ककोलत पर पड़ रहा बढ़ती महंगाई का असर, बिहार के पर्यटक जा रहे झारखंड के पेट्रो जलप्रपात, वापसी में बढ़ रहे हादसे

ककोलत झरना
Kakolat Waterfall Nawada : ककोलत जलप्रपात में बढ़ती महंगाई का असर दिखने लगा है. इस वजह से बिहार के पर्यटक अब झारखंड के पेट्रो जलप्रपात का रुख कर रहे हैं.
Kakolat Waterfall Nawada : भीषण गर्मी के मौसम में प्राकृतिक सौंदर्य और ठंडे जल का आनंद लेने के लिए बिहार के प्रसिद्ध ककोलत जलप्रपात में हर वर्ष बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं. लेकिन इस वर्ष महंगाई का असर पर्यटन पर भी साफ दिखाई दे रहा है. स्थानीय लोगों और पर्यटकों का कहना है कि ककोलत में खाने-पीने, पार्किंग, स्नान, यात्रा और अन्य सुविधाओं पर बढ़े खर्च के कारण कई परिवार अब झारखंड के पेट्रो जलप्रपात की ओर रुख कर रहे हैं. झारखंड के कई प्राकृतिक स्थल अपेक्षाकृत कम खर्च में बेहतर अनुभव प्रदान कर रहे हैं, जिसके कारण वहां पर्यटकों की संख्या बढ़ रही है.
क्या कहते हैं पर्यटक
गया जी के पर्यटक राजेश कुमार का कहना है कि पहले एक परिवार कम खर्च में ककोलत की यात्रा पूरी कर लेता था, लेकिन अब परिवहन, भोजन और अन्य आवश्यक सेवाओं पर अधिक खर्च करना पड़ रहा है. यही वजह है कि लोग वैकल्पिक पर्यटन स्थलों की तलाश कर रहे हैं.
पर्यटक विजय कुमार ने बताया कि महंगाई ने ककोलत जलप्रपात के पर्यटन को प्रभावित किया है. बिहार के लोग ककोलत छोड अब झारखंड के प्रेट्रो जलप्रपातों की ओर जा रहे हैं. प्रशासन, पर्यटक और स्थानीय लोग यदि मिलकर सुरक्षा और सुविधाओं पर ध्यान दें, तो पर्यटन का आनंद भी बढ़ेगा और सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी लाई जा सकेगी.
स्थानीय व्यवसायी सन्नी हलवाई का कहना है कि यदि ककोलत में पर्यटकों के लिए सुविधाओं में सुधार किया जाए और अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण रखा जाए, तो फिर से बड़ी संख्या में पर्यटक यहां आने लगेंगे. पर्यटन से जुड़े छोटे व्यापारियों, होटल संचालकों और दुकानदारों की आय भी पर्यटकों पर निर्भर करती है. इसलिए पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए संतुलित व्यवस्था आवश्यक है.
पर्यटन विभाग और जिला प्रशासन से भी अपेक्षा की जा रही है कि ककोलत जलप्रपात में बेहतर सुविधाएं, स्वच्छता, उचित पार्किंग व्यवस्था और उचित दरों पर सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं. इससे पर्यटकों का विश्वास बढ़ेगा और स्थानीय पर्यटन को नई गति मिलेगी.
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वापसी में सड़क दुर्घटनाओं में हो रही है वृद्धि
झारखंड राज्य के कोडरमा जिला अन्तर्गत बासोडीह के नजदीक पेट्रो जलप्रपात प्राकृतिक सुंदरता, हरियाली और शांत वातावरण के कारण पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं. हालांकि, झारखंड से वापस लौटते समय सड़क दुर्घटनाओं में भी वृद्धि देखने को मिल रही है.
स्थानीय प्रशासन के अनुसार, छुट्टियों और सप्ताहांत के दौरान सड़कों पर वाहनों की संख्या काफी बढ़ जाती है. कई चालक लंबी यात्रा के दौरान थकान, तेज रफ्तार और यातायात नियमों की अनदेखी के कारण दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं. विशेष रूप से देर शाम और रात के समय दुर्घटनाओं का खतरा अधिक रहता है.
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क्या कहती हैं अकबरपुर बीडीओ
अकबरपुर बीडीओ राधा रमण मुरारी का कहना है कि वाहन चलाते समय गति सीमा का पालन करना, सीट बेल्ट लगाना, हेलमेट पहनना, नशे की हालत में वाहन नहीं चलाना और आराम के बाद ही लंबी दूरी की यात्रा करना आवश्यक है. इसके साथ ही प्रशासन को भी संवेदनशील मार्गों पर पुलिस गश्त बढ़ाने, चेतावनी संकेत लगाने और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत है.
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