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कुंभ मेले में मिला घर का चिराग, 8 महीने पहले नवादा से हुआ था लापता

Updated at : 20 Jan 2025 6:27 PM (IST)
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परिवार के साथ अमरजीत

परिवार के साथ अमरजीत

Kumbh: नवादा के रहने वाले एक परिवार के लिए उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ का मेला खुशियों की सौगात लेकर आया. मेले में गए गांव के लोगों ने एक बच्चे को उसके परिवार से मिलाया.

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उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ बिहार के नवादा के रहने वाले एक परिवार के लिए खुशियां लेकर आया. दरअसल, वारिसलीगंज नगर परिषद के अंबेडकर नगर निवासी सुजीत दास का 13 वर्षीय बेटा अमरजीत 30 मई 2024 को घर से लापता हो गया था. परिवारवालों ने उसे हर जगह ढूंढा लेकिन उसका कहीं भी पता नहीं चल पाया. इसी बीच गांव के कुछ लोग कुंभ मेले में शामिल होने के लिए प्रयागराज गए थे. जहां उनकी नजर एक अनाथालय पर लगे पोस्टर पर पड़ी. जिसमें अमरजीत का फोटो लगा था. जिसके बाद  उन्होंने इसकी जानकारी  परिवार को दी. बेटे के मिलने की खबर जैसे ही बच्चे के माता-पिता को मिली वह उसे लेने के लिए प्रयागराज पहुंचे जहां अमरजीत को पाकर उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा.

8 महीने बाद परिवार से मिला अमरजीत

8 महीने बाद अपने परिवार से मिलकर अमरजीत भी खुश दिखा. उसने पुलिस को बताया कि 30 मई को अनिल पासवान नामक व्यक्ति उसे बहला-फुसलाकर गया जंक्शन ले गया और ट्रेन में बैठा दिया. इसके बाद, उसे इलाहाबाद के एक अनाथालय में पहुंचा दिया गया. वहीं, अमरजीत के घर लौटने से परिवार और गांव में खुशी की लहर दौड़ गई है. परिजन उसे लेकर वारिसलीगंज थाने पहुंचे, जहां से न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया पूरी की. इसके बाद बालक को औपचारिक रूप से परिजनों को सौंप दिया. 

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कुम्भ मेला बना खुशियों का जरिया

अमरजीत की मां काजल देवी ने बताया कि आठ महीने के इस कठिन समय में वह और उनके परिवार के लोग बेहद परेशान रहे. इस दौरान साइबर ठगों ने बच्चे को खोजने का झांसा देकर उनसे 10 हजार रुपये ठग लिए. ठगों ने UPI के माध्यम से दो लाख रुपये की मांग की थी, लेकिन परिवार आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण सिर्फ 10 हजार ही दे सका. इसके बावजूद बेटे का कहीं पता नहीं चल पाया. लेकिन कुंभ मेला उनके परिवार के लिए खुशियों का जरिया बना और गांव के रहने वाले दिलीप दास. डॉ. शंभू शरण, कारू दास, प्रभात, राजा, अर्जुन, किशोरी पासवान और धोना दास की वजह से उनका खोया हुआ बेटा उन्हें फिर से मिल पाया है. 

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Prashant Tiwari

लेखक के बारे में

By Prashant Tiwari

प्रशांत तिवारी डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत पंजाब केसरी से करके राजस्थान पत्रिका होते हुए फिलहाल प्रभात खबर डिजिटल के बिहार टीम तक पहुंचे हैं, देश और राज्य की राजनीति में गहरी दिलचस्पी रखते हैं. साथ ही अभी पत्रकारिता की बारीकियों को सीखने में जुटे हुए हैं.

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