इ लाइब्रेरी के लिए मिलेंगे 25 लाख

Updated at : 15 Dec 2014 2:11 PM (IST)
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इ लाइब्रेरी के लिए मिलेंगे 25 लाख

बिहारशरीफ्र : किसी काम के लिए न रिश्वत दें और न लें. अगर आप इस राह पर चल पड़े तो यह निश्चित मानिए कि इससे न सिर्फ समाज, राज्य बल्कि पूरे देश का विकास हो जायेगा. अगर काम जायज होगा तो खुद ब खुद हो जायेगा. गलत होगा तो इस काम को पूरा करने के […]

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बिहारशरीफ्र : किसी काम के लिए न रिश्वत दें और न लें. अगर आप इस राह पर चल पड़े तो यह निश्चित मानिए कि इससे न सिर्फ समाज, राज्य बल्कि पूरे देश का विकास हो जायेगा. अगर काम जायज होगा तो खुद ब खुद हो जायेगा. गलत होगा तो इस काम को पूरा करने के लिए रिश्वत देना भी व्यर्थ हो जायेगा.
फिर आप किसी को क्यों रिश्वत देते हैं? बिहार के उच्च शिक्षा निदेशक प्रो एसएम करीम ने यह बातें कही. वे रविवार को स्थानीय नालंदा कॉलेज में स्मार्ट क्लासेज एवं ऑफिस आटोमेशन के उद्घाटन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे. उन्होंने कहा कि नालंदा कॉलेज का 144 वर्ष पुराना एवं गौरवशाली इतिहास रहा है. कॉलेज के संस्थापक रहे स्व. बाबू ऐदल सिंह की महानता की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने इस कॉलेज का नाम अपने नाम पर न रख ‘ नालंदा ’ पर रख पूरे जिले सहित आसपास के पड़ोसी जिलों में शिक्षा की लौ को रोशन किया है. श्री करीम ने कहा कि जब यह कॉलेज नैक में शामिल हो जायेगा तो यहां अभूतपूर्व विकास होगा.
इसलिए इस कॉलेज को इस लिस्ट में शामिल कराने के लिए सकरात्मक पहल की जरूरत है. उच्च शिक्षा निदेशक श्री करीम ने क्लास में परंपरागत कोर्स के विद्यार्थियों की उपस्थिति कम होने पर इसके लिए कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य प्रो. सच्चिदानंद सिंह से कॉलेज में कई स्कील प्रोग्राम से संबंधित कोर्स को प्रारंभ कर इससे ऐसे छात्रों को जोड़ने का सुझाव दिया. समारोह में मगध विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. डीके यादव ने कहा कि कई अंगीभूत कॉलेजों में शिक्षकों की कमी रही है.
इस कमी की भारपाई के लिए विभागीय स्तर पर काम हो रहा है. उन्होंने कहा कि नालंदा कॉलेज में कई विषयों की पीजी की पढ़ाई के लिए भी सरकार के यहां फाइल भेज दी गयी है. कुलसचिव श्री यादव ने कहा कि आज कई योजनाओं का लाभ देने के लिए यूजीसी तैयार है, लेकिन इसके लिए पहले कॉलेज को नैक सूची में शामिल कराने की जरूरत है. समारोह में आगत अतिथियों का स्वागत करते हुए कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य प्रो. सच्चिदानंद सिंह ने कहा कि 144 वर्ष के रहे नालंदा कॉलेज के इस शानदार सफरनामे में पूर्व के कई प्राचार्यो और कॉलेज कर्मियों का सकारात्मक योगदान रहा है. समारोह के पूर्व आगत अतिथियों को लेप्टीनेंट प्रमोद सिंह के नेतृत्व में किसान एवं पटेल कॉलेज के एनसीसी कैडेटसों ने स्कॉट कर समारोह स्थल तक लाया.
इसके पूर्व उच्च शिक्षा निदेशक प्रो.एसएम करीम एवं मगध विवि के कुलसचिव प्रो डीके यादव ने संयुक्त रूप से स्मार्ट क्लासेज एवं ऑफिस के ऑटोमेशन कार्य का उद्घाटन किया. समारोह को प्रो शैलेंद्र कुमार, नालंदा कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉ हरिद्वार सिंह, डॉ कमलदेव नारायण सिंह, डॉ मो मजहर हुसैन, डॉ स्वर्ण प्रभात, डॉ योगेंद्र प्रसाद, देवेंद्र सिंह, धर्मेद्र कुमार आदि ने भी संबोधित किया. समारोह की समाप्ति प्रो देवकीनंदन सिंह के धन्यवाद ज्ञापन से हुई. इस अवसर पर किसान कॉलेज के प्राचार्य दिलीप कुमार, पटेल कॉलेज के प्राचार्य प्रो आर केमजूमदार, बाढ़ कॉलेज के प्राचार्य प्रो महाराज सिंह, डॉ किरण व्यास, प्रो मंजू कुमारी, प्रो वीर अभिमन्यु सिंह सहित कई शिक्षक व शिक्षकेतर कर्मचारी सहित बड़ी संख्या में छात्र – छात्रएं उपस्थित थे.
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