देशी चिकत्सिालय कहां है, पता नहीं

Updated at : 17 Dec 2015 6:49 PM (IST)
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देशी चिकत्सिालय कहां है, पता नहीं

देशी चिकित्सालय कहां है, पता नहीं कागजों पर ही चल रहा देशी चिकित्सालय अावंटित हो रहे लाखों रुपये, लोगों को नहीं मिल रहा लाभ फोटो-11प्रतिनिधि, वारिसलीगंज स्वास्थ्य व्यवस्था में बेहतरी लाने के उद्देश्य से ही देशी चिकित्सालय की शुरुआत की गयी थी. लेकिन, वह उद्देश्य पूरा नहीं हो रहा है. अधिकारियों की अनदेखी व कर्मचारियों […]

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देशी चिकित्सालय कहां है, पता नहीं कागजों पर ही चल रहा देशी चिकित्सालय अावंटित हो रहे लाखों रुपये, लोगों को नहीं मिल रहा लाभ फोटो-11प्रतिनिधि, वारिसलीगंज स्वास्थ्य व्यवस्था में बेहतरी लाने के उद्देश्य से ही देशी चिकित्सालय की शुरुआत की गयी थी. लेकिन, वह उद्देश्य पूरा नहीं हो रहा है. अधिकारियों की अनदेखी व कर्मचारियों की लापरवाही के कारण हर दिन इस सुविधा का बेड़ा गर्क हो रहा है. आश्चर्यजनक बात, तो यह है कि आम लोगों को यह पता नहीं है कि देशी चिकित्सालय का कार्यालय कहां है. इसमें कौन-कौन चिकित्सक कार्यरत है. यहां किस मर्ज की दवा मिलती है. जबकि, स्वास्थ्य विभाग इसके लिए लाखों रुपये आवंटित कर रहा है. लाखों खर्च के बाद भी सुविधाओं का लाभ आम लोगों को नहीं मिल रहा है.अपना भवन भी नसीब नहीं प्रखंड में दशकों से चल रहा देशी चिकित्सालय के पास अपना भवन नहीं है. हालांकि, जिला मुख्यालय सहित अन्य प्रखंडों में चल रहे देशी चिकित्सालयों के पास भी भवनों की कमी है. सूत्रों की मानें, तो देशी चिकित्सालय में दवा सहित अन्य संसाधनों के नाम पर लाखों रुपये आते हैं. विभागीय जानकारी के अनुसार, भवन को लेकर उच्चाधिकारियों को कई बार अवगत कराया जा चुका है. फिलहाल प्रखंड में देशी अस्पताल, देशी चिकित्सालय, बाइपास स्थित मुड़लाचक में एक निजी मकान में चल रहा है.क्या कहते हैं लोग देशी चिकित्सालय प्रखंड में कब से चल रहा है, कहां चल रहा है, कौन-कौन चिकित्सक पदस्थापित है. यह जानकारी वारिसलीगंज के लोगों को नहीं है. सरकार देशी चिकित्सा को बढ़ावा दे रही है. पर विभागीय अधिकारी रुपये की बंदर बांट करने में लगे हैं. डीएम के स्तर पर भी इसकी मॉनीटरिंग नहीं की जा रही है. कपिल देव चौरसिया, सेवानिवृत्त बैंक प्रबंधकक्या कहते हैं प्रभारी देशी चिकित्सालय में कर्मियों की काफी कमी है. सेवानिवृत्ति के बाद कर्मियों की बहाली विभाग द्वारा नहीं हो पा रही है. इस कारण आवश्यक कार्य ससमय नहीं हो पाता है. देशी चिकित्सा सुविधा का लाभ कर्मियों की कमी के कारण क्षेत्र के लोगों को नहीं मिल रही है. दीनानाथ सिंह, आयुष चिकित्सा प्रभारीवर्षवार देशी अस्पताल में आये रुपये वर्ष®रुपये2013®35,5602014®49,9652015® 47,999

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