खत्म हो मुसलमानों का अल्पसंख्यक दर्जा : गिरिराज
Updated at : 04 Nov 2016 8:00 AM (IST)
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कहा : आर्थिक रूप से पिछड़े सवर्णों को भी मिले आरक्षण का लाभ नवादा सदर : देश के मुसलमान अब अल्पसंख्यक नहीं रहे हैं. मुसलमानों को अल्पसंख्यक कहने का अब कोई मतलब नहीं रह गया. अब यह दर्जा समाप्त कर दिया जाना चाहिए. ये बातें गुरुवार को नवादा में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहीं. […]
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कहा : आर्थिक रूप से पिछड़े सवर्णों को भी मिले आरक्षण का लाभ
नवादा सदर : देश के मुसलमान अब अल्पसंख्यक नहीं रहे हैं. मुसलमानों को अल्पसंख्यक कहने का अब कोई मतलब नहीं रह गया. अब यह दर्जा समाप्त कर दिया जाना चाहिए. ये बातें गुरुवार को नवादा में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहीं. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आजादी के तुरंत बाद देश में मुसलमानों की आबादी सात प्रतिशत थी.
तब उन्हें अल्पसंख्यक का दर्जा मिला था. अब देश की मुसलिम आबादी करीब 20 प्रतिशत हो गयी है. ऐसे में अब वे अल्पसंख्यक नहीं रहे हैं. गुरुवार की सुबह यहां सूर्यमंदिर धाम में छठ की तैयारियों का जायजा लेने के दौरान उन्होंने ये बातें कहीं.
नवादा सांसद श्री सिंह ने कहा कि आज की तारीख में किशनगंज में मुसलमानों की आबादी 70 प्रतिशत हो चुकी है. उत्तर प्रदेश के जिलों में मुसलमानों की जनसंख्या 30 से 54 प्रतिशत तक है. बढ़ती आबादी के बाद अब वे अल्पसंख्यक नहीं रह गये हैं. गिरिराज सिंह ने कहा कि अब इस मामले में गंभीरता से सोचा जाना चाहिए. जरूरत हो, तो संवैधानिक बदलाव भी किये जाने चाहिए और मुसलमानों को प्राप्त अल्पसंख्यक दर्जा अब समाप्त होना चाहिए.
श्री सिंह के मुताबिक, इस मसले को जाति से जोड़ कर नहीं देखना ठीक नहीं है. उन्होंने व्यवस्था बनाये रखने के लिए ऐसा करना जरूरी बताया. उन्होंने कहा कि मुसलमानों से कम आबादी वाली कई जातियां हैं, जिन्हें अल्पसंख्यक होने का लाभ नहीं मिल रहा है. इतना ही नहीं, आर्थिक रूप से पिछड़े सवर्णों को भी आरक्षण दिये जाने पर बल देते हुए उन्होंने जाति के नाम पर आरक्षण खत्म करने की जरूरत बतायी. श्री सिंह ने इस मुद्दे को लोकसभा के अगले सत्र में उठाने की बात भी कही.
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