मौसम की दगाबाजी से किसानों के होश उड़े

Updated at : 30 Jul 2013 10:46 PM (IST)
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मौसम की दगाबाजी से किसानों के होश उड़े

* अब तक लक्ष्य की दो फीसदी हुई है धान की रोपनी ।। अरुण कुमार ।। बिहारशरीफ (नालंदा) : कहा जाता है कि खेती एक जुआ है और इस जुए को खेलते रहना किसानों की मजबूरी है. मौसम ने साथ दिया तो किसानों की बल्ले–बल्ले और मौसम की दगाबाजी पर किसानों का सब कुछ स्वाहा. […]

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* अब तक लक्ष्य की दो फीसदी हुई है धान की रोपनी

।। अरुण कुमार ।।

बिहारशरीफ (नालंदा) : कहा जाता है कि खेती एक जुआ है और इस जुए को खेलते रहना किसानों की मजबूरी है. मौसम ने साथ दिया तो किसानों की बल्लेबल्ले और मौसम की दगाबाजी पर किसानों का सब कुछ स्वाहा. चालू खरीफ मौसम में शुरू से किसानों के साथ मौसम ने दगाबाजी की है. पहले तो धान के बिचड़े खेतों में बारिश के अभाव में काफी विलंब से डाले गये.

किसानों ने अपनी हिम्मत के सहारे किसी तरह खेतों में धान के बिचड़े डाल दिये और उसे किसी तरह बचाये रखा, लेकिन रोपनी का समय आया तो एक बार फिर से मौसम की दगाबाजी से किसान सिहरे हुए हैं. बारिश के अभाव में धान के तैयार बिचड़े खेतों में ही जड़िया रहे हैं.

मौसम को देखते हुए किसानों को अपने बलबूते पर धान की रोपनी करने की हिम्मत नहीं हो रही है. सावन मास में मौसम की यह स्थिति देख किसानों की हिम्मत जवाब देने लगी है.

* लक्ष्य है 1.30 लाख हेक्टेयर उपज करने का

जिले में इस वर्ष धान की रोपनी का लक्ष्य 1.30 लाख हेक्टेयर है. इनमें से 1.42 लाख एकड़ में श्री विधि से धान की रोपनी की जानी है. 26 हजार एकड़ में श्री विधि से धान का डिमॉन्सट्रेशन किया जाना है, जबकि 57 हजार एकड़ में हाइब्रिड धान लगाये जाने हैं. मौसम की दगाबाजी से अब तक लक्ष्य की मात्र दो फीसदी यानी 2807 हेक्टेयर में ही धान की रोपनी हो सकी है. बारिश के अभाव में किसान हल, ट्रैक्टर तैयार कर हाथ पर हाथ धरे बैठे रहने को विवश हैं.

* किसान मान चुके हैं सुखाड़

सुखाड़ है, यह सरकार माने या ना माने किसान पहले से ही मान चुके हैं. इस्लामपुर के बड़ाय गांव निवासी किसान सुनील कुमार, एकंगरसराय प्रखंड के तेल्हाड़ा निवासी रामेश्वर प्रसाद, हिलसा निवासी जंग बहादुर सिंह, करायपरशुराय के सांध गांव निवासी बलिराम प्रसाद, नगरनौसा के बलधासरैया गांव निवासी चक्रधर प्रसाद, चंडी के हसनी गांव निवासी रामेश्वर महतो, थरथरी के रामावतार शर्मा, हरनौत के कल्याण बिगहा निवासी योगेंद्र प्रसाद, नूरसराय के मेयार गांव के किसान राजकुमार प्रसाद, रहुई के खिदरचक निवासी शिवेंद्र कुमार सत्यार्थी, अस्थावां के गिलानी निवासी नरेश प्रसाद, सरमेरा के महेंद्र प्रसाद सिंह, कतरीसराय के मैदी निवासी किसान विंदेश्वर प्रसाद आदि ने बताया कि नालंदा पूरी तरह सुखाड़ की चपेट में है. सुखाड़ के काले साये ने किसानों के होश उड़ा दिये हैं.

* डीजल अनुदान को मान रहे अपर्याप्त

सुखाड़ को ध्यान में रख कर राज्य सरकार ने किसानों को राहत देने के लिए डीजल अनुदान देने की घोषणा की है. डीजल अनुदान के तहत जिले के लिए तीन करोड़ 12 लाख 75 हजार रुपये की स्वीकृति दी गयी है. एक करोड़ सात लाख 75 हजार रुपये का आवंटन भी प्राप्त हो चुका है. किसानों को प्रति एकड़ 250 रुपये डीजल अनुदान के रूप में मिलेंगे. राशि के वितरण की जिम्मेवारी प्रखंड स्तर पर बीडीओ, अनुमंडल स्तर पर एसडीओ को दी गयी है.

सुखाड़ को देखते हुए किसान डीजल अनुदान की राशि को अपर्याप्त मान रहे हैं. किसानों का कहना है कि डीजल की कीमत प्रति लीटर 54 रुपये से अधिक हैं. एक एकड़ खेत की पटवन में करीब 12 से 15 लीटर डीजल खर्च होता है. ऐसी स्थिति में निर्धारित अनुदान अपर्याप्त है.

‘‘ मौसम की दगाबाजी को देखते हुए कृषि विभाग की चिंता बढ़ गयी है. पांच अगस्त तक अगर बारिश नहीं होती है तो कम अवधि वाले धान के बिचड़े किसान लगा सकते है. इसके लिए मुख्यालय से कम अवधि वाले धान के बिचड़े उपलब्ध कराने का आग्रह किया गया है. इसके अलावा मुख्यालय से तोड़ी के बीज उपलब्ध कराने को कहा गया है.‘‘

एसके जयपुरियार, जिला कृषि पदाधिकारी, नालंदा

* जिले में धान की रोपनी का लक्ष्य 1.30 हेक्टेयर

* श्री विधि से धान की रोपनी 1.42 लाख एकड़

* श्री विधि से धान का प्रत्यक्षण 26 हजार एकड़

* श्री विधि से हाइब्रिड धान की रोपनी 57 हजार एकड़

* जिले में अब तक हुई धान की रोपनी 2807 हेक्टेयर

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