जौंडिस मरीजों को नहीं खिलाएं लेप्रोसी की दवा
Updated at : 21 Jul 2016 4:29 AM (IST)
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दवा खिलाने वक्त आशा व कर्मी रखें इस बात की ध्यान पांच साल तक के बच्चों को आधी गोली ही खिलाएं बिहारशरीफ : जौंडिस के मरीजों को अगर लेप्रोसी भी है तो इस स्थिति में उसे हरगिज लेप्रोसी से निजात दिलाने वाली एमडीटी दवा नहीं खिलायें. पहले मरीज जौंडिस का सही रूप से इलाज करावें. […]
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दवा खिलाने वक्त आशा व कर्मी रखें इस बात की ध्यान
पांच साल तक के बच्चों को आधी गोली ही खिलाएं
बिहारशरीफ : जौंडिस के मरीजों को अगर लेप्रोसी भी है तो इस स्थिति में उसे हरगिज लेप्रोसी से निजात दिलाने वाली एमडीटी दवा नहीं खिलायें. पहले मरीज जौंडिस का सही रूप से इलाज करावें. जौंडिस ठीक हो जाने के बाद ही उसे चिकित्सीय सलाह के अनुसार लेप्रोसी की दवा दी जा सकती है.
लेप्रोसी के कर्मी क्षेत्रों में मरीजों को दवा उपलब्ध कराने के पहले इस बात की पूरी तरह से जांच परख कर लें. सदर अस्पताल के परिसर में संचालित जिला स्वास्थ्य समिति के सभागार में लेप्रोसी के लक्षण व बचाव के लिए एएनएम व कर्मियों के प्रशिक्षण में यह जानकारी बुधवार को लेप्रोसी विभाग के चिकित्सा पर्यवेक्षक उमेश प्रसाद ने दी.
ट्रेनिंग में स्वास्थ्य कर्मचारियों को यह भी जानकारी दी कि लेप्रोसी से पीड़ित पांच साल तक के बच्चों को एमडीटी की दवा सिर्फ आधी गोली ही खिलायी जाये. वह भी एक दिन बीच कर.
श्री प्रसाद ने कहा कि जौंडिस वाले मरीजों को लीवर ठीक करना पहले जरूरी है. आशा क्षेत्रों में लेप्रोसी के मरीजों को दवा खिलाने का भी काम करती है.
अतएव उक्त बिंदु पर विशेष ध्यान दें कि बच्चे की उम्र पांच है तो एक दिन बीच कर आधी गोली खिलायें. महीने में कोर्स के मुताबिक दवा खिलाने के बाद जो शेष दवा बच जाये तो उसे अस्पताल को वापस कर दें. बच्चे के अभिभावक भी जागरूक होकर दवा खिलायें.
दूसरे बैच का प्रशिक्षण शुरू
राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन अभियान के तहत दूसरे बैच के एएनएम,हेल्थ एजुकेटर व कर्मियों को ट्रेनिंग देने का काम बुधवार से शुरू हुआ. इस बैच में 30 स्वास्थ्य कर्मियों को शामिल किया गया है. पहले बैच के कर्मियों की ट्रेनिंग मंगलवार को खत्म हो गयी. प्रशिक्षत कर्मचारी अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर लेप्रोसी के संदिग्ध मरीजों की पहचान करेंगे. इस अवसर पर अजय कुमार पांडेय,के सुधाकर आदि लोगों ने भी कर्मियों को इसके गुर बताये.
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