जल संरक्षण के लिए बनेंगे चेक डैम

Updated at : 12 Feb 2016 4:05 AM (IST)
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जल संरक्षण के लिए बनेंगे चेक डैम

मिशन मोड में कराये जायेंगे कार्य बहुउपयोगी होंगे चेक डैम बिहारशरीफ : बाढ़ व सूखाड़ से राहत दिये जाने के लिए बहु उपयोगी जिला प्रशासन द्वारा बनायी है. सूखे राहत दिलाये जाने व बरसात के पानी को संरक्षित करने के लिए जिले में चेक डैम बनाया जायेगा. जिला ग्रामीण विकास विभाग द्वारा योजना का प्लान […]

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मिशन मोड में कराये जायेंगे कार्य

बहुउपयोगी होंगे चेक डैम
बिहारशरीफ : बाढ़ व सूखाड़ से राहत दिये जाने के लिए बहु उपयोगी जिला प्रशासन द्वारा बनायी है. सूखे राहत दिलाये जाने व बरसात के पानी को संरक्षित करने के लिए जिले में चेक डैम बनाया जायेगा. जिला ग्रामीण विकास विभाग द्वारा योजना का प्लान तैयार किया गया है. इस योजना को मिशन मोड में धरातल पर उतारा जायेगा. जिला विकास अभिकरण के इंजीनियरों से जिले के नदी, आहर व नहरों का सर्वे कराकर विस्तृत रिपोर्ट तैयार कराया जा रहा है. जिले के सभी क्षेत्रों में चेक डैम बनाने की योजना है.
मिशन मोड में कराये जायेंगे काम:जिले में जल संरक्षण के लिए चेक डैम की योजना नालंदा जिला प्रशासन की सोच है.. मिशन मोड में जिले में कार्य कराये जायेंगे. योजना का जिले में बहुउपयोगी होने के साथ ही यह तरह से फायदेमंद होगा. हल्की बारिश में जिले की नदियों में जहां उफान आने से फसलों को नुकसान उठाना पड़ता है. वहीं नदी के पानी
े ठहराव नहीं होने से सुखाड़ का सामना लोगों को उठाना पड़ता है. नदी आहरों व नहरों के सुख जाने से फसल भी नष्ट हो जाती है. वही जमीनी जल स्तर भी नीचे चला जाता है. जिले े कई भागों में जल स्तर इतना नीचे चला जाता है कि पीने की पानी के लिए लोगांे को परेशानी होती है.
कई तरह से जिले के लोगों को होगा फायदा: इस योजना के कई फायदे होगेे
चेक डैम बनने से बर्षा के पानी का कई माह तक संरक्षित रहेगा. नदियों में चेक डैम बनने से उसके आस-पास के खेतों का पटवन भी हो सकेंगा. इतना ही नहीं आस-आस क्षेत्र के जलस्तर भी बरकरार रहेगा. योजना को धरातल पर उतारने के लिए मशीन के साथ पर श्रम शक्ति का इस्तेमाल किया जायेगा.
मनरेगा से कराये जायेंगे काम:
मनरेगा से जिले में चेक डैम बनाये जायेंगे. मनरेगा से काम होने से मजदूरों को काम मिल जायेगा वहीं योजना के रुपये का इस्तेमाल एक नेक काम में लगेगा. मनरेगा से वैसे भी कच्चा काम ज्यादा कराने का प्रावधान है. पानी ठहराव के लिए नदियों की मिटृटी के कटाव मिटृटी भराई से लेकर सभी कार्य मजदूरों से ही कराये जायेंगे. इस योजना से मजदूरों को भी सहजता से काम मिल जायेगा.
जिले के लिए होगी ड्रीम प्रोजेक्ट:
इस योजना की परिकल्पना डीडीसी कुदन कुमार ने तैयार किया है. उनकी सोच है कि मनरेगा से सालों भर तो होता है. कुछ ऐसा किया जाये जो लंबे समय पर काम आये. पानी सबसे महत्वपूर्ण है. मनुष्य, पशु व फसलों सभी लिए. बरसात के दिनों में बरसात में बाढ़ तो उसके बाद फसलों को सुखाड़ का सामना करना पड़ता है.
उन्होंने बताया कि सहायक अभियंता विनोद कुमार सिन्हा को प्रोजेक्ट का प्रारूप बनाने के लिए कहा गया है. मनरेगा के सभी जेई को इस काम में लगा दिया गया है. दस दिन में प्रोजेक्ट बनाकर भेजने का आदेश दिया गया है. इसके बाद योजना की मंजूरी के देकर कार्य को शुरू करा दिया जायेगा. बरसात के पहले चेेक डैम बनाने का लक्ष्य है. उन्होंने बताया कि वैसे तो मनरेगा के पैसे से काम कराये जायेंगे.अन्य विभागों के सहयोग लेकर कार्य कराये जायेगे.
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