कई अस्पतालों में होंगे नये प्रभारी!

बिहारशरीफ : जिले में चिकित्सा व्यवस्था को और सुदृढ़ करने के लिए विभागीय पहल तेज कर दी गयी है. विभाग की कार्य योजना है कि मरीजों को सुलभ और बेहतर चिकित्सा सेवा ससमय उपलब्ध करायी जाये. विभाग की इस कार्य योजना के तहत जिले के कई सरकारी अस्पतालों में नये प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी तैनात किये […]
बिहारशरीफ : जिले में चिकित्सा व्यवस्था को और सुदृढ़ करने के लिए विभागीय पहल तेज कर दी गयी है. विभाग की कार्य योजना है कि मरीजों को सुलभ और बेहतर चिकित्सा सेवा ससमय उपलब्ध करायी जाये. विभाग की इस कार्य योजना के तहत जिले के कई सरकारी अस्पतालों में नये प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी तैनात किये जायेंगे.
संभावना है कि निकट भविष्य में जिला स्वास्थ्य विभाग में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी में फेरबदल होगा. स्वास्थ्य विभाग को सही तरीके से क्रियान्वित करने में शिथिलता बरतने वाले प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों की कुर्सी गंवानी पड़ सकती है, तो बेहतर काम करने वाले चिकित्सकों को प्रोत्साहित करते हुए प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी की कमान मिल सकती है.
सिविल सर्जन वर्तमान प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों के कार्यों की समीक्षा करने में लगे हैं. जिनके कार्य संतोषप्रद पाये जायेंगे, उनकी कुर्सी कार्य संतोषप्रद पाये जायेंगे.
उनकी कुर्सी तो सही सलामत रहेगी. लेकिन जिनकी कार्य सम्मानजनक नहीं पाये जायेंगे. उनकी कुर्सी खतरे में पड़ जायेगी. जिले में बीस प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और दो रेफरल अस्पताल हैं. जिले में इस्मालपुर एवं अस्थावां में रेफरल अस्पताल हैं. इन जगहों पर पीएचसी भी हैं.
सूत्रों की मानें तो प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों के फेरबदल करने के लिए कर्मियों के गुण दोष के आधार पर सूची बनाने का काम शुरू कर दिया गया है. गुण दोष के आधार पर ही अस्पतालों में नये प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों की तैनाती होने की पूरी उम्मीद हैं.
कई मेडिकल अफसर भी होंगे फेरबदल:
जिले के सरकारी अस्पतालों की बेहतर चिकित्सा व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए मेडिकल अफसरों को भी एक स्थान से दूसरे स्थान पर तैनाती की जायेगी. इसके लिए यह मापदंड अपनाया जा रहा कि जिसे अस्पताल में चिकित्सक अधिक है. और कहीं जरूरत के मुताबिक कम हैं. इसकी भरपाई के लिए कम वाले अस्पतालों में डॉक्टरों की तैनाती की जायेगी.
यानी की सभी अस्पतालों में मरीजों को सुलभ तरीके से इलाज की सुविधा मिले. इसके लिए डॉक्टरों की पदस्थापना में समानता हो. ताकि बीमार मरीजों को चिकित्सा कराने में किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा.
जिले के कई ऐसे अस्पताल हैं, जहां डॉक्टरों की भारी कमी है. किसी अस्पताल में एक-दो ही चिकित्सक पदस्थापित हैं. जिन अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी है. ऐसे क्षेत्र के मरीज इलाज कराने के लिए सदर अस्पताल आने को विवश हो रहे हैं.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




