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नप कचरे से बना रहा आमदनी की योजना

Updated at : 14 Jun 2019 8:11 AM (IST)
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नप कचरे से बना रहा आमदनी की योजना

नवादा नगर : घरों से निकलनेवाले कचरों को सूखे और गीले कचरे के रूप में अलग-अलग करके जमा करने को लेकर नगर पर्षद द्वारा हजारों नीले व हरे रंग का डस्टबीन बांटा जा रहा है. आमलोगों को इस डस्टबीन में अलग-अलग करके कचरा जमा करने के लिए उपलब्ध कराया गया है. योजना के अनुसार, नप […]

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नवादा नगर : घरों से निकलनेवाले कचरों को सूखे और गीले कचरे के रूप में अलग-अलग करके जमा करने को लेकर नगर पर्षद द्वारा हजारों नीले व हरे रंग का डस्टबीन बांटा जा रहा है. आमलोगों को इस डस्टबीन में अलग-अलग करके कचरा जमा करने के लिए उपलब्ध कराया गया है. योजना के अनुसार, नप के सफाई कर्मी घर-घर जाकर इन डब्बों से कचरा जमा करेंगे.
नगर पर्षद में इसके लिए पहले चरण में 18 हजार डस्टबीन लाया गया है. विभागीय स्तर पर जांच के आदेश के बाद डस्टबीन के क्वालिटी की जांच हाजीपुर स्थित सरकारी सीपैट संस्थान से कराया गया है. जांच में सही उतरने के बाद डस्टबीन को मुहल्लों में बांटा जा रहा है. घरों से निकलनेवाले कचरों को अलग से जमा करके जैविक खाद तैयार किया जाना है. जबकि सुखे कचरों को स्क्रैप के रूप में जमा करके इससे आमदनी करने की योजना है.
जमीन की हो रही तलाशी : सरकारी स्तर पर शहर से बाहर दो एकड़ जमीन उपलब्ध कराने के लिए लगभग सहमति बनने की बात कही जा रही है. इसके अलावे पांच से 10 एकड़ जमीन प्राइवेट स्तर पर लीज के रूप में लेने के लिए नगर पर्षद द्वारा टेंडर निकाला गया है. गीले कचरे से जैविक खाद बनाया जायेगा, जबकि सूखे कचरों में से जरूरत के अनुसार रिसाइक्लिंग के लायक कचरों को चुन कर उसे रिसाइक्लिंग की प्रक्रिया के लिए भेजने की योजना है.
डस्टबीन के इस्तेमाल से कम होगी गंदगी
शहर में वितरण के लिए लाये डस्टबीनों की क्वालिटी जांच के लिए हाजीपुर स्थित सरकारी संस्थान सीपैट भेजा गया था. जांच की रिपोर्ट में क्वालिटी को क्लीन चिट मिलने के बाद इसे शहर में बांटने की अनुमति मिल गयी है. कचरे का डब्बा घरों में होने के कारण इसे लोग बाहर नहीं फेकेंगे.
नगर पर्षद नीले व हरे रंग के अलग-अलग डस्टबीन सभी घरों में बांट रही है. इससे गंदगी को जमा करके उसे सीधे कचरा जमा लेनेवालों के पास दिया जा सकेगा. सुखा व गीला कचरा अलग-अलग करके रखना है. घरों से निकलनेवाले कचरों को जमा करके उससे जैविक खाद बनाने की योजना है.
विभागीय अधिकारियों के अनुसार जैविक खाद बनाने के लिए गीले व सूखे कचरे को अलग जमा लिया जायेगा. सब्जियों के छिलके, खाने आदि के जुठन, कीचन के अन्य बेकार कचरों को गीले कचरों के रूप में जमा किया जायेगा, जबकि फटे कागज, प्लास्टिक आदि के रैपर व अन्य लोहे, शीशे आदि के टूटे फूटे सामान आदि को सूखा कचरे के रुप में जमा किया जायेगा. जमा किये गये कचरों को अलग करके खाद बनाने की प्रक्रिया की जायेगी.
कचरों के लिए चार्ज वसूलने की तैयारी
नगर पर्षद क्षेत्र के सभी 33 वार्डों में नीले व हरे रंगों का डस्टबीन हो रहा है. हरा डस्टबीन में गीला कचरा व नीला डस्टबीन में सुखा कचरा रखने का निर्देश दिया गया है. नप के सफाई कर्मी डोर टू डोर जाकर इन कचरों को अलग-अलग गाड़ियों में इकट्ठा करेंगे.
विभागीय स्तर पर इसके लिए चार्ज वसूलने की भी तैयारी हो रही है. हालांकि पहले मुफ्त में यह डस्टबीन दिया जा रहा है. वर्तमान समय में वार्ड एक से 16 तक की सफाई का जिम्मा प्राइवेट एजेंसी एम पीपुल संभाल रही है, जबकि वार्ड 17 से 33 तक की सफाई पुराने सफाई सिस्टम के तहत किया जा रहा है.
क्या कहते हैं अधिकारी
खरीदे गये डस्टबीन की क्वालिटी को प्रमाणिकता मिल गयी है. डस्टबीन का वितरण किया जा रहा है. डोर टू डोर सूखे व गीले कचरों को अलग से इकट्ठा किया जायेगा. कचरा डंप करने के साथ उससे जैविक खाद बनाने की योजना है. इसके लिए जमीन की तलाश हो रही है.
देवेंद्र कुमार सुमन, कार्यपालक पदाधिकारी, नगर पर्षद
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