ePaper

कोर्ट ने दामाद और समधी को सुनाई उम्रकैद की सजा, तीनों दोषियों पर जुर्माना भी, जानें हैरान करने वाला मामला

Updated at : 09 Jun 2025 5:05 PM (IST)
विज्ञापन
सांकेतिक फोटो

सांकेतिक फोटो

Nalanda News: अदालत ने अभियुक्त धनुषधारी यादव को शस्त्र अधिनियम के तहत 5 वर्ष का कठोर कारावास एवं 10,000 रुपये जुर्माने की सजा भी सुनाई है. यह राशि न भरने पर अतिरिक्त 3 महीने की सजा होगी. सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी.

विज्ञापन

Nalanda News: नालंदा में जिला कोर्ट ने एक पारिवारिक विवाद में पिता की हत्या के मामले में सोमवार को ऐतिहासिक फैसला सुनाया. सोमवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम संजीव कुमार सिंह की अदालत ने दामाद लल्लू यादव, समधी राजबल्लभ यादव, और एक अन्य अभियुक्त धनुषधारी यादव को उम्रकैद की सजा सुनाते हुए 50-50 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है. जुर्माना अदा नहीं करने की स्थिति में दोषियों को अतिरिक्त 6 माह का साधारण कारावास भुगतना होगा.

कब का है मामला

मामला वर्ष 2019 में दर्ज किया गया था, जिसमें सूचक जीतू कुमार ने आरोप लगाया था कि उसकी बहन निशा कुमारी उर्फ प्रीति को शादी के बाद से ही दामाद लल्लू यादव और उसके परिवार वालों द्वारा प्रताड़ित किया जा रहा था. पति लल्लू यादव, निशा को उसके ससुराल लोदीपुर, शेखपुरा नहीं ले जा रहा था, जिससे दोनों परिवारों में विवाद गहराता गया.

इस पारिवारिक तनाव ने एक हिंसक मोड़ तब ले लिया जब 22 जुलाई 2019 की शाम करीब 5:30 बजे, सूचक जीतू कुमार अपने पिता मनोहर यादव के साथ ग्राम हुसैना बीघा में घी लेने जा रहा था. गांव के हरखित दास के घर के पास पहले से घात लगाए बैठे अभियुक्तों ने मनोहर यादव को सीने में गोली मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी.

लल्लू यादव (दामाद), राजबल्लभ यादव (समधी), धनुषधारी यादव (सह-अभियुक्त, पटना जिले के सरकरायनगर निवासी). लल्लू यादव और राजबल्लभ यादव, शेखपुरा जिले के लोदीपुर गांव के निवासी हैं. मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कुल छह गवाहों ने अदालत में बयान दर्ज कराया. अभियोजन का नेतृत्व अधिवक्ता श्री कुमार ने किया, जबकि आरोपितों की ओर से अधिवक्ता दीपक कुमार रस्तोगी एवं कनीय अधिवक्ता प्रमोद कुमार ने पक्ष रखा.

बिहार की ताजा खबरों के लिए क्लिक करें

कोर्ट ने इसे गंभीर आपराधिक कृत्य बताया

न्यायालय ने अपने फैसले में कहा कि घरेलू विवाद को हिंसा और हत्या में बदल देना एक गंभीर आपराधिक कृत्य है, जिसे समाज में कोई स्थान नहीं मिल सकता. इस फैसले को पीड़ित परिवार के लिए न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. सूचक जीतू कुमार ने अदालत के फैसले पर संतोष जताते हुए कहा कि पिता की हत्या के पीछे जिन लोगों का हाथ था, आज उन्हें कानून ने सजा दी है.

इसे भी पढ़ें: बिहार के इन जिलों में लगातार 2 दिन आंधी-तूफान के साथ होगी बारिश, IMD ने जारी किया डबल अलर्ट

विज्ञापन
Paritosh Shahi

लेखक के बारे में

By Paritosh Shahi

परितोष शाही डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. अभी प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम में काम कर रहे हैं. देश और राज्य की राजनीति, सिनेमा और खेल (क्रिकेट) में रुचि रखते हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन