बिगड़ी स्थिति

Nawada Farmers Rain Problem : नवादा में बारिश नहीं होने से खेती प्रभावित है. खेत तैयार होने के बावजूद बिचड़ा नहीं डाला जा सका. बिजली की अनियमित आपूर्ति ने सिंचाई को मुश्किल बना दिया है, जिससे किसान चिंतित हैं और मानसून का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं.
Nawada Farmers Rain Problem : नवादा जिले के मेसकौर प्रखंड में इन दिनों किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं. धान की खेती का समय शुरू हो चुका है, खेत पूरी तरह तैयार हैं, लेकिन बारिश नहीं होने से बुआई की प्रक्रिया अटक गई है. हालात यह हैं कि किसान बिचड़ा डालने के लिए पूरी तैयारी कर चुके हैं, फिर भी पानी के अभाव में खेत सूखे पड़े हैं और काम शुरू नहीं हो पा रहा है.
प्रखंड के अधिकांश किसानों ने पहले ही खेतों की जुताई और कूड़ाई कर ली है. कई जगहों पर खेत बिचड़ा डालने के लिए पूरी तरह तैयार हैं, लेकिन पर्याप्त वर्षा नहीं होने के कारण अब तक बिचड़ा नहीं डाला जा सका है. इससे किसानों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है.
Rain Alert : बारिश नहीं, बिजली भी दे रही धोखा
किसानों की परेशानी सिर्फ बारिश तक सीमित नहीं है. जिन किसानों ने समर्सिबल के जरिए सिंचाई करने की कोशिश की, उन्हें भी बिजली की आंख मिचौनी का सामना करना पड़ रहा है. बिजली की अनियमित आपूर्ति के कारण खेतों में पानी नहीं पहुंच पा रहा है, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई है. किसानों का कहना है कि अगर बिजली सही रहती तो कुछ हद तक सिंचाई कर बिचड़ा डाला जा सकता था, लेकिन वर्तमान हालात में यह भी संभव नहीं हो पा रहा है.
Nawada News : बिचड़ा डालने का समय निकलता जा रहा
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार धान का बिचड़ा डालने के लिए 15 जून से 15 जुलाई तक का समय सबसे उपयुक्त माना जाता है. लेकिन जुलाई का पहला सप्ताह शुरू हो जाने के बावजूद खेतों में पर्याप्त पानी नहीं है. ऐसे में यदि जल्द बारिश नहीं हुई तो बिचड़ा डालने में देरी होगी और इसका सीधा असर धान की रोपनी और पैदावार पर पड़ेगा. विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि समय से बिचड़ा नहीं डालने पर पूरी खरीफ फसल प्रभावित हो सकती है. इससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है.
कुछ किसानों ने अभी तक शुरू ही नहीं की तैयारी
मेसकौर प्रखंड में कई ऐसे किसान भी हैं जिन्होंने अब तक बिचड़ा तैयार करना शुरू नहीं किया है. उनका कहना है कि जब तक अच्छी बारिश नहीं होगी, तब तक बिचड़ा तैयार करना जोखिम भरा है. उनका मानना है कि बिना पानी के बिचड़ा खराब हो सकता है और मेहनत बेकार चली जाएगी.
किसानों की चिंता बढ़ी, मानसून से उम्मीद
स्थानीय किसान परशुराम सिंह, मंटू सिंह, गौरी सिंह, राबो सिंह और सीताराम सिंह ने बताया कि खेतों में पर्याप्त पानी जमा होने के बाद ही बड़े स्तर पर बिचड़ा डालना और रोपनी संभव हो पाएगा. उनका कहना है कि अगर जल्द अच्छी बारिश नहीं हुई तो खरीफ खेती की पूरी योजना बिगड़ सकती है.
फिलहाल सभी किसान मानसून के सक्रिय होने का इंतजार कर रहे हैं. उन्हें उम्मीद है कि आने वाले दिनों में अच्छी बारिश होगी और धान की खेती रफ्तार पकड़ेगी. कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे मौसम पर नजर बनाए रखें और खेतों की तैयारी पूरी रखें ताकि बारिश होते ही तुरंत बिचड़ा डालने और रोपनी का काम शुरू किया जा सके.
मेसकौर के किसानों के लिए यह समय बेहद अहम है. यदि जल्द बारिश नहीं हुई तो न सिर्फ खेती प्रभावित होगी बल्कि किसानों की आर्थिक स्थिति पर भी गहरा असर पड़ेगा. अब सबकी नजरें आसमान पर टिकी हैं और उम्मीद है कि मानसून जल्द राहत लेकर आएगा.
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By Ragini Sharma
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