डेली रेजिमेन के तहत खाएं दवा, टीबी से जल्द पाएं छुटकारा
Updated at : 04 Jan 2017 3:20 AM (IST)
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जागरूक विभाग को प्राप्त हुईंं जीवनरक्षक दवाइयां, बीमारी पर काबू पाने में हुई सहूलियत बहुत जल्द शुरू होगा डेली रेजिमन कार्यक्रम बिहारशरीफ : टीबी बीमारी के मरीज डेली रेजिमेन के तहत जीवनरक्षक दवाइयां खाएं और रोग से चंगा होकर स्वस्थ हों. मरीजों को बेहतर चिकित्सा सेवा प्रदान करने के लिए यह व्यवस्था बहुत जल्द ही […]
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जागरूक विभाग को प्राप्त हुईंं जीवनरक्षक दवाइयां, बीमारी पर काबू पाने में हुई सहूलियत
बहुत जल्द शुरू होगा डेली रेजिमन कार्यक्रम
बिहारशरीफ : टीबी बीमारी के मरीज डेली रेजिमेन के तहत जीवनरक्षक दवाइयां खाएं और रोग से चंगा होकर स्वस्थ हों. मरीजों को बेहतर चिकित्सा सेवा प्रदान करने के लिए यह व्यवस्था बहुत जल्द ही सरकार की ओर से लागू होने जा रही है. निकट भविष्य में यक्ष्मा के मरीजों को डेली रेजिमेन के तहत जीवनरक्षक दवा खिलाने का काम भी श्रीगणेश होनेवाला है. इस कार्यक्रम को मृर्तरूप देने की सभी तरह की तैयारी सरकार व विभाग की ओर से पूरी कर ली गयी है.
हर डीएमसी को उपलब्ध करायी जायेगी दवा : डेली रेजिमेन के तहत टीबी के मरीजों को दवा देने के लिए जिले के हर अस्पताल को इसकी दवाइयां उपलब्ध करायी जायेंगी. जिला यक्ष्मा केंद्र की ओर से इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है. जिले के प्रत्येक ट्रीटमेंट यूनिट व डीएमसी में डेली रेजिमेन की दवा भेजी जायेगी, ताकी संबंधित यूनिट में इलाजरत व नये मरीजों की पहचान होने पर आसानी रूप से जीवनरक्षक दवाइयां उपलब्ध करायी जा सकें. अभी टीबी के मरीज एक दिन बीच होकर सरकारी दवा का सेवन कर रहे हैं. नयी व्यवस्था लागू हो जाने के बाद अस्पताल में इलाज करानेवाले टीबी के मरीज हर रोज इसकी दवा का सेवन कर पायेंगे.
डिफॉल्टर होने से बचेंगे मरीज : यह नयी व्यवस्था लागू हो जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग को टीबी रोगों पर काबू पाना पहले से काफी आसान हो जायेगा. साथ ही मरीज डिफॉल्टर होने से भी बचेंगे. आएनटीसीपी पुनरीक्षित यक्ष्मा राष्ट्रीय कार्यक्रम की नयी व्यवस्था के तहत मरीजों को बीमारी से मुक्त यानी स्वस्थ होने के लिए हर रोज इसकी दवा का सेवन कर पायेंगे. डेली रेजिमेन कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी (यक्ष्मा) की ओर से जिला यक्ष्मा केंद्र, नालंदा को जीवनरक्षक दवाइयां प्राप्त हो गयीं.
नालंदा में 26 डीएमसी हैं संचालित : नालंदा जिले में टीबी के इलाज के लिए कुल 26 डीएमसी संचालित हैं. यानी हर पीएचसी के तहत डीएमसी संचालित हो रहे हैं. इसके अलावा छह अन्य अस्पतालों में डीएमसी संचालित हो रहे हैं. जैसे रेफरल, अनुमंडलीय अस्पताल व जिला यक्ष्मा केंद्र शामिल हैं. इन डीएमसी में मरीजों के बलगम की जांच की सुविधा उपलब्ध है. साथ ही ट्रीटमेंट यूनिट भी काम कर रही हैं. इन संस्थानों में इलाज के साथ-साथ जांच की नि:शुल्क सुविधाएं मरीजों को उपलब्ध करायी जा रही हैं.
क्या कहते हैं अधिकारी
डेली रेजीमेन कार्यक्रम को संचालित करने के लिए जिला यक्ष्मा केंद्र को दवा उपलब्ध हो गयी है. राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी (यक्ष्मा) से आदेश प्राप्त होते ही जिले में इसकी शुरुआत कर दी जायेगी. मरीजों को डेली रेजीमेन की दवा विभाग की ओर से चिकित्सकों के सलाह के मुताबिक उपलब्ध करायी जायेगी. टीबी के मरीजों के बलगम जांच की उत्तम व्यवस्था है. जिला यक्ष्मा केंद्र में सीबीनैट मशीन लगी हुई है. इसकी सुविधा मरीजों को नि:शुल्क उपलब्ध करायी जा रही है.
डॉ रवींद्र कुमार, जिला यक्ष्मा पदाधिकारी, नालंदा
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