एचआइवी पॉजिटिव कोख में पल रहे 20 बच्चे

Updated at : 30 Nov 2015 7:00 PM (IST)
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एचआइवी पॉजिटिव कोख में पल रहे 20 बच्चे

एचआइवी पॉजिटिव कोख में पल रहे 20 बच्चेइस वर्ष अब तक 54 मिले पाॅजिटीव, 2014 में थे 97 मरीज पिछले वर्ष की अपेक्षा इस बार एचआइवी पॉजिटिव मरीजों की संख्या में कमी प्रचार-प्रसार की जरूरत एड्स दिवस पर शुरू होगा नुक्कड़ नाटक कार्यक्रमसदर अस्पताल में औसतन 30 से 40 लोग कराते प्रतिदिन एचअाइवी टेस्टफोटो-प्रतिनिधि, नवादा […]

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एचआइवी पॉजिटिव कोख में पल रहे 20 बच्चेइस वर्ष अब तक 54 मिले पाॅजिटीव, 2014 में थे 97 मरीज पिछले वर्ष की अपेक्षा इस बार एचआइवी पॉजिटिव मरीजों की संख्या में कमी प्रचार-प्रसार की जरूरत एड्स दिवस पर शुरू होगा नुक्कड़ नाटक कार्यक्रमसदर अस्पताल में औसतन 30 से 40 लोग कराते प्रतिदिन एचअाइवी टेस्टफोटो-प्रतिनिधि, नवादा (नगर)’एचआइवी जानकारी ही बचाव’ यह एक नारा नहीं, बल्कि किसी को जीवन बचाने का मंत्र भी है. एचआइवी का असर धीरे-धीरे लोगों में बढ़ रहा है. हालांकि, जिले में वर्ष 2014 की अपेक्षा में इस वर्ष अक्तूबर तक एचआइवी पॉजिटिव मरीजों की संख्या में कमी देखी जा रही है. असुरक्षित यौन संबंध, संक्रमित खून चढ़ाने या दूसरे के (एचआइवी पॉजिटिव मरीजों) इस्तेमाल निडिल का इस्तेमाल करने आदि से एचआइवी का खतरा बढ़ता है. इन दिनों औसतन चार से पांच मरीज एचआइवी पॉजिटिव मिलते हैं. सदर अस्पताल में एचआइवी एड्स से बचाव को लेकर गर्भवती महिलाओं व उसके पति का टेस्ट करना अनिवार्य है. इस कारण प्रतिदिन 30 से 40 लोग अपनी जांच करा कराते हैं. पिछले वर्ष 2014 में जनवरी में 10, फरवरी में सात, मार्च में नौ, अप्रैल में 12, मई में छह, जून में सात, जुलाई में दो, अगस्त में नौ, सितंबर में 16, अक्तूबर में दो, नवंबर में सात व दिसंबर में आठ एचआइवी पॉजिटिव मरीज मिले थे. वहीं, वर्ष 2015 में पिछले वर्ष की अपेक्षा मरीजों की संख्या में कमी आयी है. इस वर्ष जनवरी में दो, फरवरी में पांच, मार्च में आठ, अप्रैल में आठ, मई में सात, जून में नौ, जुलाई में तीन, अगस्त में पांच, सितंबर में पांच, अक्तूबर में दो पॉजिटिव मरीज मिले हैं. एआरटी सेंटर में होता है इलाज होता एचआइवी पॉजिटिव मरीजों को काउंसेलिंग व इलाज के लिए एंटी रेट्रोथेरेपी सेंटर (एआरटी) में इलाज के लिए भेजा जाता है. जहां पॉजिटिव मरीजों का सीडी फोर जांच करके काउंसेलिंग व इलाज किया जाता है. नवादा से रेफर होनेवाले मरीजों को गया में स्थित एआरटी सेंटर भेजा जाता है. सदर अस्पताल सहित सभी सरकारी अस्पतालों में इसकी जांच की मुफ्त व्यवस्था है. अकेले सदर अस्पताल में ही प्रतिदिन 30 से 40 लोग अपना सैंपल देते हैं. खास कर गर्भवती महिलाओं व उनके पति की जांच अनिवार्य कर दिया गया है. इस रोग के बढ़ते खतरे को देखते हुए सलाह केंद्र की व्यवस्था भी उपलब्ध है. जहां, विशेषज्ञ काउंसेलर लोगों को एचआइवी से जुड़ी भ्रांतियां दूर करते हैं. साथ ही बचाव के लिए जरूरी उपाय भी बताते हैं. सदर अस्पताल में मुफ्त कंडोम वितरण की भी व्यवस्था है. जागरूकता के लिए उठाया जायेगा कदम एचआइवी संक्रमण से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने, सही सलाह देने, टेस्ट के लिए प्रेरित करने जैसे कामों के लिए जागरूकता फैलाने के लिए नुक्कड़ नाटक कलाकारों द्वारा जिले में 60 स्थानों पर किया जायेगा. इसके लिए सूचना एवं जन संपर्क विभाग से जुड़े कलाकारों को जिम्मा दिया गया है. 27 दिसंबर तक गांव-गांव में जाकर नुक्कड़ नाटक किये जायेंगे.सभी केंद्रों पर जांच उपलब्धएचआइवी की रोकथाम के लिए नि:शुल्क जांच व परामर्श की व्यवस्था है. समय-समय पर जागरूकता कार्यक्रम भी चलाये जाते हैं. एचआइवी की जांच के लिए सभी व्यवस्था केंद्र में उपलब्ध है. डॉ विमल प्रसाद, प्रभारी एचआइवी विभागबताये जाते हैं उपाय यहां आने वाले लोगों को एड्स से जुड़ी भ्रंतियों को दूर करने के बारे में बतलाते हैं. साथ ही बीमारी न हो, इसके लिए भी बचाव के उपाय बतलाते हैं. जो एचआइवी पॉजिटिव मरीज हैं वह सही तरीके से समाज में रह कर अपना जीवन यापन कर सके. इसके लिए मोटिवेशन का काम भी करते हैं. संजीव कुमार गुप्ता, काउंसेलर, एचआइवी विभागसदर अस्पताल में जांच कराने वाले जनवरी®492फरवरी®445मार्च®306अप्रैल®414मई®534जून®294जुलाई®543अगस्त® 470सितंबर® 532अक्तूबर®336

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