जलवायु अनुकूल खेती करने पर प्रकृति करती है मदद
Updated at : 30 Jun 2024 5:35 PM (IST)
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जेपी आश्रम में किसानों को प्रशिक्षण के बाद दिये गये आम के पौधे व प्रमाणपत्र
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कौआकोल़
प्रखंड के जेपी आश्रम परिसर स्थित राजेंद्र भवन में कृषि विज्ञान केंद्र व ग्राम निर्माण मंडल सर्वोदय आश्रम सोखोदेवरा के बैनर तले अनुसूचित जाति उप-योजना के अंतर्गत चलाये गये जलवायु अनुकूल कृषि विषयक पांच दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण का समापन रविवार को किया गया. समापन के बाद केवीके के प्रभारी वरीय वैज्ञानिक सह प्रधान डॉ जयवंत कुमार सिंह, कोर्स कॉर्डिनेटर रविकांत चौबे, वैज्ञानिक डॉ अनुज्ञा भारती, डॉ शशांक शेखर सिंह, रौशन कुमार, अंगद कुमार व सुमिताप रंजन ने सभी प्रशिक्षु प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र व आम के पौधा देकर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गयी है. प्रशिक्षण के दौरान वैज्ञानिकों ने किसानों को जलवायु के अनुकूल खेती करने के तौर-तरीकों के साथ इससे होने वाले लाभ के बारे में जानकारी दी गयी. वैज्ञानिकों ने कहा कि यदि किसान जलवायु के अनुकूल खेती करें, तो प्रकृति के द्वारा भी किसानों को कृषि कार्य में मदद करती है. जलवायु के अनुकूल खेती करने से जहां एक ओर किसानों को खेती में कम लागत आयेगी़ वहीं, दूसरी तरफ पैदावार भी बढ़ेगा. प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले के विभिन्न प्रखंडों के चालीस किसानों ने भाग लिए हैं.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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By Prabhat Khabar News Desk
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