भावुक हुए परिजन

By Prabhat Khabar Digital Desk
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दिलीप / विपिन,सरमेरा(नालंदा)

नालंदा पहुंचे नरेंद्र मोदी ने परिजनों के साथ आम लोगों के दिलो-दिमाग पर अमिट छाप छोड़ने का काम किया है. श्री मोदी की एक झलक पाने के लिए जमा लोगों की भीड़ की आंखों में ऐसे भाव दिख रहे थे, मानो वे उन्हें अपना भावी पीएम के रूप में देख रहे हों. शनिवार की दोपहर तक हैलीपैड की चारों तरफ की गयी वैरिकेटिंग से करीब 100 गज के घेरे में सुरक्षा के मद्देनजर आम लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी गयी थी. हैलीपैड से घर तक सड़क से लेकर आसपास के खेतों में भी चप्पे-चप्पे पर सुरक्षाकर्मी मोरचा संभाले थे. बरबीघा-अहियापुर सड़क एवं सरमेरा-अहियापुर पथ को सील कर कड़ी निगरानी रखी जा रही थी. बावजूद हजारों की संख्या में दूर रह कर भी लोग श्री मोदी की एक झलक पाने को बेताब थे. हेलीकॉप्टर की आवाज करीब 2:25 बजे अपराह्न् सुनते हीं सुरक्षाकर्मी अलर्ट की मुद्रा में आ गये. हेलीकॉप्टर से नमो के साथ सुशील मोदी व नंद किशोर यादव के उतरते हीं लोग दूर से हीं स्वागत में नारेबाजी करने लगे. तीनों नेता एक साथ बुलेट प्रूफ कार से गांव में पहुंचे. गांव की पक्की सड़क पर कार से श्री मोदी करीब 2:30 बजे अपराह्न् उतरे तथा भाजपा के जिलाध्यक्ष इ रविशंकर सिंह व अन्य नेताओं का अभिवादन करते हुए मृतक राजेश घर की ओर पैदल चल दिये. मृतक के घर में पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी एवं नंद किशोर यादव, जिलाध्यक्ष इ रविशंकर के साथ नमो करीब 2:35 बजे प्रवेश किये तथा वहां करीब 15 मिनट रहने के बाद पैदल घर तक पहुंचे. इस दौरान रास्ते में इंतजार कर रहे लोगों का अभिवादन किया. श्री मोदी करीब 2:55 बजे अपराह्न् कार में बैठे तथा हैलीपैड के पास पहुंचे. श्री मोदी करीब तीन बजे अपराह्न् हेलीकॉप्टर से पटना के लिए रवाना हो गये.

बाबा ने जतायी नाराजगी

मृतक राजेश के रिश्ते में चचेरा बाबा लगनेवाले पड़ोसी गनौरी प्रसाद ने प्रशासन के रवैये पर काफी नाराजगी व्यक्त की. उन्होंने कहा कि श्री मोदी के आगमन के मौके पर घर से सबसे बुजुर्ग सदस्य रहने के बावजूद उन्हें मृतक के घर में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गयी. इसी प्रकार चचेरे भाई मनोज कुमार, रिश्ते में चाची देवयंती देवी ने भी इसी तरह की शिकायत करते हुए नाराजगी व्यक्त की. हालांकि मृतक की मामी सुनीता देवी व रूबी कुमारी, भाई मनीष कुमार ने श्री मोदी के आगमन पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि काफी दूर गुजरात से संवेदना प्रकट करने यहां पहुंच कर उन्होंने हमलोगों का दिल जीत लिया है. उन्हें इस बात पर आक्रोश व्यक्त किया कि बिहार में रहते हुए मुख्यमंत्री उनकी सुध लेने अब तक नहीं पहुंचे हैं.

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