जयपुर से मुक्त हुए बाल मजदूरों की काउंसेलिंग

Updated at : 16 Jul 2013 1:52 PM (IST)
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जयपुर से मुक्त हुए बाल मजदूरों की काउंसेलिंग

बिहारशरीफ (नालंदा) : हाल में जयपुर से मुक्त कराये गये बाल मजदूरों में ठेकेदारों का भय अब भी बना हुआ है. इन बच्चों को स्थानीय ठेकेदारों द्वारा अप्रत्यक्ष रूप से अब भी धमकी दी जा रही है तथा पुन: काम पर वापस लौटने को उन्हें व उनके अभिभावकों को उकसाया जा रहा है. इस बात […]

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बिहारशरीफ (नालंदा) : हाल में जयपुर से मुक्त कराये गये बाल मजदूरों में ठेकेदारों का भय अब भी बना हुआ है. इन बच्चों को स्थानीय ठेकेदारों द्वारा अप्रत्यक्ष रूप से अब भी धमकी दी जा रही है तथा पुन: काम पर वापस लौटने को उन्हें व उनके अभिभावकों को उकसाया जा रहा है.

इस बात का खुलासा सोमवार को जिला बाल अधिकार संरक्षण अधिकारी आदित्य सिद्धार्थ के समक्ष करीब आधा दर्जन बाल मजदूरों ने किया. श्री सिद्धार्थ ने बताया कि इन बच्चों में पढ़ाई के प्रति अनिच्छा व मन से भय को निकालने के लिए काउंसेलिंग की जा रही है. उन्होंने बताया कि इन बच्चों के साथ ही उनके अभिभावकों की काउंसेलिंग की जा रही है.

इसका सकारात्मक असर हुआ है. काउंसेलिंग में उपस्थित सभी छह बच्चे पढ़ने के लिए तैयार हो गये हैं. इन बच्चों को पढ़ाई व पुनर्वास के लिए आवश्यक कदम उठाये जा रहे हैं. साथ ही इन बच्चों व उनके अभिभावकों को धमकानेवाले ठेकेदारों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जा रही है.

काउंसेलिंग में उपस्थित बाल मजदूरों में इस्लामपुर प्रखंड के हरवशपुर गांव के किरण रविदास का पुत्र निवास कुमार एवं मनोज रविदास का पुत्र निवास कुमार एवं मनोज रविदास का पुत्र दीपक कुमार, मलविगहा गांव का मो. परवेज, चौरई गांव के नीतीश कुमार तथा कृष्णनंदन शामिल थे. इन सभी बच्चों का उम्र आठ से 10 वर्ष के बीच का है.

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