सुखद. मत्स्यपालन पर सरकार देगी 90 फीसदी का अनुदान

Updated at : 11 Mar 2016 5:11 AM (IST)
विज्ञापन
सुखद. मत्स्यपालन पर सरकार देगी 90 फीसदी का अनुदान

महज दस फीसदी खर्च, कमाई अच्छी सरकार मत्स्य पालन को व्यवसाय का रूप देना चाहती है. इसलिए मत्स्यपालकों को बढ़ावा देने के लिए विशेष योजनाएं लागू कर रखी हैं. मत्स्यपालकों को महज दस फीसदी पूंजी खर्च कर तालाब का निर्माण करवाना है. शेष नब्बे फीसदी सरकार अनुदान के तौर पर देगी. बिहारशरीफ : यदि आप […]

विज्ञापन

महज दस फीसदी खर्च, कमाई अच्छी

सरकार मत्स्य पालन को व्यवसाय का रूप देना चाहती है. इसलिए मत्स्यपालकों को बढ़ावा देने के लिए विशेष योजनाएं लागू कर रखी हैं. मत्स्यपालकों को महज दस फीसदी पूंजी खर्च कर तालाब का निर्माण करवाना है. शेष नब्बे फीसदी सरकार अनुदान के तौर पर देगी.
बिहारशरीफ : यदि आप अनुसूचित जाति से संबंध रखते हैं और रोजगार पाना चाहते हैं, तो कहीं और भटकने की जरूरत नहीं. बस इसके लिए आपको जिला मत्स्य विभाग से संपर्क करना होगा. सरकार ने इसके लिए विशेष योजनाएं लागू कर रखी हैं. खास कर जो लोग मछली उत्पादन से लगाव रखते हैं, उनके लिए और भी खुशखबरी है.
ऐसे लोग तालाब का निर्माण कर मछलीपालन कर अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकते हैं. इसके लिए सरकार ने मुकम्मल व्यवस्था कर रखी है. यानि की आप अपने स्तर से महज दस फीसदी पूंजी लगाएं और अच्छी कमाई करें. जी हां, यह पूरी तरह से सत्य है. मछली पालने के लिए तालाब निर्माण पर मत्स्य विभाग की ओर से 90 फीसदी अनुदान उपलब्ध कराये जायेंगे. महज दस प्रतिशत ही घर से पूंजी लगानी होगी.
मत्स्यपालकों को तालाब की खुदाई पर सरकार मेहरबान
14 एकड़ में नर्सरी तालाब निर्माण का लक्ष्य
अनुसूचित जाति के लाभुकों को मत्स्य योजना का लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से जिले में 14 एकड़ भूमि में नर्सरी (तालाब) का निर्माण करने का लक्ष्य रखा गया है. 50 डिसमिल में नर्सरी बनायी जायेगी. प्रति इकाई पर एक लाख 51 हजार रुपये खर्च किये जायेंगे, जिसमें 90 फीसदी अनुदान की राशि देय होगी.
22 ट्यूबवेलों का होगा निर्माण
मुख्यमंत्री मत्स्य विकास परियोजना के तहत अनुसूचित जाति को लाभांवित करने के लिए जिले में 22 ट्यूबवेल का निर्माण किया जायेगा, ताकि मत्स्यपालकों को तालाब में पानी जमा करने में परेशानी न हो. प्रत्येक ट्यूबवेल निर्माण पर 50 हजार रुपये खर्च होंगे. इस पर सरकार की ओर से 90 प्रतिशत अनुदान मिलेगा.
लाभुकों को पंपसेट भी मिलेगा
अनुसूचित जाति के मत्स्यपालकों को तालाब में पानी भरने के लिए पंपसेट भी उपलब्ध कराये जाने की योजना है. इसके तहत 28 पंपसेट देने की व्यवस्था सरकार की ओर से की गयी है. प्रति पंपसेट पर 25 हजार की लागत आयेगी. लेकिन, लाभुकाें को प्रत्येक सेट पर महज दस प्रतिशत राशी ही अपने स्तर से खर्च करनी होगी. शेष राशि की व्यवस्था अनुदान से होगी.
पहले आओ और ‘पहले पाओ’ के तर्ज पर मिलेगा लाभ
मत्स्यपालन की इच्छा रखनेवाले लाभुकों को ‘पहले आओ और पहले पाओ’ की तर्ज पर योजना के लाभ दिये जायेंगे. अर्थात योजना का लाभ लेने के लिए मत्स्यपालकों को पहले विभाग में अपना आवेदन जमा करना होगा. चयनित लाभुकों को हर हाल में योजना का लाभ दिया जायेगा.
अशोक कुमार सिन्हा, जिला मत्स्य पदाधिकारी, नालंदा
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन