नि:शक्त बच्चों का बढ़ाया जा रहा मनोबल

Updated at : 13 Dec 2015 7:00 PM (IST)
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नि:शक्त बच्चों का बढ़ाया जा रहा मनोबल

नि:शक्त बच्चों का बढ़ाया जा रहा मनोबल आवासीय ट्रेनिंग कैंप के माध्यम से श्रवण व दृष्टि विहीन लड़कियों को मिल रहा प्रशिक्षणसमावेशी शिक्षा के तहत दिया जा रहा प्रशिक्षणसामान्य कस्तूरबा विद्यालय के लड़कियों के साथ रहती हैं विकलांग लड़कियांप्रतिनिधि, नवादा (नगर)शिक्षा के मुख्य धारा से जोड़ने के लिए बिहार शिक्षा परियोजना के समावेशी शिक्षा के […]

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नि:शक्त बच्चों का बढ़ाया जा रहा मनोबल आवासीय ट्रेनिंग कैंप के माध्यम से श्रवण व दृष्टि विहीन लड़कियों को मिल रहा प्रशिक्षणसमावेशी शिक्षा के तहत दिया जा रहा प्रशिक्षणसामान्य कस्तूरबा विद्यालय के लड़कियों के साथ रहती हैं विकलांग लड़कियांप्रतिनिधि, नवादा (नगर)शिक्षा के मुख्य धारा से जोड़ने के लिए बिहार शिक्षा परियोजना के समावेशी शिक्षा के तहत विशेष आवश्यकता वाले नि:शक्त बच्चों को आवासीय प्रशिक्षण देकर मानसिक रूप से सक्षम बनाने का अभियान चलाया जा रहा है. समावेशी शिक्षा द्वारा कस्तूरबा विद्यालय के छात्राओं के साथ दृष्टि व श्रवण नि:शक्त लड़कियों को ट्रेनिंग दी जा रही है. देखने व सुनने से लाचार लड़कियों को उत्साहित कर शिक्षा से जुड़ने का काम किया जा रहा है. समावेशी शिक्षा द्वारा नारदीगंज कस्तूरबा विद्यालय में श्रवण नि:शक्त लड़कियों तथा रोह कस्तूरबा विद्यालय में दृष्टि विहीन लड़कियों के लिए प्रशिक्षण देने का काम चल रहा है. नारदीगंज में सुनने से लाचार 22 लड़कियों को सुबह की दिनचर्या से लेकर पढ़ाई-लिखाई व अन्य रोजगार परक कार्यों का प्रशिक्षण विशेषज्ञों के नेतृत्व में दिया जा रहा है. पुनर्वास विशेषज्ञ नीतू कुमारी नारदीगंज की श्रवण नि:शक्त लड़कियों को मोटीवेट कर सामान्य लड़कियों की तरह अपनी दिनचर्या पूरा करने का प्रशिक्षण देती हैं. छह माह के इस प्रशिक्षण वर्ग में किताबी ज्ञान के साथ ही उनके मनोबल को बढ़ाने का काम भी किया जाता है. इसी प्रकार से कस्तूरबा विद्यालय रोह में दृष्टि विहीन नौ छात्राओं को सामान्य छात्राओं के साथ रह कर अपनी दिनचर्या बीताने का मौका मिल रहा है. शिक्षा विभाग द्वारा चलाये जा रहे इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शारीरिक रूप से अपंग छात्राओं को सशक्त बना कर सामाजिक जीवन में बेहतर करने के लिए प्रोत्साहित करना है. रोह में पुनर्वास विशेषज्ञ उपेंद्र कुमार मिश्रा प्रशिक्षण दे रहे हैं. डे केयर सेंटर कर रहा प्रशिक्षितजिला मुख्यालय स्थित नगर मध्य विद्यालय, पुरानी जेल रोड में डे केयर सेंटर संचालित है. यहां विकलांग छात्र-छात्राओं को इलाज के साथ मोटिवेशन एवं शिक्षा देने का काम भी किया जा रहा है. डे केयर सेंटर के पुनर्वास विशेषज्ञ वीरेंद्र कुमार के नेतृत्व में बच्चों को तरह-तरह से प्रशिक्षित कर सामान्य बच्चों की तरह पढ़ने व अन्य कार्यों के लिए उत्साहित किया जाता है.चलाये जा रहे कई कार्यक्रम नि:शक्त छात्र-छात्राओं को शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने एवं उनके मनोबल को ऊंचा करने के लिए विभाग द्वारा कई कार्यक्रम चलाये जा रहे हैं. आवासीय प्रशिक्षण केंद्र के माध्यम से भी नि:शक्त लड़कियों को ट्रेनिंग दी जा रही है. इस काम में छह पुनर्वास विशेषज्ञ तथा 17 रिर्सोस टीचर काम कर रहे हैं. सुनील कुमार, जिला कॉर्डिनेटर , समावेशी शिक्षा

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