कम जगह में अधिक मुनाफा का तरीका भाया

Updated at : 09 Feb 2016 7:31 AM (IST)
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कम जगह में अधिक मुनाफा का तरीका भाया

नवादा कार्यालय : वैकल्पिक खेती से रोजगार के अवसर तलाशने सोमवार को केंद्रीय सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्यम राज्यमंत्री गिरिराज सिंह ने खेतों की ओर रूख किया. राज्यमंत्री को परिसदन में कार्यकर्ताओं व आमजनों के साथ हो रही बैठक में जानकारी मिली कि जिले का एक युवक मशरूम की खेती कर रहा है. मंत्री ने […]

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नवादा कार्यालय : वैकल्पिक खेती से रोजगार के अवसर तलाशने सोमवार को केंद्रीय सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्यम राज्यमंत्री गिरिराज सिंह ने खेतों की ओर रूख किया. राज्यमंत्री को परिसदन में कार्यकर्ताओं व आमजनों के साथ हो रही बैठक में जानकारी मिली कि जिले का एक युवक मशरूम की खेती कर रहा है.
मंत्री ने तुरंत युवक व संबंधित विभागों के लोगों से बातें की. फिर उस युवक मनोज कुमार के गांव अकबरपुर का डेरमा की ओर रूख कर दिया. उनका पूरा काफिला चंद मिनटों में डेरमा पहुंच चुका था. पता चला है कि डेरमा का युवक मनोज कुमार मशरूम की खेती कर रोजगार का अवसर पैदा कर युवाओं को नयी राह दिखायी है.
कम से कम जगह का इस्तेमाल कर अधिक मुनाफा कमाने का यह तरीका लोगों को भाया. इससे जानने व समझने के साथ-साथ आम बेरोजगार युवकों के लिए सुलभ बनाने को लेकर मंत्री डेरमा गांव के खेतों के आरियों पर नजर आने लगे. उन्हें बताया गया मशरूम के अलावा यह युवा किसान अपने खेतों में मेंथा, दलहन आदि फसलें भी लगाता है. मेंथा के लिए इसने एक प्लांट भी लगा रखा है.
मशरूम उत्पादन को मॉडल बना कर राष्ट्रीयस्तर पर अपनाने की है योजना : मंत्री ने लोगों को बताया कि डेरमा के वैसे युवक जो अर्थ के अभाव में इसे जुड़ नहीं पा रहे हैं, उसके लिए संबंधित बैंक धन मुहैया करायेगी.
मौके पर मौजूद अग्रणी बैंक प्रबंधक गुरुपद प्रधान को निर्देश दिया कि ऐसे युवकों की एक सूची बनाकर वे संबंधित बैंक को भेजें. साथ ही ऋण की वसूली, उत्पादन को बाजार तक पहुंचाने की व्यवस्था आदि से संबंधित प्लान तैयार कर उन्हें उपलब्ध करायें. पीएनबी की स्थानीय शाखा के प्रबंधक जीत कुमार को भी उन्होंने कहा कि प्रति युवक 10 हजार रुपये की न्यूनतम राशि उपलब्ध करा कर उन्हें रोजगार की मुख्यधारा से जोड़ा जाये. यह योजना इस तरह तैयार की जानी चाहिए कि इसे राष्ट्रीय स्तर पर न सिर्फ सराहा जाये बल्कि लोग इसे अपनाये. इस दौरान मंत्री वैकल्पिक खेती के जरिए रोजगार उपलब्ध कराने की अपनी मंशा से भी लोगों को अवगत कराया.
मौके पर ही युवाओं से ली राय : गांवके युवक प्रदीप कुमार को बुला कर मंत्री ने प्रेरित करते हुए कहा कि आखिर आप के गांव के युवक मनोज वर्षों से इसे अपने रोजगार का माध्यम बना रखा है. फिर आप को परहेज क्यों. युवक ने आर्थिक तंगी का हवाला दिया, तो मंत्री ने लागत से लेकर आमद तक का पूरा खाका युवक को समझाते हुए उपस्थित अधिकारियों से कहा कि इस युवक को अपनी सूची में शामिल करें. गांव के कई अन्य युवकों ने भी मशरूम की खेती को अपनाने को अपनी सहमति दी.
तीन स्तरीय मॉडल तैयार करने का दिया सुझाव
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने एलडीएम को सुझाव दिया कि वे तीन स्तरीय मॉडल तैयार करें. ताकि इसमें लगे युवाओं को और बैंकों को कोई परेशानी न हो. साथ ही साथ उत्पादन से जुड़े युवा अपने उत्पादित माल को समुचित बाजार उपलब्ध करा सके. इसके लिए मनोज कुमार को मॉडल किसान के रूप में नोडल एजेंसी के तौर पर काम करने का भी सुझाव दिया. उन्होंने कहा कि अपने अनुभवों से गांव सहित जिले के युवाओं को लाभान्वित करें, ताकि वैकल्पिक खेती रोजगार का विकल्प बन सके.
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