निबंधन कार्यालय में गति नहीं पकड़ रहा निबंधन का काम

Updated at : 08 Apr 2016 12:00 AM (IST)
विज्ञापन
निबंधन कार्यालय में गति नहीं पकड़ रहा निबंधन का काम

निबंधन कार्यालय में गति नहीं पकड़ रहा निबंधन का काम नवादा (सदर). निबंधन महानिरीक्षक द्वारा सभी दस्तावेज नवीसों का लाइसेंस रद्द कर दिये जाने व उनके कार्यालय में प्रवेश पर रोक लगा दिये जाने के बाद निबंधन कार्यालय में भूमि व मकान का निबंधन कार्य जोर नहीं पकड़ रहा है. नये दस्तावेज के अनुसार न […]

विज्ञापन

निबंधन कार्यालय में गति नहीं पकड़ रहा निबंधन का काम नवादा (सदर). निबंधन महानिरीक्षक द्वारा सभी दस्तावेज नवीसों का लाइसेंस रद्द कर दिये जाने व उनके कार्यालय में प्रवेश पर रोक लगा दिये जाने के बाद निबंधन कार्यालय में भूमि व मकान का निबंधन कार्य जोर नहीं पकड़ रहा है. नये दस्तावेज के अनुसार न तो निबंधन कराने के लिए लोग पहुंच रहे है और ना ही इसका व्यापक प्रचार प्रसार किया जा रहा है. आज भी निबंधन कराने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों से आये लोग पहले कागज लिखने वाले दस्तावेज नवीसो को ही ढूंढ़ते है. ऐसी परिस्थिति में निबंधन कराना मुश्किल सा हो गया है. मॉडल डीड पेपर को पूरी तरह से भरे जाने की जानकारी पक्षकारों को नहीं है. निबंधन विभाग द्वारा ऐसे तो जानकारी उपलब्ध कराने के लिए में आइ हेल्प यू काउंटर पर कर्मी की तैनाती की गयी है. लेकिन, पक्षकार अभी भी निबंधन कराने नहीं पहुंच रहे हैं, जिसके कारण निबंधन विभाग में निबंधन का कार्य ठप पड़ा है, जिससे सरकार को प्रतिदिन 40 से 50 लाख रुपये राजस्व की क्षति हो रही है. बताया जाता है कि नये मॉडल डीड के अनुसार अब पक्षकार को ही बैंक में निबंधन का शुल्क चलान के रूप में जमा करना होगा. इन व्यवस्थाओं के बीच पक्षकार अपने भूमि मकान का निबंधन नहीं कराना ही उचित समझ रहे है. बुधवार को निबंधन कार्यालय में भूमि निबंधन के लिए मात्र एक आवेदन मॉडल डीड पेपर पर विभाग में प्राप्त हुआ जिसे काफी समय के बाद निबंधित किया गया. दूसरी तरफ, हमेशा गुलजार रहने वाला दस्तावेज नवीसों का भवन सूना पड़ा है. न तो वहां अब दस्तावेज नवीस नजर आते है और न ही जमीन निबंधन कराने के लिए पहुंचे लोग.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन