12 प्रखंडों में ही शिक्षक नियोजन

Updated at : 16 Jul 2013 1:50 PM (IST)
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12 प्रखंडों में ही शिक्षक नियोजन

बिहारशरीफ : समाहरणालय स्थित हरदेव भवन में मंगलवार को जिला पदाधिकारी बी. कार्तिकेय ने शिक्षा विभाग के कार्यो की समीक्षा की. विभाग के कार्यो की गहन समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि 20 प्रखंडों में से 13 प्रखंडों में प्रथम चरण के तहत शिक्षक नियोजन हो चुका है. समीक्षा के दौरान यह पाया गया […]

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बिहारशरीफ : समाहरणालय स्थित हरदेव भवन में मंगलवार को जिला पदाधिकारी बी. कार्तिकेय ने शिक्षा विभाग के कार्यो की समीक्षा की. विभाग के कार्यो की गहन समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि 20 प्रखंडों में से 13 प्रखंडों में प्रथम चरण के तहत शिक्षक नियोजन हो चुका है.

समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि 08 प्रखंडों में प्रथम चरण के तहत शिक्षक नियोजन नहीं हुआ है. जिन प्रखंडों में प्रथम चरण का शिक्षक नियोजन नहीं हुआ है ऐसे प्रखंडों में बिंद, राजगीर, हिलसा, नूरसराय, परबलपुर, करायपरशुराय, अस्थावां व बेन शामिल है. इन प्रखंडों को कड़ी कार्रवाई करने की चेतावनी दी गयी. कुछ प्रखंडों में दूसरे चरण के तहत शिक्षक नियोजन किये जाने की भी जानकारी मिली.

ऐसे प्रखंडों में रहुई व सरमेरा शामिल है. जिला पदाधिकारी ने रहुई व सरमेरा शामिल है. जिला पदाधिकारी ने जिन प्रखंडों में प्रथम चरण का भी नियोजन नहीं हुआ हे उन प्रखंडों को दो-तीन दिनों के अंदर प्रथम चरण के तहत शिक्षकों का नियोजन का कार्य पूरा कर लेने का निर्देश दिया गया.

नियोजन प्रक्रिया शुरू नहीं करने वाले प्रखंडों के नियोजन इकाइयों व बीइओ को कड़ी फटकार लगाते हुए डीएम ने उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने की चेतावनी दी. उन्होंने कहा कि बच्चों को शिक्षा के अधिकार में बाधा उत्पन्न करने वाले अधिकारियों व कर्मियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जायेगा. ऐसे लोगों के खिलाफ शिक्षा के अधिकार कानून के तहत कार्रवाई की जायेगी.

पंचायत नियोजन की समीक्षा के क्रम में यह ज्ञात हुआ कि 249 पंचायतों में से 32 पंचायतों में ही नियोजन हुआ है. जिला पदाधिकारी ने इस स्थिति को अत्यंत असंतोषजनक बताया. 249 पंचायत नियोजन इकाइयों में से 149 पंचायत नियोजन इकाइयों द्वारा मेधा सूची अनुमोदन कराया गया है, जबकि 97 पंचायत नियोजन इकाइयों की मेधा सूची का अनुमोदन प्रक्रियाधीन है. तीन पंचायत नियोजन इकाइयों द्वारा आज तक मेधा सूची अनुमोदन के लिए नहीं भेजा गया है.

ऐसे पंचायत नियोजन इकाइयों में इस्लामपुर का पचलोवा, रहुई का इमामगंज व चंडी का नसंडा पंचायत नियोजन इकाई शामिल हैं. जिलाधिकारी ने इन पंचायतों के नियोजन इकाइयों को दो तीन दिनों में मेधा सूची अनुमोदन के लिए जमा करने का आदेश दिया. मेधा सूची नहीं जमा करने पर इन पंचायत नियोजन इकाई के साथ संबंधित बीइओ पर कड़ी कार्रवाई की जायेगी.

जिला पदाधिकारी ने सभी लेखापाल को अपने-अपने प्रखंड के कम से कम 25 विद्यालयों की जांच करने व जांच प्रतिवेदन बैठक में पहले समर्पित करने का आदेश दिया. लंबित एसी-डीसी बिल के संबंध में अधिकारियों को शीघ्र बिल समर्पित करने का आदेश दिया गया.

इस बैठक में नवसृजित विद्यालयों के लिए भूमि की उपलब्धता, मिड डे मिल, केजीबी की अद्यतन स्थिति, अक्षर आंचल योजना, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, वैकल्पिक व नावाचारी शिक्षा आदि मुद्दों पर भी चर्चा की गयी. बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी देवशील, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी अशोक कुमार सिंह, रवि कुमार सिंह, पूनम कुमारी, सीमा रानी, रणविजय सिंह, सभी बीइओ, विभाग के इंजीनियर, लेखापाल आदि मौजूद थे.

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