जिला मुख्यालय में कागजों पर ही चल रहा देसी चिकित्सालय सुविधा का बेड़ा गर्क

Published at :05 Jun 2015 9:44 AM (IST)
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जिला मुख्यालय में कागजों पर ही चल रहा देसी चिकित्सालय सुविधा का बेड़ा गर्क

नवादा (नगर): स्वास्थ्य व्यवस्था में बेहतरी लाने के उद्देश्य से देशी चिकित्सालय की शुरुआत की गयी थी. लेकिन, वह उद्देश्य पूरा नहीं हो रहा है. देसी चिकित्सालयों की स्थिति जिले में बदतर हो गयी है. वरीय अधिकारियों की अनदेखी व कर्मचारियों की लापरवाही के कारण हर दिन इस सुविधा का बेड़ागर्क हो रहा है. आश्चर्यजनक […]

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नवादा (नगर): स्वास्थ्य व्यवस्था में बेहतरी लाने के उद्देश्य से देशी चिकित्सालय की शुरुआत की गयी थी. लेकिन, वह उद्देश्य पूरा नहीं हो रहा है. देसी चिकित्सालयों की स्थिति जिले में बदतर हो गयी है. वरीय अधिकारियों की अनदेखी व कर्मचारियों की लापरवाही के कारण हर दिन इस सुविधा का बेड़ागर्क हो रहा है.

आश्चर्यजनक बात तो यह है कि आम लोगों को तो यह भी पता नहीं है कि देशी चिकित्सालय का कार्यालय कहां है? इसमें कौन कौन चिकित्सक कार्यरत है? यहां किस मर्ज की दवा मिलती है? जबकि, स्वास्थ्य विभाग इसके लिए लाखों रुपये आवंटित कर रहा है. लाखों खर्च के बाद भी सुविधाओं का लाभ आम लोगों को नहीं मिल रहा है.

अपना भवन भी नसीब नहीं
जिले में दशकों से चल रहे देशी चिकित्सालय के पास आज तक अपना भवन नहीं है. इसके अलावा विभिन्न प्रखंडों में चल रहे छह आयुर्वेद, यूनानी व होमियो चिकित्सालय के पास भी भवनों की कमी है. इस कारण मरीजों को लाभ नहीं मिल पाता है.
हालांकि, इन अस्पतालों में दवा साहित अन्य संसाधनों के नाम पर लाखों रुपये आते हैं. विभागीय अधिकारियों व कर्मियों का कहना है कि अपने भवन के लिए उच्चाधिकारियों को कई बार अवगत कराया जा चुका है. फिलहाल यह अस्पताल आरएमडब्ल्यू कॉलेज के दक्षिणी भाग में एक निजी मकान में चल रहा है.महंगाई के दौर में भी अस्पताल चलाने के लिए कम किराये पर कोई भवन नहीं देना चाहता है. जबकि, विभाग द्वारा किराये के नाम पर बहुत ही कम रुपये मिलते है.
महीनों से रिक्त हैं कई पद
देशी चिकित्सालय में कर्मियों की काफी कमी है. सेवानिवृत्ति के बाद कर्मियों की बहाली विभाग द्वारा नहीं हो पा रही है. इस कारण आवश्यक कार्य ससमय नहीं हो पाता है. जिले में देशी चिकित्सालय में यूनानी व आयुर्वेद विभाग के कंपाउंडर का पद कई महीनों से रिक्त है. वही चतुर्थ वर्गीय कर्मी भी नहीं है.
अच्छी सुविधा देना प्राथमिकता
संस्थानों की कमी के बावजूद अच्छी व्यवस्था देना हमलोग के प्राथमिकता में है कर्मियों की भी कमी से कार्य पर असर पड़ रहा है. विभाग को कर्मी व भवन के लिए कई बार अवगत कराया गया है, अभी तक कोई कदम नहीं उठाया गया है. हालांकि, इलाज में कोई कोताही नहीं बरती जा रही है.
डॉ राज कुमार, जिला देशी चिकित्सालय पदाधिकारी, नवादा
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