23 बसावटों को पक्की सड़क से जोड़ने का नहीं मिला लाभ

By Prabhat Khabar Digital Desk
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बिहारशरीफ : प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत जिले के 917 बसावटों को पक्की सड़क से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन अभी तक 894 बसावटों को पक्की सड़क मिल गयी, जिसकी कुल लंबाई 1254 किमी सड़क निर्माण का कार्य पूरा कर लिया गया है. प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना में बसावटों को पक्की सड़क से जोड़ने का कार्य पहले तो बहुत ही तेजी से निकल गया, लेकिन समय बीतने के साथ कार्य में काफी शिथिलता आयी, जिससे अभी तक 23 बसावटों में सड़क जोड़ने का कार्य पूरा नहीं किया जा सका.

इसकी कुल लंबाई मात्र 2331 किमी की है. इस योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2016-2017 से 2019-20 तक का भौतिक लक्ष्य 243 बसावटों को पक्की सड़क से जोड़ना है. इसकी लंबाई 386.31 किमी की है. जबकि दिसंबर 2019 तक कुल 222 बसावटों में सड़क से जोड़ने का कार्य पूरा कर लिया गया, जिसकी कुल लंबाई 365.7 किमी की है.
इसी प्रकार मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत 1948 बसावटों को पक्की सड़क से जोड़ने का था, जिसकी लंबाई 2014 किमी की थी. इसमें अभी तक 1684 बसावटों को पक्की सड़क से जोड़ दिया गया है. इसकी कुल लंबाई 1356 किमी की है. जिले के 264 बसावट अभी भी पक्की सड़क से वंचित है.
इस 264 बसावटों में कुल 657 किमी पक्की सड़क बना दिया जाय तो सभी बसावटों को पक्की सड़क से जोड़ने का लक्ष्य पूरा हो जायेगा. इसके अलावे एक महत्वपूर्ण योजना ग्रामीण टोला संपर्क निश्चय येाजना के तहत 100 से अधिक आबादी वाले सभी बसावटों को पक्की सड़क से जोड़ने का है. इसमें मात्र 42 बसावट ही आते हैं, जिन सड़कों की लंबाई 33.63 किमी की है. इस योजना में अभी तक 29 बसावटों को पक्की सड़क से जोड़ दिया गया है.
इसकी कुल लंबाई मात्र 23 किमी की है. इस योजना के तहत 13 बसावटों को पक्की सड़क से जोड़ने का काम बाकी रह गया है, जिसकी लंबाई मात्र 9.71 किमी की है. गांव-गांव में सड़कों का जाल बिछ गया है. गांव के लोग बरसात में भी पक्की सड़क से यात्रा करते हैं, जिससे आवागमन में काफी सुविधा मिली है.
मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क योजना में 264 बसावट सड़क से वंचित
ग्रामीण टोला संपर्क निश्चय योजना में 13 बसावटों को नहीं मिली पक्की सड़कें
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