उत्पादन के लिए नर्सरी जरूरी

बिहारशरीफ (नालंदा) : श्री विधि से धान के प्रत्यक्षण के लिए पंचायत स्तर पर शिविर लगा कर कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा किसानों को पौधशाला (नर्सरी) तैयार करने, बीज उपचार व कीटनाशकों के उपयोग के तरीके बताये जा रहे हैं. रविवार को रहुई प्रखंड के अंबा, सुपासंग व पतासंग पंचायत में शिविर लगा कर कृषि […]
बिहारशरीफ (नालंदा) : श्री विधि से धान के प्रत्यक्षण के लिए पंचायत स्तर पर शिविर लगा कर कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा किसानों को पौधशाला (नर्सरी) तैयार करने, बीज उपचार व कीटनाशकों के उपयोग के तरीके बताये जा रहे हैं.
रविवार को रहुई प्रखंड के अंबा, सुपासंग व पतासंग पंचायत में शिविर लगा कर कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसानों को प्रशिक्षण दिया. प्रशिक्षण के इस प्रथम चरण में किसान लोग पौधा शाला निर्माण का प्रशिक्षण देते हुए राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के परामर्शदाता व नोडल पदाधिकारी कुमार किशोर नंदा ने किसानों को बताया कि एक एकड़ के लिए श्री विधि से धान के प्रत्यक्षण के लिए कीट व दवाइयां दी जाती है.
उन्होंने किसानों से नर्सरी के लिए 20 फुट लंबा एवं पांच फीट चौड़ा 4 बेड तैयार करने की जानकारी दी. बीज की छंटाई के लिए उन्होंने किसानों से अंडा विधि या आलू विधि अपनाने की सलाह देते हुए कहा कि इसके माध्यम से स्वस्थ बीज प्राप्त होते हैं.
फफूंदनाशक दवा का उपयोग बीज उपचार में करने पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि इससे फसल और कीड़ों व बीमारियों का प्रकोप नहीं होता है. उन्होंने किसानों को बताया कि करीब 50 हजार रुपये के सिंचाई पाइप की बिक्री हुई.
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