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वाटर टैंक से पानी मांगवा कर बुझायी जा रही प्यास

Updated at : 07 May 2019 5:09 AM (IST)
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वाटर टैंक से पानी मांगवा कर बुझायी जा रही प्यास

नवादा नगर : शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राउंड वाटर के लगातार दोहन से वाटर लेवल काफी नीचे चला गया है. जिले के चार पंचायतों व नगर निकायों में वाटर लेवल 50 फुट तक नीचे चला गया है. भीषण गर्मी में पानी की किल्लत एक बड़ी समस्या बन कर उभरी है. ग्राउंड वाटर लेवल में […]

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नवादा नगर : शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राउंड वाटर के लगातार दोहन से वाटर लेवल काफी नीचे चला गया है. जिले के चार पंचायतों व नगर निकायों में वाटर लेवल 50 फुट तक नीचे चला गया है. भीषण गर्मी में पानी की किल्लत एक बड़ी समस्या बन कर उभरी है. ग्राउंड वाटर लेवल में हो रही कमी से घरों के चापाकल व मोटर फेल रहे हैं. सरकार की योजनाओं का लाभ सभी लोगों तक नहीं पहुंचने के कारण अधिकतर लोगों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है.

विभागीय दावा है कि खराब हो गये सरकारी चापाकलों को बनाने के लिए जिले में बड़ी टीम जुटी हुई है इसके अलावे वाटर टैंक के माध्यम से पानी सप्लाई हो रही है. जिले में शहरी क्षेत्र व अन्य तीन पंचायतों में वाटर लेवल 50 फुट तक नीचे चला गया है, जो खतरे की घंटी है.
जिले में पिछले दो-तीन दिनों से पानी की कमी को देखते हुए लगातार पानी टैंकरों के माध्यम से वाटर सप्लाई शुरू की गयी है. पीएचईडी द्वारा रविवार तक 20 टैंकरों से वाटर सप्लाई किया जा रहा था. विभागीय अधिकारियों के अनुसार जहानाबाद से आठ अन्य टैंकर मंगाये जा रहे हैं. इस प्रकार मंगलवार सात मई से 30 टैंकरों के माध्यम से जरूरतमंद क्षेत्रों में पानी की सप्लाई शुरू की जायेगी.
वाटर लेवल बचाने के लिए करनी होगी पहल
वाटर लेवल बचाने के लिए हर स्तर पर प्रयास की जरूरत है. लोगों को पानी की बर्बादी करनेवाली आदतों में बदलाव लाना होगा. जमीन से पानी तो निकाला जा रहा है. लेकिन, इसकी रिफिलिंग कैसे होगी इसकी चिंता नहीं हो रही है. नलके का टेप खुला नहीं रह जाये इसके अलावे किसी प्रकार से पानी की बर्बादी को रोकना जरूरी है.
अधिकतर क्षेत्रों में गिरा है पानी का वाटर लेवल जिले के सभी 187 पंचायतों में से लगभग सभी पंचायतों में वाटर लेवल की कमी हो रही है. जिले में 20 से 50 फुट तक वाटर लेवल कम हुआ है. इसी का नतीजा है कि अधिकतर जल श्रोत सूख रहे हैं. घरों के पुराने चापाकल व मोटर या तो फेल हो गये या फेल होने की स्थिति में है.
सरकारी खराब चापाकलों को बनाने के लिए जिला स्तर पर मैकेनिकों की बड़ी टीम बनायी गयी है. जिला भर में चालू अवस्था में लगे लगभग 22 हजार चापाकलों में से खराब चापाकलों को बनाने के लिए यह टीम काम कर रहा है.
जानकारी के अनुसार, पिछले वित्तीय वर्ष में लगभग 35 सौ खराब चापाकलों को बनाया गया था. इस माह में लगभग दो सौ चापाकालों में सिलिंडर बदलने या उसके पाइप बढ़ा कर नीचे तक किया गया है. अधिकारी ने बताया कि पर्याप्त संख्या में मैकेनिकों को मरम्मत के सामान उपलब्ध कराये गये हैं.
क्या कहते हैं अधिकारी
पानी की कमीवाले क्षेत्रों में वाटर टैंक से पानी पहुंचाया जा रहा है. वाटर लेवल गिरना चिंता का विषय है. पिछले कुछ साल से पर्याप्त वर्षा नहीं होने से भी प्रभाव हुआ है. पानी बचाने का अभियान शुरू किया जाना चाहिए. विभागीय स्तर पर खराब चापाकलों को ठीक करने के लिए मैकेनिकों की टीम लगायी गयी है. चापाकल खराब होने पर 06324- 210036 पर फोन करके सूचना दी जा सकती है.
चंदेश्वर राम, कार्यपालक अभियंता, पीएचईडी
मुख्य बातें
30 टैंकरों से हो रही वाटर सप्लाई सभी टैंकरों में 36 सौ पानी संग्रहण की है क्षमता
14 गैंगमैन टीम खराब चापाकलों को ठीक करने के लिए निकली है.
06324- 210036 पर कार्यालय अवधी में फोन करके खराब पड़े सरकारी चापाकलों की सूचना दी जा सकती है.
संबंधित पंचायत
50 फुट से ऊपर चार पंचायतों में
40 से 50 फुट तक 14 पंचायतों में
30 से 40 फुट तक 48 पंचायतों में
20 से 30 फुट तक 109 पंचायतों में
20 फुट से नीचे तक 12 पंचायतों में
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