आंगनबाड़ी केंद्र की सेविकाओं को मिले हक
Updated at : 08 Dec 2013 11:04 PM (IST)
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संवाददाता, बिहारशरीफ (नालंदा) स्थानीय श्रम कल्याण केंद्र के मैदान में रविवार को बिहार राज्य आंगनबाड़ी कर्मचारी यूनियन के सदस्यों ने बैठक की. बैठक में वक्ताओं ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र की सेविकाओं एवं सहायिकाओं सहित देश के श्रमिक वर्गो के अधिकारों पर नयी आर्थिक नीति, वैश्वीकरण, उदारीकरण, निजीकरण के द्वारा हमला किया जा रहाहै. उनके […]
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संवाददाता, बिहारशरीफ (नालंदा)
स्थानीय श्रम कल्याण केंद्र के मैदान में रविवार को बिहार राज्य आंगनबाड़ी कर्मचारी यूनियन के सदस्यों ने बैठक की. बैठक में वक्ताओं ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र की सेविकाओं एवं सहायिकाओं सहित देश के श्रमिक वर्गो के अधिकारों पर नयी आर्थिक नीति, वैश्वीकरण, उदारीकरण, निजीकरण के द्वारा हमला किया जा रहाहै. उनके अधिकारों में कटौती कर उन्हें सुविधाओं से वंचित किया जा रहा है. जीविकोपार्जन के लिए उन्हें उचित पारिश्रमिक भी नहीं दिया जा रहा है. आंगनबाड़ी केंद्र की सेविका एवं सहायिका से संबंधित मांगों पर सुनवाई नही हो रही है. यूनियन के महासचिव कुमार विंदेश्वर सिंह ने कहा कि गोवा व अन्य राज्यों की तरह बिहार सरकार द्वारा घोषणा के बावजूद अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि नहीं दी जा रही है. उन्हें सरकारी कर्मचारी का दर्जा देना तो दूर, न्यूनतम मजदूरी के समान मानदेय या सामाजिक सुरक्षा का लाभ भी नहीं दिया जा रहा है. सुनियोजित साजिश के तहत गलत, व मनगढ़ंत आरोप लगा कर आंगनबाड़ी केंद्र की सेविकाओं से रिकवरी की जा रही है तथा उनका चयन रद्द किया जा रहा है. अब तो पोषाहार के कार्य संचालन भी एनजीओ व जीविका को सौंपने की साजिश हो रही है. वक्ताओं ने केंद्रीय श्रमिक संगठनों द्वारा 10 सूत्री मांगों को लेकर 12 दिसंबर को संसद भवन के समक्ष आयोजित प्रदर्शन में जिले की सेविकाओं एवं सहायिकाओं से बढ़-चढ़ कर भाग लेने की अपील की. बैठक में मांगों को लेकर 10 से 14 दिसंबर तक केंद्र बंद रखने का निर्णय लिया गया. बैठक में यूनियन के प्रतिनिधियों का भी चयन किया गया. सुमित्र देवी को अध्यक्ष एवं रूबी कुमारी को कोषाध्यक्ष चुना गया.
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