‘अभया’ की मां के BJP से लड़ने पर दिप्सिता धर निराश, कहा- न्याय की मेरी लड़ाई राजनीतिक लाभ के लिए नहीं

Updated at : 24 Mar 2026 5:48 PM (IST)
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Dipsita Dhar Left Front Candidate West Bengal Elections 2026

माकपा नेता दीप्सिता धर.

Dipsita Dhar Interview: दमदम उत्तर से माकपा प्रत्याशी दिप्सिता धर ने कहा है कि आरजी कर मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल की पीड़िता ‘अभया’ की मां का भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में जाना उनका अधिकार है, लेकिन न्याय की वामपंथी लड़ाई जारी रहेगी. उन्होंने और क्या-क्या कहा, यहां पढ़ें.

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Dipsita Dhar Interview: आरजी कर अस्पताल की जघन्य घटना को करीब एक साल बीत चुका है, लेकिन इसकी गूंज आगामी विधानसभा चुनावों में साफ सुनाई दे रही है. दमदम उत्तर सीट से माकपा (CPIM) की युवा उम्मीदवार दिप्सिता धर ने पीड़िता की मां के भाजपा टिकट पर चुनाव लड़ने की इच्छा पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. दिप्सिता ने कहा कि हालांकि उन्हें पीड़िता की मां के फैसले से निराशा हुई है, लेकिन ‘अभया’ के लिए न्याय की उनकी मांग और भावनात्मक जुड़ाव रत्ती भर भी कम नहीं होगा.

बंगाल की महिलाएं कोई वस्तु नहीं हैं- दीप्सिता

दमदम उत्तर से तृणमूल की कद्दावर मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य को चुनौती दे रही 32 वर्षीय दिप्सिता धर ने स्पष्ट किया कि उनका चुनावी मुद्दा केवल एक सीट जीतना नहीं, बल्कि लिंग आधारित हिंसा के खिलाफ राज्य की सभी महिलाओं के अधिकारों की रक्षा करना है. उन्होंने कहा- मेरे लिए यह चुनाव भावनात्मक है, क्योंकि मेरे पड़ोस में रहने वाली एक युवती के डॉक्टर बनने के सपने को बेरहमी से कुचल दिया गया. न्याय अब भी अधूरा है और असली अपराधी आजाद हैं.

वामपंथियों पर लगे आरोपों का खंडन

पीड़िता के माता-पिता द्वारा वामपंथियों पर ‘न्याय की मांग का राजनीतिकरण’ करने के आरोपों को दिप्सिता ने सिरे से खारिज किया. कहा- यह उनका अधिकार है कि वे किस पार्टी को चुनें, लेकिन माकपा ने पीड़िता के परिवार का साथ चुनावी लाभ के लिए नहीं दिया था. हमारा संघर्ष सड़कों पर न्याय के लिए था और आगे भी जारी रहेगा.

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भ्रष्टाचार और मतदाता सूची (SIR) पर घेरा

जेएनयू की शोधकर्ता रहीं दिप्सिता ने ममता बनर्जी की पश्चिम बंगाल सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण (SIR) विवाद ने जनता के असली मुद्दों जैसे बेरोजगारी, गिरती स्वास्थ्य व्यवस्था और शिक्षा के बदतर हालात को पीछे धकेल दिया है. उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा SIR के विरोध को महज एक ‘दिखावा’ करार दिया.

माकपा के सामने बड़ी चुनौती

दिप्सिता ने स्वीकार किया कि इस चुनाव में वामपंथियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती उन वोटों को वापस पाना है, जो पिछले चुनावों में भाजपा की झोली में चले गये थे. उन्होंने उम्मीद जतायी कि इस बार लोग पहचान की राजनीति की बजाय अधिकारों की राजनीति को चुनेंगे.

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दीप्सिता और उनकी जंग

  • मुकाबला : दमदम उत्तर में माकपा की दिप्सिता धर बनाम टीएमसी की मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य.
  • कोर मुद्दा : आरजी कर मेडिकल कॉलेज की पीड़िता ‘अभया’ के लिए न्याय और महिलाओं की सुरक्षा.
  • बड़ा दावा : दिप्सिता ने कहा कि जांच अब भी दिखावा है और मुख्य अपराधी पकड़े नहीं गये हैं.
  • रणनीति : भाजपा की ओर गये वामपंथी वोटों को वापस लाकर विधानसभा में पकड़ मजबूत करना.

मेरे लिए यह चुनाव इस मांग को बुलंद करने का जरिया है कि बंगाल की महिलाएं कोई ऐसी ‘वस्तु’ नहीं हैं, जिनका जब मन चाहे बलात्कार या हत्या कर दी जाये. न्याय की हमारी मुहिम किसी के दल बदलने से प्रभावित नहीं होगी.

दिप्सिता धर, माकपा उम्मीदवार

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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